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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- रूस फिर से जी-7 में शामिल हो

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- रूस फिर से जी-7 में शामिल हो वाशिंगटनः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 देशों के समूह से रूस के निष्कासन को वापस लेने की मांग की है. कनाडा में जी-7 समिट में हिस्सा लेने से पहले ट्रंप ने कहा कि बैठक में रूस को भी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम रूस के बिना बैठक क्यों कर रहे हैं, रूस को इसका हिस्सा होना चाहिए.
 
बता दें कि 2014 में यूक्रेन पर अतिक्रमण करने और रूसी समर्थकों का सपोर्ट करने के बाद रूस को इस समूह से बाहर कर दिया गया था.

ट्रंप ने कहा कि आप इसको जो भी कहें ये मायने नहीं रखता. इसको जी-8 कहा जाता था. रूस को इससे निकाल दिया गया. रूस को फिर वापस लेना चाहिए.

जी-7 से रूस के निष्कासन का अमेरिका, कनाडा, जापान और यूरोप के चारों देशों ने समर्थन किया था. बता दें कि इस समूह में अमेरिका, कनाडा, जापान, इटली, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे दुनिया के बड़े आर्थिक देश शामिल हैं.

कनाडा में समिट खत्म करने के बाद ही डोनाल्ड ट्रंप सिंगापुर के लिए रवाना हो जाएंगे, जहां 12 जून को उनकी मुलाकात उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग से होने वाली है.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह जी-7 शिखर सम्मेलन के मंच का इस्तेमाल सहयोगी देशों के साथ व्यापार विवादों को सुलझाने के लिये करना चाहते हैं.  ट्रंप ने अमेरिका के इन सहयोगी देशों के साथ उक्त समझौतों को ‘अनुचित व्यापार सौदे ’ करार दिया है.

ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा कि जी-7 देशों के साथ अनुचित व्यापार समझौतों को ठीक करने की अपेक्षा कर रहा हूं. अगर यह नहीं हुआ तो हम कुछ और भी अच्छा कर लेंगे.  

बता दें कि अमेरिका ने कनाडा व यूरोपीय संघ सहित अन्य सहयोगी देशों से आयात पर अनेक शुल्क लगाने की घोषणा की है. इससे उसके सहयोगी देश खासे नाराज हैं.

फ्रांस के राष्ट्रपति ने तो  गुरुवार को अपने समकक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति को आगाह करते हुए कह भी दिया था कि जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के बिना सिर्फ छह देश समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. मैक्रों ने अन्य जी7 सदस्य देशों फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, जापान, ब्रिटेन और इटली का जिक्र करते हुए ट्वीट कर कहा, "अमेरिका राष्ट्रपति को अलग-थलग होने पर शायद फर्क नहीं पड़े लेकिन अगर जरूरत पड़े तो हम छह देश ही समझौते पर हस्ताक्षर करने में नहीं हिचकेंगे."

उन्होंने कहा, "क्योंकि ये छह देश मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं, वे एक आर्थिक बाजार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके पास इसके पीछे के इतिहास का गौरव है और जो अब सच में अंतर्राष्ट्रीय शक्ति है."

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कुछ बिंदुओं का उल्लेख करने के लिए ट्विटर का रुख किया, जिनका जिक्र उन्होंने कनाडा में जी7 शिखर सम्मलेन शुरू होने से पहले गुरुवार को कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन टड्रो के साथ ओटावा में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान किया.

ट्रूडो के साथ संवाददाता सम्मेलन के दौरान मैक्रों ने कहा कि ट्रंप के जलवायु परिवर्तन और मुक्त व्यापार के खिलाफ उठाए कदम के जवाब में फ्रांस जी7 संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर नहीं करेगा.
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