कर्नाटक विधानसभा चुनाव नतीजा 2018: भाजपा 109 सीटों के साथ आगे, आगे और आगे, कांग्रेस 70 पर ठहरी

कर्नाटक विधानसभा चुनाव नतीजा 2018: भाजपा 109 सीटों के साथ आगे, आगे और आगे, कांग्रेस 70 पर ठहरी बेंगलुरुः कर्नाटक विधानसभा चुनाव में यूं तो अंतिम परिणाम शाम तक आएंगे, लेकिन अब तक के रूझानों में साफ हो चुका है कि यहां भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज कर ली है, वहीं जनता ने कांग्रेस को पूरी तरीके से नकार दिया है.

दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ता पटाखों के साथ पहुंचना शुरू चुके है. बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'कर्नाटक की जनता गुड गवर्नेंस चाहती है, इसीलिए उन्होंने बीजेपी को चुना है. यह पार्टी के लिए बड़ी जीत है. कांग्रेस एक के बाद एक राज्य हारती जा रही है, वहीं हम एक के बाद एक राज्य जीत रहे हैं.'

शुरुआती रुझानों में जहां त्रिशंकु विधानसभा के आसार बन रहे थे, लेकिन अब बीजेपी बहुमत के आंकड़े तक पहुंचती दिख रही है. राज्य की जनता ने न केवल कांग्रेस को हराया है, बल्कि जेडीएस के 'किंगमेकर' बनने के मंसूबे पर भी पानी फेर दिया है. ताजा अपडेट आने तक कांग्रेस 68, बीजेपी 111 और जेडीएस 41 सीटों पर आगे चल रही है.

कर्नाटक चुनाव में बीजेपी की जीत पर केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा, 'राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी लगातार तीसरी हार है. उन्होंने (राहुल गांधी) खुद को पीएम प्रत्याशी बताया है, अब अगर सभी विपक्षी पार्टियां एक होना चाहती हैं तो हमारे लिए भी यह ठीक है कि देश की जितनी गंदगी है वो एक साथ हटे '

कर्नाटक चुनाव परिणाम के मिल रहे ताजा नतीजों और रुझान से साफ हो गया है कि वहीं फिर से बीजेपी की येदुरप्पा सरकार बनने जा रही है। पांच सालों में पार्टी को 74 सीटों का फायदा हुआ है। ताजा रुझान के मुताबिक बीजेपी को 222 सीटों में से 114 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि कांग्रेस मात्र 62 सीट पर सिमट गई है। साल 2013 के चुनाव में बीजेपी को 40 सीटें मिली थीं। हालांकि, तब येदुरप्पा बीजेपी से अलग होकर चुनाव लड़े थे। उनकी पार्टी को 6 सीटें मिली थीं। 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले येदुरप्पा की पार्टी केजेपी का बीजेपी में विलय हो गया था। इस लिहाज से देखें तो बीजेपी को कुल 68 सीटों का फायदा हो रहा है।

कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों की बात करें तो सभी जगह बीजेपी को फायदा हुआ है। मुंबई कर्नाटक में बीजेपी को 32 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं जबकि हैदराबाद कर्नाटक इलाके में बीजेपी के खाते में 15 सीटें जाती दिख रही हैं। ताजा रुझानों के मुताबिक कोस्टल कर्नाटक में भी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहां उसे 18 सीटें मिलती दिख रही हैं। सेंट्रल कर्नाटक में 23, दक्षिणी कर्नाटक में बीजेपी को 51 सीटों में से मात्र 11 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि शहरी क्षेत्र बेंगलुरु की 36 सीटों में से 15 बीजेपी के खाते में जाती दिख रही हैं।

घोर कांग्रेस विरोधी रहे सिद्धारमैया ने इस तरह तय किया मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर

बीजेपी महासचिव राम माधव ने कहा है, 'संघ परिवार के काडर ने कर्नाटक चुनाव में पार्टी की बड़े स्तर पर मदद की है, कर्नाटक के कई इलाकों खासकर तटीय कर्नाटक में संघ परिवार हमारे लिए खासा मददगार साबित हुआ.'

निर्मला सीतारमण ने कहा है कि कर्नाटक की जनता ने विकास को चुना है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को झूठी बयानबाजी का फल मिला है. कांग्रेस के फेक कैंपेन को जनता ने नकार दिया है.

बीजेपी 110, कांग्रेस 72 और जेडीएस 38 सीटों पर आगे. बीजेपी बहुमत के आंकड़े से मात्र दो सीटें दूर. 2 सीटों पर अन्य आगे.बादामी सीट से सिद्धारमैया 5 हजार वोट से आगे चल रहे है.

रामनगर सीट से जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी 19000 वोटों से जीते. मोलाकालमुरु सीट से बीजेपी के श्रीरामलु जीते.

दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ता पटाखों के साथ पहुंचना शुरू चुके है. बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'कर्नाटक की जनता गुड गवर्नेंस चाहती है, इसीलिए उन्होंने बीजेपी को चुना है. यह पार्टी के लिए बड़ी जीत है. कांग्रेस एक के बाद एक राज्य हारती जा रही है, वहीं हम एक के बाद एक राज्य जीत रहे हैं.'

बता दें कि कर्नाटक विधान सभा की 224 सीटों में से 222 पर शनिवार (12 मई) को चुनाव हुए थे. दो सीटों (आरआर नगर और विजयनगर) पर चुनाव टल गए हैं। वहां बाद में चुनाव होंगे.

मतदाताओं ने करीब 72 फीसदी मतदान किए थे. एक-दो छोड़ तमाम एग्जिट पोल के मुताबिक त्रिशंकु विधान सभा के आसार जताए गए थे लेकिन चुनावी नतीजों और रुझान ने उसे गलत साबित कर दिया है.

सिद्धारमैया सरकार ने चुनावों से ऐन पहले लिंगायतों को लुभाने के लिए जो धार्मिक अल्पसंख्यक दर्जा देने का  दांव खेला था, लगता है वो काम नहीं कर सका.
अन्य राज्य लेख
Niva Ply, Plywood for Generations
वोट दें

क्या बलात्कार जैसे घृणित अपराध का धार्मिक, जातीय वर्गीकरण होना चाहिए?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
सप्ताह की सबसे चर्चित खबर / लेख
  • खबरें
  • लेख
 
stack