'मैं दोषी नहीं हूं': महात्मा गांधी की हत्या में आरएसएस का हाथ था वाले बयान पर मानहानि के मुकदमे में राहुल गांधी

'मैं दोषी नहीं हूं': महात्मा गांधी की हत्या में आरएसएस का हाथ था वाले बयान पर मानहानि के मुकदमे में राहुल गांधी   महाराष्ट्रः राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का महात्मा गांधी की हत्या में हाथ था वाले बयान पर चल रहे मानहानि के एक मुकदमे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर मंगलवार को आरोप तय हुए. महाराष्ट्र की भिवंडी कोर्ट ने धारा 499, 500 के तहत आरोप तय किए हैं.

बता दें कि आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंते ने इस मामले में आपराधिक मानहानि का केस दर्ज किया था. वहीं, जज के यह पूछने पर कि क्या आप दोषी हैं? कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इनकार करते हुए कहा कि मैं दोषी नहीं हूं.

सुनवाई के दौरान जज ने बयान पढ़ते हुए कहा कि आपने आरएसएस संगठन को बदनाम किया. आपका बयान था कि आरएसएस के लोगों ने गोली मारी और सरदार पटेल ने लिखा है. सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि इस मामले में धारा 499 के तहत ये अपमान है और धारा 500 के तहत ये दंडनीय भी है.

कोर्ट ने साल 2014 में आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंते द्वारा दायर मानहानि के एक मामले में बयान दर्ज कराने के लिए राहुल को अदालत में पेश होने का दो मई को आदेश दिया था.

हालांकि इस तरह के मामले में समरी ट्रायल यानी लिखित बयान के आधार पर सुनवाई की जाती है, लेकिन राहुल गांधी ने समंस ट्रायल (बयान दर्ज) का अनुरोध करते हुए पिछले महीने एक याचिका दायर की थी.

कांग्रेस अध्यक्ष के वकील नारायण अय्यर ने कहा था कि यह मामला ऐतिहासिक तथ्यों से संबंधित है, इसलिए उन्हें कई दस्तावेजों का सहारा लेना पड़ेगा और विशेषज्ञों के बयान दर्ज करवाने होंगे.

अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था. महाराष्ट्र के दो दिन के दौरे में राहुल बृहन्मुंबई महानगरपालिका में पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्षदों को संबोधित कर सकते हैं.

कोर्ट ने 10 जून को राहुल गांधी के आवेदन पर तर्क सुने थे. कोर्ट ने समरी ट्रॉयल के अलावा साक्ष्यों की विस्तृत रिकॉर्डिंग चाही थी और 12 जून तक के लिए अदालत की कार्यवाही स्थगित कर दी थी. कोर्ट ने कहा था कि अदालत 12 जून को उनके आवेदन पर एक आदेश पारित करेगी और प्रतिवादी (राहुल गांधी) की याचिका को भी रिकॉर्ड किया जाएगा और वे इस दिन अदालत में पेश रहें.

राहुल गांधी ने 7 जुलाई 2014 को भिवंडी में आयोजित रैली में कहा था कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लोगों ने महात्मा गांधी ने हत्या की थी. इसके बाद यहां संघ के एक कार्यकर्ता ने राजेश कुंटे ने 6 मार्च 2014 को मानहानि की धाराओं के तहत राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज कराया था.

बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने इस मामले को खारिज कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि उन्हें इस तरह से किसी संस्था को बदनाम नहीं करना चाहिए था. अगर वे इस मामले में अफसोस जाहिर नहीं करते हैं तो उन्हें कोर्ट में ट्रायल का सामना करना पड़ेगा. गांधी ने इसे खारिज करते हुए अदालती कार्यवाही में शामिल होने की बात कही थी.  

भिवंडी कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार 15-20 बड़े लोगों की सरकार है. किसानों, गरीब लोगों की बात इस सरकार में नहीं होती. राहुल गांधी ने कहा कि मेरे ऊपर केस करते रहते हैं ये लोग. मैं उसका सामना करूंगा.
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