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सैदूपुर पहाड़ी स्थित परी माता जी के दरबार में पूरी होती है भक्तों की हर मुरादें

अमिय पाण्डेय , Mar 27, 2018, 19:07 pm IST
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सैदूपुर पहाड़ी स्थित परी माता जी के दरबार में पूरी होती है भक्तों  की हर मुरादें
चंदौली: खबरे अध्यात्म से जुडी, खबरे यात्रा और स्थान से जुडी ,खबरे आस्था और उमड़ती जनसैलाब से जुडी,जी हाँ कुछ ऐसे ही आस्था और धर्म के प्रति लगाव रखने के कारण आपकी चर्चित न्यूज़ वेबसाइट  जनता जनार्दन मीडिया ने शुरुवात किया है अध्यात्म एक खोज की आज हम आपको ऐसे जगह के बारे में बतलाने जा रहे है जो वास्तव में धर्म और अध्यात्म से जुड़ा है.आगे पढ़े?

कैसे पहुंचे यहाँ 
जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर परी माता जी का मंदिर इन दिनों आस्था का केंद्र बना हुआ है चंदौली जनपद के चकिया तहसील स्तिथ सैदूपुर बाजार होते हुए ग्राम गलिमापुर,सुल्तानपुर पोस्ट खरौजा में आप सड़क मार्ग द्वारा इस मंदिर पर पहुंच सकते है.
 
मंदिर से जुड़ी अनेक कहानियां 
परी माता जी का यह मंदिर इसलिए खास है क्युकी भक्तो की हर मुरादे  पूरी करती है माता भक्तो को यहाँ विशेष देखरेख में माता जी द्वारा सिर्फ भभूत देकर कैसे भी असाध्य से असाध्य रोगों को ठीक करने का दावा किया जाता है,भक्तो के बातचीत के दौरान संवाददाता जनता जनार्दन को भक्तो ने अनेक चमत्कार के विषय में बताया जैसे वहा रोगियों और दुःखो को सच्चे मन से जो भी मानता है सबका दुःख माता जी पूरी करती है। 

हर रविवार माता जी भक्तो को देती है भभूत
परी माता जी का मंदिर वैसे तो देवी स्वरुप है भगवान भोलेनाथ और हनुमान जी कृपा माता जी के ऊपर विशेष है माता जी आने वाले प्रत्येक रविवार को चौकी पर बैठती है और भभूत मात्र देने से ही भक्त दो से तीन और पांच रविवार तक बिलकुल ठीक हो जाते है.इसके बाद जो भी सच्चे मन से कोई भी मुरादें मांगता है उसकी सारी मनोकामनाएं  पूरी होती  है.
 
ग्रामीणों के अनुसार 
गावं के रहने वाले इंद्रजीत कुमार और गुड्डू कुमार ने बताया की इस गांव की लड़की है माता जी और माता जी बकरी और भैस चराते हुए उस पहाड़ी की ओर जाती थी तभी उनको परी माता जी दिखाई दी अचानक देखने के बाद माता जी की तबियत बिगड़ी और इलाज के बाद भी कही ठीक नहीं हुआ फिर माता जी की शादी हुयी उसके बाद भी ससुराल में माता जी का मन नहीं लगा तो वह मायके आकर रहने लगी और मंदिर निर्माण की बात की,गावं वालो की मदद से मंदिर का निर्माण हुआ फिर तब अचानक माता जी ठीक हो गयी और उसके बाद से यह दरबार सच्चे दरबारों में शुमार हो गया,भक्तो का हर दुःख माता जी खुद परी माता जी के आशीर्वाद से ठीक कर देती है. 

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