पुलिसिया लापरवाही के विरोध में ग्रामीणों ने एनएच दो को किया जाम, छोटे कप्तान के कहने पर छोड़ा

पुलिसिया लापरवाही के विरोध में ग्रामीणों ने एनएच दो को किया जाम, छोटे कप्तान के कहने पर छोड़ा चंदौलीः राम राज्य की दुहाई देने वाली भाजपा सरकार के राज में अभी भी पुलिसिया कार्यवाही अंग्रेजों के जमाने के हिसाब से ही चल रही है, जिसका परिणाम है कि पुलिस के डर से बेखौफ दंबगों की पिटाई से एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई और दूसरा युवक अभी भी गंभीर रूप से घायल है जिसको लेकर ग्रामीणों पोस्टमार्टम हॉउस पर नेशनल हाईवे जाम कर दिया. जाम की सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक पहुंचे और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्यवाही का आश्वासन देकर लगभग एक घण्टे बाद जाम समाप्त कराया.

कहते हैं मारपीट की इतनी बड़ी घटना के बाद भी थाने में कार्यवाही के नाम पर मामूली मारपीट की धाराएं लगाकर मुकदमा दर्ज कर मामले को ठंढे बस्ते में डालने की कोशिश की गई, जिस से लोग नाराज थे.

लगभग डेढ़ माह पूर्व बलुआ थाना के टांडा गांव में निषाद परिवार के दो लड़के गंगा नदी में मछली मारने गये थे तभी उसी गांव के दबंग किस्म के युवक मछली के लिए जबरदस्ती करने लगे. युवकों के विरोध करने पर उनकीनिर्दयता पूर्वक पिटाई कर दी गई, जिससे दोनों युवकों को सिर में गंभीर चोटें आईं. जब मामला पुलिस चौकी पंहुचा तो दबंगों के खिलाफ मामूली मारपीट का मामला दर्ज कर मामले को दबाने की कोशिश की गई. हालांकि घायल युवकों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया और वहाँ से डॉक्टरों द्वारा सिर में गंभीर चोट होने पर वाराणसी रेफर कर दिया गया.

परिजनों की मानें तो पुलिस की लापरवाही के चलते एक युवक की जान चली गई और प्रशासन इसको हल्की फ़ुल्की चोट बताता रहा. जब पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीणों को ज्ञात हुआ कि सिर में चोट लगने से मौत हुई है तब आक्रोशित होकर उन्होंने नेशनल हाइवे 2 को जाम कर दिया. देखते हैं अब छोटे पुलिस कप्तान के आश्वासन के बाद न्याय मिलता है या नहीं.
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