नेपाल यात्रा का दूसरा दिनः बस, रुपया, समझौता और ट्वीट्स के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बजाया ड्रम, पहुंचे मुक्तिनाथ मंदिर

नेपाल यात्रा का दूसरा दिनः बस, रुपया, समझौता और ट्वीट्स के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बजाया ड्रम, पहुंचे मुक्तिनाथ मंदिर काठमांडू: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार नेपाल यात्रा पर हैं और इसमें वह शोहरत और आशीर्वाद बटोरने का कोई मौका छोड़ नहीं रहे. इसीलिए उनकी यात्रा को कूटनीतिक कम और धार्मिक ज्यादा माना जा रहा है.

आज प्रधानमंत्री मोदी के नेपाल दौरे का दूसरा और आखिरी दिन है और इस दिन भी उन्होंने शुरुआत नेपाल के प्रख्यात मुक्तिनाथ मंदिर पहुंच कर की. हिंदू और बौद्धों दोनों के लिए पवित्र स्थल माने जाने वाले इस मंदिर में प्रधानमंत्री ने पूजा-अर्चना की. प्रधानमंत्री ने इस दौरान पारंपरिक ढोल भी बजाया.

प्रधानमंत्री मोदी ने बौद्धों का पांरपरिक लाल परिधान धारण किया था और हिंदू और बौद्ध दोनों रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा की. मोदी ने मुक्तिनाथ से लौटने के बाद पशुपतिनाथ मंदिर में भी पूजा-अर्चना की और फिर नेपाल के राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मुलाकात की.

नई दिल्ली लौटने से पहले प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सभा गृह में काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी द्वारा आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में भी शामिल होंगे.

मोदी की यात्रा को देखते हुए मुस्तांग में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है/ स्थानीय प्रशासन ने मोदी की यात्रा को सुरक्षित और सुनियोजित बनाने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है. मुक्तिनाथ घाटी में स्थित मुक्तिनाथ मंदिर हिंदुओं और बौद्धों दोनों के लिए पवित्र स्थल है. यह मंदिर पहाड़ी मुस्तांग जिले में थोरांग ला दर्रे से 3,710 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.

इससे पहले कल भारत और नेपाल के बीच कई परियोजनाओं को शुरू करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तकनीक के बिना विकास संभव नहीं है. इसी सोच के तहत हमने पिछले साल साउथ एशिया सेटेलाइट सौंपा, जो नेपाल में काम कर रहा है और इससे नेपाल को फायदा भी हो रहा है.
 
भारत नेपाल को हर स्तर पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं. वर्तमान में 450 मेगावाट बिजली दी जा रही है. वहीं स्वदेश दर्शन के तहत रामायण सर्किट की भी शुरुआत की गयी है. इसका उद्देश्य रामायण काल से जुड़े हर स्थल व जगह को एक साथ जोड़ना है. वहीं मोतिहारी से सीधे तौर पर तेल पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है, जबकि कृषि के क्षेत्र में भी हम सहयोग के लिए पहल कर रहे हैं.
 
किस प्रकार किसानों की आमदनी बढ़ेगी इस दिशा में विचार किया जा रहा है और नयी-नयी तकनीक से नेपाल को भी लैस कर दिया जायेगा. श्री मोदी ने अपने करीब 45 मिनट के भाषण में भारत-नेपाल के मैत्री को विशेष तौर पर जिक्र किया. इस दौरान उन्होंने नेपाल में प्रजातांत्रिक व्यवस्था कायम करते हुए सात प्रदेशो में सरकार बनाये जाने पर खुशी व्यक्त की. कहा कि यह नेपाल के विकास की झलक है.
 
इससे पूर्व मोदी सेना के विशेष प्लेन से जनकपुर हवाई अड्डा आये, जहां पर उन्हें राजकीय सम्मान के साथ गार्ड आफ ऑनर दिया गया. यहां से वे सीधा जनकपुर जानकी मंदिर गये और मां जानकी की विशेष पूजा-अर्चना की. इस दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली उनके साथ थे. करीब आधा घंटा तक पीएम मोदी ने जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की. मोदी के आगमन को लेकर मंदिर सहित पूरे जनकपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे.
 
समारोह की अध्यक्षता जनकपुर प्रदेश दो के मुख्यमंत्री लाल बाबू राउत ने किया. इससे पूर्व सभा को नेपाल के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरैल ने स्वागत भाषण किया, जबकि जनकपुर उपमहानगरपालिका के प्रमुख लाल किशोर साह ने मैथिली व हिंदी भाषा में प्रधानमंत्री का स्वागत किया. मंच पर मंत्री मातृका यादव, रघुवीर महासेठ, उपेंद्र यादव, राजेंद्र महतो सहित अन्य लोग शामिल थे.
 
भारतीय प्रधानमंत्री शुक्रवार को पूरी तरह मिथिलांचल के रंग में रंगे नजर आ रहे थे. जनकपुर के ऐतिहासिक रंगमंच बारहबीघा मैदान में आयोजित नागरिक अभिनंदन में जैसे ही मोदी लोगों को संबोधित करने को खड़े हुए लोगों ने ताली बजा कर उनका स्वागत किया.

इसके बाद तो पीएम मोदी उम्मीद से आगे बढ़ कर एक मैथिल की तरह मैथिली में बोलना शुरू कर दिया. मोदी ने कहा 'जगतजननी मां जानकी की धरती गौरवमयी इतिहास लेल प्रसिद्ध छी. इ जनकपुर धाम में हमरा नोत द क बजेलौं सम्मान देलौं, एकरा लेल हम संपूर्ण मिथिलावासी, जनकपुरवासी आ समस्त जनता के नमन करै छी, आभार व्यक्त करै छी. '
 
इसके बाद मिथिलांचल की पहचान को भी उन्होंने मैथिली भाषा में ही प्रकट किया. पीएम मोदी ने कहा कि नेपाल में मैथिली भाषा बोलने वालों की संख्या अधिक है. हम दोनों देश मिल कर मैथिली के विकास के लिए हर संभव पहल करेंगे.  आज यहां आकर पता चला कि मैथिली में इन दिनों सिनेमा भी बनने लगा है. यह बेहतर और सार्थक पहल है. इसे और अधिक बढ़ावा देना चाहिए.
 
लगे हाथों प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में किये जा रहे विकास व उनके संकल्प से भी लोगों को अवगत कराया. कहा कि 2022 में भारत की आजादी के 75 साल हो जायेंगं. इस अवधि तक हमने भारत को न्यू इंडिया बनाने का संकल्प लिया है. इस दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है.
अन्य पास-पड़ोस लेख
वोट दें

क्या बलात्कार जैसे घृणित अपराध का धार्मिक, जातीय वर्गीकरण होना चाहिए?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
सप्ताह की सबसे चर्चित खबर / लेख
  • खबरें
  • लेख
 
stack