कोई बड़ा समझौता न हुआ फिर भी मोदी और चिनफिंग के बीच हुई 'दिल से दिल की बात'

कोई बड़ा समझौता न हुआ फिर भी मोदी और चिनफिंग के बीच हुई 'दिल से दिल की बात' वुहान: चीन के 'दिल' वुहान में शनिवार को भारत-चीन रिश्तों की एक नई सुबह हुई. दो दिनों के अनौपचारिक दौरे के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच गाढ़ी छनती दिखाई दी। दोनों नेताओं ने 'झीलों की नगरी' भी कहे जाने वाले वुहान की मशहूर ईस्ट लेक में बोटिंग की, तो इसके बाद चाय पर चर्चा भी हुई।

चीन की खास चाय की चुस्कियां लेते हुए पीएम मोदी, चिनिफिंग को चाय परोसने का भारतीय अंदाज भी समझाते नजर आए। इससे पहले शुक्रवार को मोदी के स्वागत में चीनी कलाकारों ने बॉलिवुड के मशहूर गाने 'तू है वही दिल ने जिसे अपना कहा...' की धुन बजाकर दोनों देशों के रिश्तों में गर्माहट भरने की कोशिश की। मोदी इस पेशकश को काफी सराहते हुए नजर आए। मोदी और चिनफिंग आज साथ में लंच भी करेंगे, जिसमें दोनों नेता डोकलाम पर रिश्तों में आई कड़वाहट को कम करने की ओर बढ़ सकते हैं।

शुक्रवार की शाम को पीएम नरेंद्र मोदी के लिए वुहान में एक कल्चरम प्रोग्राम में बॉलिवुड का फेमस सॉन्ग 'तू तू है वही, दिल ने जिसे अपना कहा' बजा। चीनी कलाकारों की ओर से बजी इस गाने की धुन को शी चिनफिंग और पीएम मोदी बेहद तन्मयता से सुनते नजर आए। शीर्ष सूत्रों का कहना है कि इस अनौपचारिक दौरे की योजना इसलिए तैयार की गई ताकि शीर्ष स्तर पर खुले तौर पर रणनीतिक संवाद स्थापित किया जा सके।

इससे पहले शुक्रवार को दोनों नेताओं ने वुहान सिटी में ईस्ट लेक गेस्टहाउस में मुलाकात की। इस मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने सिंधु सभ्यता और चीनी सभ्यता की तुलना करते हुए कहा कि ये दोनों ही नदियों के किनारे बसी थीं। यही नहीं दोनों नेताओं ने हुबेई के प्रांतीय म्यूजियम का दौरान किया और एग्जिबिशन देखी। पीएम नरेंद्र मोदी की यह दो दिवसीय यात्रा पूरी तरह से अनौपचारिक है। इस दौरान दोनों देशों के बीच कोई करार नहीं होंगे और न ही किसी तरह की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी - अपनी सेनाओं को सामरिक दिशानिर्देश जारी करने का फैसला किया है ताकि संचार मजबूत हो सके और विश्वास एवं समझ कायम की जा सके. यह जानकारी आज एक शीर्ष भारतीय राजनयिक ने दी. मध्य चीन के वुहान शहर में दोनों नेताओं के बीच दो दिन की अभूतपूर्व अनौपचारिक शिखर वार्ता के समापन पर पत्रकारों से बातचीत में विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत - चीन सीमा क्षेत्र के सभी इलाकों में अमन - चैन कायम रखने को अहम करार दिया.

उन्होंने कहा , ‘इस बाबत दोनों नेताओं ने फैसला किया कि वे अपनी - अपनी सेनाओं को सामरिक दिशानिर्देश जारी करेंगे ताकि संचार मजबूत किया जा सके, विश्वास एवं समझ कायम की जा सके और उन विश्वास बहाली उपायों को लागू किया जा सके जिन पर दोनों पक्षों में पहले ही सहमति बन चुकी है. इनके अलावा, मौजूदा संस्थागत तंत्र को भी मजबूत किया जायेगा ताकि सीमाई इलाकों में हालात संभाले जा सकें.'

मोदी और शी के बीच हुई ‘ दिल से दिल की बात ' के समापन पर गोखले ने यह जानकारी दी. दोनों नेताओं के बीच हुई अनौपचारिक शिखर वार्ता को विश्वास फिर से कायम करने और संबंध सुधारने की भारत एवं चीन की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

पिछले साल डोकलाम में दोनों देशों के बीच करीब 73 दिनों तक कायम रहे गतिरोध ने दोनों देशों के रिश्तों में खटास पैदा कर दी थी. गोखले ने कहा , ‘ दोनों नेताओं की राय है कि दोनों देशों में इतनी परिपक्वता और समझदारी होनी चाहिए कि वे समग्र संबंधों के संदर्भ के दायरे में शांतिपूर्ण चर्चा के जरिये अपने मतभेद सुलझा सकें और इस बात का ख्याल रखें कि हम एक - दूसरे की संवेदनशीलताओं , चिंताओं और आकांक्षाओं का सम्मान करें.' उन्होंने कहा कि वे दोनों पक्षों के बीच व्यापक सामरिक संचार मजबूत करने पर भी सहमत हुए. गोखले ने कहा कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद को साझा खतरा माना और आतंकवाद से मुकाबले में सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता जतायी.

सूत्रों के मुताबिक 9 और 10 जून को चीन में ही आयोजित होने वाले शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन में भी पीएम मोदी शामिल हो सकते हैं। शुक्रवार को चिनफिंग के साथ मीटिंग में पीएम मोदी ने वुहान में थ्री जॉर्ज डैम में हुए काम की सराहना करते हुए कहा कि यह सोचने की बात है कि इसे कितनी स्पीड और कितने बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है। 
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