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एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्ताव पर बहसः मोदी के जुमला अस्त्र के शिकार सभी, राहुल ने कहा और ले ली प्रधानमंत्री की झप्पी

एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्ताव पर बहसः मोदी के जुमला अस्त्र के शिकार सभी, राहुल ने कहा और ले ली प्रधानमंत्री की झप्पी
नई दिल्लीः मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में शुक्रवार को सुबह 11 बजे से अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा चल रही है. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जय श्रीराम के नारे लगाए गए. स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने बहस बीच में रोकते हुए कहा 'जिस पर आप लोग आरोप लगाते हैं, उसे भी बोलने का अधिकार है'. उन्‍होंने लोकसभा सदस्‍यों से भाषा पर ध्‍यान देने और डेकोरम मेंटेने करने की अपील की. अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने बोलना शुरू किया है.

लोकसभा में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जहां तीखे आरोप-प्रत्यारोपों का दौर चला, तो वहीं कुछ ऐसे पल भी आए जब पूरा सदन हंसी के ठहाकों से गूंज उठा. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल के भाषण के दौरान दो बार कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. राहुल गांधी जब पीएम नरेंद्र मोदी पर तीखे वार कर रहे थे, तभी वह कुछ ऐसा शब्द बोल गए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी देर तक हंसते रह गए.

दरअसल राहुल गांधी मोदी की विदेश नीति का जिक्र करते हुए कह गए 'प्रधानमंत्री बाहर नहीं जाते हैं.' राहुल के यह बोलते ही सब हंसने लगे. इसके बाद तुरंत राहुल ने अपने वाक्य को सुधारते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री बाहर तो जाते हैं, लेकिन सिर्फ ओबामा जी से मिलने, ट्रंप जी से मिलने.'

राहुल के इस वाक्य को लेकर पूरा सदन तो हंसा ही, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काफी देर तक हंसते रहे. हालांकि, इसके बाद राहुल ने पीएम मोदी पर अपने हमले जारी रखे. राहुल ने राफेल डील, रोजगार जैसे कई मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरा.  

अपने भाषण में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बड़े कारोबारियों का सहयोग करते हैं लेकिन देश की गरीबों के लिए उनके दिल में जगह नहीं है.

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा 'अब पीएम मोदी ईमानदार नहीं रहे, इसलिए वह मुझसे नजर नहीं मिला पा रहे हैं'. राहुल गांधी ने कहा कि पूरे देश ने देखा कि मैंने साफ-साफ बोला है इसलिए मोदी मुझसे नजर नहीं मिला पा रहे हैं. राहुल के यह बोलते ही एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरा सदन हंसने लगा.

राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी बिना एजेंडे के चीन जाते हैं और डोकलाम पर बात नहीं करते हैं. उन्‍होंने सैनिकों के साथ धोखा किया है. राहुल गांधी ने कहा कि देश में लोग मारे जा रहे हैं, पीटे जा रहे हैं, कुचले जा रहे हैं लेकिन पीएम मोदी मुंह से एक शब्‍द नहीं निकाल रहे हैं.

राहुल गांधी ने कहा कि 'पीएम ने कहा था कि मैं चौकीदार हूं, लेकिन दोस्‍त (अमित शाह) के बेटे की आमदनी बढ़ी तो पीएम मोदी कुछ नहीं बोले'. राफेल सौदे पर भी राहुल ने सरकार पर निशाना साधा. उन्‍होंने कहा कि जब पीएम मोदी गए तो सौदे का बजट बढ़ा दिया गया. जादू से यह दाम 1600 करोड़ रुपये हो गया.

 राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी निशाना साधा. उन्‍होंने रक्षा मंत्री पर राफेल सौदे के सही दाम न बताने का आरोप लगाया. इस पर स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा 'राहुल ने बार-बार रक्षा मंत्री का नाम लिया है, इसलिए उन्‍हें जवाब देने का मौका दिया जाएगा'.

राहुल गांधी देश में महिलाओं के ऊपर अत्याचार, गैंगरेप और मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर पीएम मोदी और उनकी सरकार को घेर रहे थे और वह पीएम मोदी पर आरोप लगा रहे थे कि वह इन मुद्दों पर कभी कुछ नहीं बोलते. इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी, बीजेपी और आरएसएस का आभार व्यक्त किया और कहा कि इन लोगों ने उन्हें कांग्रेसी होने का मतलब समझाया.

उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष मिलकर प्रधानमंत्री को चुनाव में हराने जा रहे हैं. आप सोचेंगे कि मेरे दिल में प्रधानमंत्री के खिलाफ गुस्सा है, क्रोध है, मगर मैं दिल से कहता हूं कि मैं प्रधानमंत्री, बीजेपी और आरएसएस का आभारी हूं, जिन्होंने मुझे कांग्रेस होने का मतलब समझाया, इन्होंने मुझे हिंदुस्तानी होने का मतलब समझाया. हिंदुस्तानी होने का मतलब है कि चाहे कोई आलोचना करे, बुरा कहे, कुछ भी कहे, कुछ नहीं कहना है. अपना काम करते जाना है.

लोकसभा में अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चल रहे अपने भाषण के आखिर में राहुल गांधी ने कहा, 'आपके लिए मैं भले ही पप्‍पू हूं, आपके दिल में मेरे लिए नफरत हो सकती है, लेकिन मैं आपसे बहुत प्‍यार करता हूं.' बस इतना ही कहना था कि राहुल गांधी अपनी जगह छोड़कर प्रधानमंत्री मोदी के पास गए और उनसे हाथ मिलाते हुए उन्हें जादू की झप्‍पी दे दी. राहुल गांधी और पीएम मोदी को यूं गले लगता देख जैसे पूरा सदन हंस पड़ा. पीएम मोदी ने भी राहुल गांधी का मुस्‍कुराकर अभिवादन किया.

दरअसल, शुरुआत में पीएम मोदी समझ ही नहीं पाए कि आखिर राहुल उनके पास क्‍यों आए हैं. राहुल आए और उनसे कुछ कहा. जब तक पीएम मोदी कुछ समझ पाते, राहुल ने झुककर उन्‍हें गले लगा लिया और जाने लगे, लेकिन यह देखकर पीएम मोदी ने उन्‍हें फिर अपने पास बुलाया और उनसे हाथ मिलाया. जैसे ही राहुल गांधी ने पीएम मोदी को जादू की झप्पी दी और गले लगाया, वैसे ही पूरा माहौल तालियों की आवाज से गूंजने लगा. सदन में मौजूद सभी सांसद ठहाके लगाने लगे और तालियां बजाने लगे. ऐसे पल कांग्रेस और बीजेपी की राजनीति में कम ही देखने को मिलते हैं.

मुलायम सिंह ने कहा कि इस बहस में किसान का नाम लेने वाला कोई नहीं है. हमें शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी पड़ेगी. अमेरिका से इस क्षेत्र में सीखने की जरुरत है. हमारे यहां का किसान मेहनती है, जमीन उपजाऊ है लेकिन इसके बाद भी किसान परेशान है.

मुलायम सिंह ने कहा कि किसान, व्यापारी को सुविधा देनी पड़ेगी. नौजवानों की रोजगार देना पड़े हमारी यहीं मांग है. उन्होंने कहा कि दवाई, पढ़ाई, सिंचाई मुफ्त करके दिखाई थी लेकिन क्या यह सरकार इसको कर सकती है. उन्होंने कहा कि यूपी के सीएम क्या कर रहे हैं यह आपकी सरकार में बैठे लोगों तक को नहीं पता है. बेरोजगार नौजवानों के होते हुए देश कैसे संपन्न होगा.

मुलायम ने कहा कि यूपी में बीजेपी के लोग ही रो रहे हैं, अकेले में आपको नाम भी गिना सकता हूं. उन्होंने कहा कि हम तो चलो विपक्ष में हैं लेकिन योगी सरकार अपनी पार्टी के लोगों की ही नहीं सुन रही है.

मुलायम सिंह ने कहा कि देश में 2 करोड़ पढ़े-लिखे नौजवान बेरोजगार हैं उनके लिए कुछ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमने यूपी में यह करते दिखाया वहां युवाओं को नौकरी देने का काम किया. मुलायम ने कहा कि अब यूपी की सरकार में बीजेपी के लोग ही दुखी है वह किसी की भी नहीं सुन रही है.

लोकसभा में मुलायम सिंह ने कहा कि अगर सरकार किसान, नौजवानों के लिए कुछ कर दे तो ही काम हो जाए. उन्होंने कहा कि किसान की पैदावार को दोगुना कर दें तो किसान को बहुत राहत मिलेगी. मुलायम ने कहा कि किसान को पैदावार पर घाटा हो रहा और खाद से लेकर बीज, पानी, सिंचाई सब महंगी हो गई है.

लोकसभा में सौगात राय ने कहा कि एक है ललित मोदी और एक नीरव मोदी एक बड़ा मोदी...यही मोदी सिंडिकेट देश को लूट रहा. उन्होंने कहा पश्चिम बंगाल में रैली के लिए पीएम गुजरात वाले अपने मोटा भाई को भेजे, पीएम क्यों घूम-घूमकर रैली कर रहे हैं, यह शर्म की बात है. उन्होंने कहा कि पीएम को फेरी वाले की तरह घूमना नहीं चाहिए लेकिन आज पीएम को इसकी आदत पड़ गई है. आज पीएम की विदेश यात्रा पर 1800 करोड़ रुपये का खर्चा हुआ है.

लोकसभा में रक्षा मंत्री के बयान के बाद हंगामा, हरसिमरत कौर बादल ने राहुल के गले मिलने पर जताई आपत्ति. कहा कि ये संसद है ये मुन्नाभाई का पप्पी-झप्पी एरिया नहीं है.

लोकसभा में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए दस्तावेज दिखाए और उन्हें पटल पर रखने की बात कही. रक्षा मंत्री ने कहा कि मेरे पास तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी के दस्तखत वाले दस्तावेज हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में फ्रांस के राष्ट्रपति ने डील के बारे में कोई भी जानकारी देने से इनकार किया था.

अविश्वास प्रस्ताव से ठीक पहले शिवसेना ने मोदी सरकार को समर्थन नहीं करने का फैसला किया है. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग का बहिष्कार करेगी. राउत ने कहा कि वोटिंग के दौरान शिवसेना सांसद गैरहाजिर रहेंगे. इससे पहले आज सामना में लिखा गया है कि इस समय देश में तानाशाही चल रही है. इसका समर्थन करने की जगह वो जनता के साथ जाना चाहेगी.

अब तक माना जा रहा था कि शिव सेना सरकार के साथ जाएगी. गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उद्धव को फोन किया था. इसके बाद खबरें आईं थीं कि शिवसेना मोदी सरकार के समर्थन में वोट करेगी. लेकिन आज सामना में पार्टी ने अप्रत्यक्ष रूप से साफ कर दिया है कि वोटिंग में वो मोदी सरकार का समर्थन नहीं करेगी. हालांकि पार्टी ने अभी तक इसका औपचारिक ऐलान नहीं किया है.

एआईएडीएमके ने भी अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. पार्टी के 37 सांसदों का रुख क्या होगा, ये भी अभी तक साफ नहीं है. नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने उड़ीसा को नजरअंदाज किये जाने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉक आउट किया. बीजेडी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और में भाग नहीं लेगी.

केंद्रपड़ा से सांसद बैजयंत जय पांडा के इस्तीफे के बाद लोकसभा में बीजेडी के 19 सांसद हैं, जो सदन से वॉकआउट कर गए. बीजेडी के नेता भर्तृहरी महताब ने कहा कि पिछले 14 सालों में ओडिशा के साथ अन्याय हुआ है और केंद्र में बीजेपी सरकार राज्य के हितों की रक्षा करने में विफल रही है.

महताब ने कहा, "पिछले 14 वर्षों में बीजेडी ने देखा है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) ने 10 वर्षों तक और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने चार वर्षों से ओडिशा के साथ अन्याय किया है और इस चर्चा से ओडिशा को मदद नहीं मिलने जा रही. इसलिए हम इसमें हिस्सा नहीं लेने जा रहे."

कल ही बीजेडी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर लोकसभा में मौजूद रहने के लिए कहा था. अब बीजेडी ने वोटिंग के दौरान सदन में अनुपस्थित रहने का फैसला किया है. आपको बता दें की मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली टीडीपी ने बीजेडी से समर्थन की अपील की थी.

अविश्वास प्रस्ताव सरकार का इम्तिहान कम बल्कि विपक्ष की परीक्षा ज्यादा है, क्योंकि संख्या बल सरकार के साथ है. बस देखना दिलचस्प ये होगा कि सरकार के खिलाफ विपक्ष कितनी मजबूती से टिक पाता है. अविश्वास प्रस्ताव को कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्‍सवादी (माकपा) का समर्थन प्राप्त है.
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