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ट्रंप-किम शिखर बैठक से पहले उत्तर कोरिया तबाह कर देगा अपने परमाणु परीक्षण स्थल, अमेरिका हुआ खुश

ट्रंप-किम शिखर बैठक से पहले उत्तर कोरिया तबाह कर देगा अपने परमाणु परीक्षण स्थल, अमेरिका हुआ खुश वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन के बीच होने वाली मुलाकात से पहले उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु परीक्षण स्थल को बंद करने की घोषणा की है. उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के मुताबिक किम जोंग उन के इशारों पर परमाणु परीक्षण स्थल को खत्म करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

उत्तर कोरिया की आधिकारिक स्टेट मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु परीक्षण स्थल को बंद करने की कवायद शुरू कर दी है. इसके लिए 23 मई और 25 मई के बीच का समय तय किया गया है. पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने के लिए उत्तर कोरिया के अलावा चीन, रूस, अमेरिका, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया के पत्रकारों को भी मौके पर रहने की अनुमति दी गई है.

उत्तर कोरिया द्वारा की गई इस घोषणा को ट्रंप और किम की मुलाकात से जोड़कर देखा जा रहा है. उत्तर कोरिया के इस कदम पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुशी जाहिर की है और इस घोषणा के लिए किम जोंग उन को धन्यवाद भी कहा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'उत्तर कोरिया ने 12 जून को होने वाले शिखर सम्मेलन की बैठक से पहले अपने परमाणु परीक्षण स्थल को खत्म करने की घोषणा की है. एक बहुत ही स्मार्ट और उदार संकेत के लिए धन्यवाद!'

उत्तर कोरिया द्वारा यह घोषणा अमेरिका के उस बयान के बाद की गई है, जिसमें ट्रंप के विदेश मंत्री ने कहा था कि अगर उत्तर कोरिया अपने परमाणु शस्त्रागार को त्यागने को तैयार हो तो अमेरिका उसकी लघु अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उसकी सहायता करेगा.

विदेश मंत्री ने कहा, 'अगर उत्तर कोरिया निरस्त्रीकरण के लिए तत्काल कड़े कदम उठाए तो अमेरिका उत्तर कोरिया को समृद्ध बनाने में उसकी सहायता करने के लिए तैयार है.' उन्होंने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच 12 जून को होने वाली ऐतिहासिक बैठक की तैयारियों के लिए दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री कांग क्युंग वाह से वार्ता के बाद कही.

बता दें कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ 12 जून को सिंगापुर में होने वाली अपनी शिखर बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे. व्हाइट हाइस के उप प्रेस सचिव राज शाह ने बताया कि सिंगापुर को इस ऐतिहासिक मुलाकात के लिए इसलिए चुना गया है, क्योंकि इसके दोनों देशों से राजनीतिक संबंध हैं.

उन्होंने कहा, 'सिंगापुर के अमेरिका और उत्तर कोरिया दोनों से संबंध हैं. वे राष्ट्रपति और किम जोंग उन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही निष्पक्ष माहौल भी उपलब्ध कराएंगे.'

उन्होंने बताया कि शिखर बैठक का निमंत्रण स्वीकार करने से पहले उत्तर कोरिया ने अपने बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण, परमाणु परीक्षण रोकने और अमेरिका एवं दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास का सार्वजनिक रूप से विरोध नहीं करने पर रजामंदी जताई थी.

अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि अगर उत्तर कोरिया नेता किम जोंग उन कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह से परमाणु हथियारों से मुक्त कर दें तो अमेरिका और उसके अंतरराष्ट्रीय सहयोगी उसे मदद का आश्वासन देने के लिए तैयार हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो हाल ही में उत्तर कोरिया की यात्रा से लौटे हैं.

उन्होंने बताया कि उत्तर कोरियाई नेता के साथ उनकी बातचीत अच्छी रही है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के फॉगी बॉटम मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में पोंपियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विश्व ने सिंगापुर में दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक से सफल नतीजे हासिल करने के लिए ‘‘शर्तें’’ तैयार की हैं.

किम के व्यक्तित्व के बारे में पूछे जाने पर पोम्पियो ने कहा, ‘‘आप किम से मुलाकात के बारे में पूछें. यह प्रश्न थोड़ा अमर्यादित है. ‘वह विवेकशील हैं ?’’ हां हमारे बीच अच्छी बातचीत हुई, ठोस बातचीत, ऐसी बातचीत जिसमें जटिल समस्याओं पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करना चारहता है कि उसके प्रयास रंग लाए और परिणाम यह हो कि उत्तर कोरिया किसी के लिए खतरा नहीं बने.’’

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा इस हफ्ते की शुरुआत में तीन अमेरिकि नागरिकों को रिहा करने से दोनों देशों के बीच अगले महीने होने वाली शिखर वार्ता की शर्तें तय हुई हैं. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन नागरिकों की रिहाई से राष्ट्रपति ट्रंप एवं चेयरमैन किम के बीच सफल बैठक की शर्तें तय करने में मदद मिलेगी. हम अमेरिकी एवं कोरियाई लोगों तथा पूरी दुनिया के लिए 12 जून को सिंगापुर में शिखर वार्ता को सफल बनाने की खातिर डीपीडीके (डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) के साथ अपनी तैयारियों को लेकर उत्साहित हैं.’’

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के फॉगी बॉटम स्थित मुख्यालय में पोम्पियो ने 12 जून को डोनाल्ड ट्रंप एवं किम जोंग उन के बीच होने वाली बैठक से जुड़ी तैयारियों को लेकर दक्षिण कोरिया की विदेश मंत्री कांग कुयांग - वा के साथ विस्तृत चर्चा की. उनके बीच अमेरिकी विदेश मंत्री की उत्तर कोरिया यात्रा और उत्तर एवं दक्षिण कोरिया के नेताओं के बीच पिछले महीने हुई मुलाकात को लेकर भी चर्चा हुई. दक्षिण कोरिया की विदेश मंत्री ने अमेरिकी नागरिकों की सफल रिहाई के लिए पोम्पियो एवं ट्रंप को बधाई देते हुए कहा कि यह अमेरिका - उत्तर कोरिया के बीच आगामी शिखर वार्ता के लिए एक ‘‘अच्छा’’ संकेत है.
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