मोदी सरकार के लिए फिर अमेरिका, गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि ट्रंप को बुलावा, 2015 में आए थे ओबामा

मोदी सरकार के लिए फिर अमेरिका, गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि ट्रंप को बुलावा, 2015 में आए थे ओबामा नई दिल्लीः 26 जनवरी 2019 गणतंत्र दिवस परेड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के मुख्य अतिथि हो सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि भारत ने अगले साल 2019 गणतंत्र दिवस की परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शिरकत करने का न्योता दिया है। हालांकि भारत अभी अपने इस न्योते पर अमेरिका की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अमेरिका को यह न्योता अप्रैल माह में भेजा है। बताया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन भारत के न्योते पर विचार कर रहा है। भारत ने अमेरिका को यह न्योता दोनों देशों के बीच कई बार की राजनयिक चर्चा के बाद भेजा है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति भारत का यह न्योता स्वीकार करते हैं तो दोनों देशों के बीच विदेश नीति के स्तर पर नरेंद्र मोदी सरकार की एक बड़ी कामयाबी होगी।

ट्रंप ने अगर मुख्य अतिथि बनने पर हामी भरी तो यह दूसरा मौका होगा जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति भारत में गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि होगा। इससे पहले नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद वर्ष 2015 में उनके बुलावे पर अमेरिका  के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि बने थे।  साल 2016 में अबुधाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायेद ने मुख्य अतिथि बनने का भारत का न्योता स्वीकार किया था।

गौरतलब है कि चुनाव जीतने के बाद ट्रंप को सबसे पहले बधाई देने वालों में पीएम मोदी भी शामिल थे। पद संभालने के बाद ट्रंप ने भी एशियाई देशों में सबसे पहले भारत से संपर्क साधा और फोन पर पीएम मोदी से बातचीत की।

इस समय करीब-करीब दुनिया के हर बड़े देश के लिए ट्रंप के साथ अपने रिश्ते सामान्य रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। ट्रंप का गरम मिजाज और चिड़चिड़पना दुनिया के दूसरे नेताओं के लिए उनसे सामंजस्य बैठाने में चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में अगर भारत कुछ अलग हट कर सोच रहा है, तो यह अपवाद ही होगा।

भारत और अमेरिका के संबंधों में कुछ चुनौतियां रही हैं। जैसे- दोनों देशों में व्यापार शुल्क, ईरान के साथ भारत के ऊर्जा संबंधित और ऐतिहासिक संबंधों पर अमेरिका को ऐतराज और भारत का रूस के साथ S-400 मिसाइल का रक्षा समझौता अमेरिका की चिंताओं में खास रहा है। हालांकि ऐसे ही कुछ मामले ओबामा के कार्यकाल में भी थे।

मोदी सरकार को उम्मीद है कि अमेरिका भारत को ईरान से संबंध रखने के बावजूद कुछ छूट दे सकता है। ट्रंप प्रशासन उन देशों को प्रतिबंध की धमकी दी है, जो देश ईरान से कच्चे तेल का आयात कर रहे हैं।
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