कठुआ, उन्नाव बलात्कार कांडः अंततः प्रधानमंत्री मोदी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- न्याय होगा, राहुल गांधी ने पूछा- कब?

कठुआ, उन्नाव बलात्कार कांडः अंततः प्रधानमंत्री मोदी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- न्याय होगा, राहुल गांधी ने पूछा- कब? नई दिल्लीः अपनी पार्टी के नेताओं की अनाप-शनाप हरकतों के बीच उन्नाव और कठुआ बलात्कार मामलों में लंबे समय तक चुप्पी रखने के चलते विपक्ष की आलोचना के शिकार बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंततः चुप्पी तोड़ी है. इन दोनों ही घटनाओं को शर्मनाक बताते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया है कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि गुनहगारों को सख़्त सज़ा दिलवाने में भारत सरकार कोई कोताही नहीं होने देगी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की देर से की गई टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए पूछा है कब? ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए संदेश में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत जानना चाहता है कि उसकी बेटियों को कब न्याय मिलेगा. उन्होंने कठुआ और उन्नाव मामलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिये गये बयान को लेकर शुक्रिया भी बोला.

राहुल ने ट्वीट किया, ‘‘ प्रिय प्रधानमंत्री जी. आपकी लंबी चुप्पी तोड़ने के लिए शुक्रिया. आपने कहा कि हमारी बेटियों को न्याय मिलेगा. भारत जानना चाहता है कि कब?’’ आज प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में एक समारोह में कहा था कि वह देश को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि किसी अपराधी को नहीं छोड़ा जाएगा.

यह एक तथ्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों मामलों को लेकर भाजपा के ख़िलाफ़ उठ रहे सवालों का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है. प्रधानमंत्री संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर की जयंती से एक दिन पहले शुक्रवार को नई दिल्ली में डॉक्टर आंबेडकर नेशनल मेमोरियल में बोल रहे थे.

  •     "पिछले दो दिनों से जो घटनाएं चर्चा में हैं वो किसी भी सभ्य समाज में शोभा नहीं देती हैं, ये शर्मनाक है. एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार हैं.
  •     देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें, हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं. पर मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कोई अपराधी नहीं बचेगा, न्याय होगा और पूरा होगा. हमारी बेटियों को न्याय मिलकर रहेगा.
  •     हमारे समाज की इस आंतरिक बुराई को ख़त्म करने का काम हम सबको मिलकर करना होगा.
  •     आपको स्मरण होगा 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मेरा पहला भाषण लालकिले की प्राचीर से था. लाल क़िले से बोलने का साहस मैंने किया था और मैंने कहा था कि लड़की देर से आती है तो हम उससे तो पूछते हैं कि देर से क्यों आई, कहां गई थी. मैंने कहा कि लड़कियों को पूछने वाले मां-बाप से मैं कहना चाहता हूं कि अपने बेटों से पूछो, वो कहां गया था, रात देर से क्यों आया.
  •     ये माताओं बहनों पर जो ज़ुल्म होते हैं, किसी न किसी मां का वो बेटा होता है और इसलिए सामाजिक संवेदना हो, ये हम सबका दायित्व बनता है. हम सबको मिलकर समाज की बुराइयों से लड़ना है.
  •     गुनहगारों को सख़्त से सख़्त सज़ा हो ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है और भारत सरकार इस ज़िम्मेदारी को पूरा करने में कोई कोताही नहीं होने देगी, ये मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं.

इससे पहले आज भाजपा पर कठुआ और उन्नाव में हुई बलात्कार की घटनाओं को ‘धर्म के चश्मे ’ से देखने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि कठुआ और उन्नाव के मामलों को ‘सामान्य मामले’ नहीं कहा जा सकता है और इन मामलों ने राष्ट्र को शर्मिंदा किया है. पार्टी ने कहा कि भाजपा समानता और गरिमा के लिए महिलाओं की लड़ाई को हल्के में नहीं ले सकती.
 
सिंघवी ने कठुआ मामले के आरोपियों के समर्थन में हुई रैली में शामिल हुए जम्मू-कश्मीर के दो मंत्रियों का बचाव करने के लिए भाजपा की प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी के बयान को लेकर उनकी आलोचना की और कहा कि लेखी ने उन्नाव और कठुआ मामलों को ‘धर्म के चश्मे’ से देखा. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ मैं उस पार्टी की कड़ी निंदा करता हूं जो बलात्कार को धर्म और वर्ग के आधार पर देखती है. बलात्कार को धर्म के चश्मे से देखने वाले व्यक्ति, पार्टी और सरकार की आलोचना होनी चाहिए.’’

उन्होंने उन्नाव की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटाने की मांग की. कांग्रेस ने ट्विटर पर कहा, ‘‘ भाजपा की सांसद मीनाक्षी लेखी की संवेदनहीन टिप्पणी अपने अधिकारों के लिए खड़े होने वाले भारतीय नागरिकों का अपमान है. उनका बयान उनकी पार्टी की प्रतिगामी विचारधारा का द्योतक है. उनको अपने शब्द वापस लेने चाहिए और माफी मांगनी चाहिए.’’

याद रहे कि कठुआ और उन्‍नाव रेप केस को लेकर विपक्ष के लगतार हमलों का जवाब देते हुए भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा था कि उन्‍नाव की घटना 10 महीने पहले की है. पुलिस ने मजिस्‍ट्रेट के सामने बयान लिया. इसमें पीड़िता ने विधायक का नाम नहीं लिया था.

मीनाक्षी लेखी ने कहा था कि पीड़ित महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्‍यनाथ को चिट्ठी लिखी और इसमें विधायक पर आरोप लगाए, फिर कार्रवाई हुई.

उन्‍होंने कहा कि कठुआ रेप केस में भी निष्‍पक्ष जांच हुई है. एसआईटी ने छह से सात लोगों को गिरफ्तार किया है. उन्‍होंने कहा कि मैं ये बताना चाहती हूं कि जम्‍मू-कश्‍मीर बार एसोसिएशन के अध्‍यक्ष बी एस सलाथिया चुनाव में गुलाम नबी आजाद के पोलिंग एजेंट थे, इससे पता चलता है की वहां किस प्रकार की घृणात्मक राजनीति चल रही है. वहां की बार एसोसिएशन के प्रेजिडेंट सलाथिया जी एक तरफ तो न्याय की बात करते हैं दूसरी तरफ हाई कोर्ट को बंद करने की बात कर रहे है.
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