कठुआ, उन्नाव दुष्‍कर्म मामला- उबल रहा देशः कांग्रेस ने राहुल की अगुआई में आधी रात निकाला कैंडल मार्च, पर भाजपा बेशर्मी से बता रही मीडिया, विपक्ष की साजिश

कठुआ, उन्नाव दुष्‍कर्म मामला- उबल रहा देशः कांग्रेस ने राहुल की अगुआई में आधी रात निकाला कैंडल मार्च, पर भाजपा बेशर्मी से बता रही मीडिया, विपक्ष की साजिश नई दिल्‍ली: कठुआ और उन्नाव दुष्‍कर्म मामले को लेकर समूचे देश में उबाल है, पर भाजपा नेताओं की बेशर्मी जस की तस कायम है. उसके बदमिजाज नेता जनता और मीडिया को दोष देने में लगे हैं.

कांग्रेस ने इंडिया गेट के पास कैंडल मार्च निकाला. कैंडल मार्च में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता शामिल हुए. मार्च में हजारों की संख्‍या में दिल्‍ली के लोगों ने भी हिस्‍सा लिया.
 
आधी रात को कैंडल मार्च के दौरान कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष्‍ा राहुल गांधी ने कहा कि देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं.  उन्‍होंने केन्‍द्र की मोदी सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ काम करने होंगे. उन्‍होंने महिलाओं पर हो रहे अत्‍याचार को राष्ट्रीय समस्या बताया.  साथ ही कहा कि इसी के खिलाफ कांग्रेस आंदोलन कर रही है.
 
कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्नाव और कठुआ रेप मामले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. उन्‍होंने कठुआ गैंगरेप का जिक्र करते हुए कहा था कि कैसे कोई व्यक्ति दोषियों को बचाने की मांग कर सकता है. राहुल ने इस मामले पर हो रही रही राजनीति की भी आलोचना की.
 
कठुआ और उन्नाव  रेस केस के विरोध में आधी रात को निकाले गये कैंडल मार्च्‍ा को इं‍डिया गेट के पास पुलिस ने रोकने की कोशिश की. जिसके बाद प्रियंका गांधी राजपथ की सड़क पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं.  इस  दौरान हंगामा और धक्‍का मुक्‍की करने पर उतारु कुछ पार्टी नेताओं को प्रियंका गांधी ने फटकार भी लगाई.
 
भारतीय जनता पार्टी ने कठुआ में आठ साल की बच्ची और उन्नाव में युवती के साथ गैंगरेप मामले पर सफाई दी है. भाजपा ने जहां एक तरफ मीडिया पर इन दोनों घटनाओं की बेजा रिपोर्टिंग का आरोप लगाया है, वहीं कठुआ मामले में कांग्रेस को घसीटा है. इतना ही नहीं, भाजपा ने असम में एक बच्ची से रेप का मामला उठा इन दोनों मामलों से इसकी तुलना की है.

भाजपा ने उन्नाव मामले में अपने विधायक को एक बार फिर दोषी नहीं मानते हुए उसे निजी रंजिश का मामला बताने की कोशिश की है. भाजपा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में उनके मंत्रियों को गुमराह किया गया था. उन्होंने जांच होने तक किसी पर ऐक्शन नहीं लेने की बात कही.

भाजपा की तरफ से मीनाक्षी लेखी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी का पक्ष रखा. मीनाक्षी लेखी ने कहा कि कठुआ पर जम्मू-कश्मीर की भाजपा यूनिट ने एक अप्रैल को ही बयान जारी कर अपराधियों पर कार्रवाई की बात कही लेकिन मीडिया ने इसे नहीं दिखाया. मीनाक्षी लेखी ने कहा कि 12 अप्रैल को हमारी पार्टी के अनशन के दौरान भी मीडिया हमसे कठुआ और उन्नाव के बारे में ही पूछ रहा था.

मीनाक्षी ने कहा कि उन्नाव वाला केस 10 महीने पुराना है, कठुआ का केस जनवरी का है लेकिन अप्रैल में असम में भी एक केस हुआ. मीनाक्षी ने कहा, 'पांचवीं क्लास की 12 साल की छात्रा से रेप हुआ, उसे केरोसीन डालकर जलाया गया. इस घटना में शामिल शख्स 21 साल का जाकिर हुसैन था.'

मीनाक्षी लेखी ने कहा कि कुछ लोग इस विषय पर चुप हैं जबकि बाकी विषयों को उछाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी नहीं चाहती कि इन विषयों पर राजनीति हो. मीनाक्षी लेखी ने कहा कि देश में एक अलग तरीके का वातावरण बनाने की कोशिश है. अपराधियों को लेकर कुछ तथ्य प्रस्तुत करना चाहती हूं. उन्होंने कहा, 'कठुआ मामले की सही जांच हुई है. केस तुरंत क्राइम ब्रांच को सौंपा गया. 6-7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. एसआईटी का गठन किया गया है.'

मीनाक्षी लेखी ने जम्मू बार असोसिएशन के प्रेजिडेंट सलाथिया के बहाने इस केस से कांग्रेस को जोड़ा. मीनाक्षी ने कहा कि 'एक तरफ बार असोसिएशन के प्रेजिडेंट सलाथिया कह रहे हैं कि न्याय चाहते हैं और दूसरी तरफ हाई कोर्ट को बंद करने की घोषणा की है. सलाथिया गुलाम नबी आजाद के पोलिंग एजेंट थे.' उन्होंने कहा कि अब आप देख लीजिए कैसी राजनीति हो रही है.

मीनाक्षी लेखी उन्नाव गैंगरेप केस पर भी बोलीं. इस मामले में गैंगरेप का आरोप भाजपा विधायक पर है. हालांकि मीनाक्षी लेखी ने अपने विधायक की गलती की जगह इसे निजी रंजिश बताने की कोशिश की. मीनाक्षी लेखी ने कहा, 'उन्नाव वाले विषय पर डेट लाइन देना चाहती हूं. यह घटना करीब 10 महीने पहले की है. 11 जून 2017 को पीड़िता गायब हुई थी. पीड़िता के परिवार ने शुभम और अवधेश नाम के दो लोगों पर केस किया. 21 जून को लौट कर आई। 22 जून को पुलिस ने इनका बयान मैजिस्ट्रेट के सामने कराया. उन्होंने कुछ लोगों का नाम लिया लेकिन विधायक का नाम नहीं लिया.'

उन्होंने आगे कहा, 'जून-जुलाई के बीच पीड़िता ने पीएम और आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी. विधायक कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाया. पीएमओ ऐक्शन में आया. कार्रवाई हुई. 30 अक्टूबर को विधायक समर्थकों ने पीड़िता के परिवार पर मानहानि का केस किया. आपस में झगड़ा शुरू हो गया. 3 अप्रैल को पीड़िता के पिता के साथ मारपीट हुई. आपसी रंजिश का नतीजा था.

पुलिस ने आर्म्स ऐक्ट का केस लगाया. सीएमओ और डॉक्टर की तरफ से गलत रिपोर्ट आई. दोनों को कस्टडी में ले लिया गया है, जिन्होंने लड़की के पिता को जेल जाने के लिए फिट बताया था. डेप्युटी एसपी को सस्पेंड कर दिया गया है. विधायक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है.' मीनाक्षी ने कहा कि महिलाएं, बच्चे, पीड़ित किसी धर्म या किसी समाज के नहीं होते, देश के होते हैं.
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