स्विस बैंकों में बढ़ा काला धनः स्वामी, कांग्रेस ने मोदी सरकार को लताड़ा, चेहरा बचाने में जुटी भाजपा

स्विस बैंकों में बढ़ा काला धनः स्वामी, कांग्रेस ने मोदी सरकार को लताड़ा, चेहरा बचाने में जुटी भाजपा नई दिल्लीः भ्रष्टाचार और कालेधन पर लगाम कसने के दावे करने वाली नरेंद्र मोदी सरकार के राज में काला धन बढ़ा है और इसको लेकर आई रिपोर्ट मोदी सरकार के लिए एक बड़ा झटका है. स्विस बैंक के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल में वहां जमा भारतीयों की जमापूंजी में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इन आंकड़ों के बाद मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है, इसी के साथ अब घर से भी वार हुआ है.

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इसको लेकर वित्त मंत्रालय में सचिव हसमुख अधिया पर सीधा हमला बोला है. शुक्रवार सुबह ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त सचिव अधिया के लिए एक बड़ी कामयाबी, एक तरफ पूरी दुनिया का स्विस बैंक में डिपोजिट सिर्फ 3 फीसदी बढ़ा है, तो वहीं भारतीयों का 50 फीसदी बढ़ गया है. उन्होंने लिखा कि अधिया इससे भी ज्यादा मैनेज कर सकते थे, अगर राजेश्वर (ईडी अफसर) बीच में ना आते.  

आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब स्वामी ने अपनी ही सरकार का आड़े हाथों लिया हो. इससे पहले भी वह अरुण जेटली के कई फैसलों पर सवाल उठा चुके हैं और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से खुद को वित्त मंत्री बनाने की बात करते रहे हैं.

स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों में यह बात सामने आयी है. इसके अनुसार भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में रखा गया धन 2017 में 50% से अधिक बढ़कर 7000 करोड़ रुपए (1.01 अरब फ्रैंक) हो गया. इससे पहले तीन साल यहां के बैंकों में भारतीयों के जमा धन में लगातार गिरावट आई थी.

स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के सालाना आंकड़ों के अनुसार स्विस बैंक खातों में जमा भारतीय धन 2016 में 45 प्रतिशत घटकर 67.6 करोड़ फ्रैंक (लगभग 4500 करोड़ रुपए) रह गया. एक तरफ भारतीयों के पैसे में बढ़ोतरी हुई है तो वहीं पाकिस्तानियों की जमापूंजी में करीब 21 फीसदी की गिरावट आई है.

यह राशि 1987 से इस आंकड़े के प्रकाशन की शुरुआत के बाद से सबसे कम थी. एसएनबी के आंकड़ों के अनुसार भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में सीधे तौर पर रखा गया धन 2017 में लगभग 6891 करोड़ रुपये (99.9 करोड़ फ्रैंक) हो गया. वहीं, प्रतिनिधियों या धन प्रबंधकों के जरिए रखा गया धन इस दौरान 112 करोड़ रुपये (1.62 करोड़ फ्रैंक) रहा.

इस बीच मोदी सरकार अपना चेहरा बचाने में जुट गई है. स्विस बैंक में भारतीयों द्वारा जमा रकम में 50 फीसदी की बढ़ोतरी को विपक्ष द्वारा मुद्दा बनाए जाने के बीच वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि वहां जमा सारी रकम काला धन नहीं है, लेकिन साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले में कोई भी दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड में हुई एक द्विपक्षीय संधि के अनुसार स्विट्जरलैंड 1 जनवरी, 2018 से 31 दिसंबर, 2018 तक के भारतीय के बैंक अकाउंट के आंकड़े उपलब्ध करवाएगा. आंकड़ा प्राप्त होने से पहले कैसे कहा जा सकता है कि वहां के बैंकों में जमा रकम काला धन है या अवैध लेन-देन है.

गोयल ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के कार्यकाल में लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) लागू की गई थी, जिसके तहत एक व्यक्ति को हर साल 2.50 लाख डॉलर बाहर भेजने की अनुमति दी गई थी. स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा रकम में जो बढ़ोतरी हुई है, उसका 40 फीसदी तो एलआरएस के कारण है.

बता दें कि बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 2017 में स्विस बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा रकम 50 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 7,000 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि इससे पहले के तीन साल में इसमें गिरावट दर्ज की गई थी.
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