फीफा विश्व कप 2018: क्वार्टर फाइनल, स्वीडन बनाम इंग्लैंड; स्वीडन को 2-0 से हराकर इंग्लैंड सेमीफाइनल में

फीफा विश्व कप 2018: क्वार्टर फाइनल, स्वीडन बनाम इंग्लैंड; स्वीडन को 2-0 से हराकर इंग्लैंड सेमीफाइनल में समारा: रूस में खेले जा रहे 21वें फीफा विश्व कप में इंग्लैंड ने विश्व कप में अपने सेमीफाइनल के 28 साल के सूखे को खत्म करते हुए स्वीडन को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट के अंतिम चार में प्रवेश कर लिया है. इंग्लैंड की तरफ से यह गोल खेल के 30वें मिनट में एच मैगुइरे, तो दूसरा गोल डेली एली ने 58वें मिनट में किया. हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 था.

पहले हाफ में इंग्लैंड का गेंद पर 59 फीसदी कब्जा रहा, तो स्वीडन का कब्जा 41 प्रतिशत रहा. इंग्लिश टीम 1990 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची और इस तरह उसका 28 साल का सूखा खत्म हो गया. इंग्लिश गोलची पिकफोर्ड के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया.

दूसरे हाफ की शुरुआत में भी इंग्लिश फुटबॉलरों ने पहले हाफ जैसी गति और हमले जारी रखे. बदले हुए छोर से आक्रामक तेवर स्वीडन ने भी दिखाए, लेकिन उसके खिलाड़ियों ने इस दौरान इंग्लैंड के मिडफील्डरों को खाली स्थान मुहैया कराए. इससे कुछ अच्छे और लंबे पासों का आदान-प्रदान देखने को मिला. खेल के 54नें मिनट में इंग्लैंड को एक और मौका मिला, जब पहला गोल दागने वाले मैगुइरे ने दो बार अच्छा मूव बनाते हुए पास दिए.

लेकिन इन पासों को लेने के लिए समय पर कोई खिलाड़ी मौजूद नहीं था. मगर, जल्द ही 58वें मिनट में जे  लिंगार्ड द्वारा दागी गई किक पर डेली एली ने एक और हेडर से गोल दागकर इंग्लैंड को 2-0 से आगे कर दिया. बता दें कि डेली एली विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड के लिए गोल दागने वाले सर्वकालिक दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं. पहले नबंर पर माइकल ओवन हैं.

दूसरा गोल खाने के बाद हालांकि स्वीडिश खिलाड़ियों कई अच्छी कोशिश कीं, लेकिन अंतिम मौकों पर उसके खिलाड़ी इन्हें गोल में बदलने में नाकाम रहे. खेल के 62वें एव 72वें मिनट में इंग्लैंड की बढ़त को कम करने का मौका मिला लेकिन दोनों बार इंग्लिश गोलची पिकफोर्ड ने बेहतरीन बचाव किया और अपनी टीम को एक यादगार जीत दिला दी.

अब बुधवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड का सामना क्रोएशिया से होगा. फ्रांस और बेल्जियम पहले सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे. फ्रांस ने उरुग्वे को 2-0 से हराया था जबकि बेल्जियम ने पांच बार के चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर अंतिम-4 का टिकट कटाया है.

इससे पहले खेल के शुरुआती मिनटों में दोनों ही टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ हमले बोले, लेकिन कामयाबी इंग्लैंड को 30वें मिनट में मिली. खेल के इस पल में इंग्लैंड ने एकजुट होकर स्वीडिश खेमे पर हमला बोला. ऐसे लगा कि मानो सारे अंग्रेज फुटबॉलर स्वीडन के डी-एरिया में पहुंच गए हों. हमले का फायदा यह हुआ कि इंग्लैंड  कॉर्नर किक झटकने में कामयाब रहा. और ए. यंग की इस कॉर्नर किक पर एच मैगुइरे ने ऐसा प्रचंड हेडर मारा कि गेंद गोलची को बेबस करती हुई नेट में जा समा गई. और इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. हाफ टाइम से पहले तक इंग्लैंड की यह बढ़त 2-0 हो सकती थी, लेकिन 45वें मिनट में स्टर्लिंग की यह शानदार कोशिश स्वीडन के गोलपोस्ट से चंद दूरी पर ही दम तोड़ गई.

दोनों ही टीमें विश्व कप में अपने करीब दो दशकों से भी ज्यादा के सेमीफाइनल के सूखे को खत्म करने मैदान पर उतरी थीं.  क्वार्टरफाइनल से पहले तक दोनों टीमों का विश्व कप में दो बार आमना-सामना हुआ था. दोनों ही बार ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड और स्वीडन आपस में आपस में भिड़े थे. साल 2002 में इन दोनों का मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा था, तो साल 2006 में भी बाजी 2-2 से बराबर छूटी थी, लेकिन इस बार तीसरी भिड़ंत में स्वीडन के हिस्से में निराशा ही हाथ लगी. और 2-0 से हार के साथ ही विश्व कप में उसके सफर पर भी पूर्ण विराम लग गया.

वास्तव में, बेहतर और हकदार टीम सेमीफाइनल का हिस्सा बनी. न केवल इंग्लैंड दो हेडर से बेहतरीन गोल दागे, बल्कि उसके खिलाड़ियों का गेंद पर भी कब्जा 58 फीसदी रहा. स्वीडिश टीम कुछ दुर्भाग्यशाली रही कि पल विशेष को उसके खिलाड़ी भुना नहीं सके. लेकिन नॉकाउट जैसे और खासकर विश्व कप के क्वार्टरफाइनल इन सबका हार के बाद कोई महत्व नहीं रह जाता. मायने इसी बात के हैं कि इंग्लैंड ने 28 के सूखे को खत्म करते हुए विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली
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