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रूसी राष्ट्रपति चुनावः रिकॉर्ड जीत के बाद पुतिन ने कहा, हथियारों के होड़ की जरूरत नहीं

रूसी राष्ट्रपति चुनावः रिकॉर्ड जीत के बाद पुतिन ने कहा, हथियारों के होड़ की जरूरत नहीं मॉस्‍को: दुनिया के सबसे बड़े देश रूस की कमान एक बार फिर व्‍लादिमीर पुतिन के हाथ में आ गई है. अपनी रिकॉर्ड जीत के बाद पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देशों और दुनिया को हथियारों के होड़ में पड़ने की जरूरत नहीं है. रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग के मुताबिक रविवार को हुए राष्‍ट्रपति चुनाव में पड़े वोटों की 70 फीसदी गिनती पूरी हो गई है. इसमें पुतिन को 75.9 फीसदी वोट मिले हैं.

65 वर्षीय पुतिन का बतौर रूसी राष्‍ट्रपति यह चौथा कार्यकाल होगा. वह 2024 तक सत्‍ता पर काबिज रहेंगे. शुरुआती नतीजों की घोषणा होने के बाद मॉस्‍को में लोगों को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि रूस के मतदाताओं ने पिछले कुछ सालों के कामों पर अपनी मुहर लगाई है. इससे पहले 2012 में हुए राष्‍ट्रपति चुनाव के मुकाबले उनके वोट प्रतिशत में भी बढ़ोतरी हुई है. उस चुनाव में उन्‍हें 64 फीसदी वोट मिले थे.

रूसी राष्‍ट्रपति बनने की दौड़ में पुतिन को टक्‍क्‍र देने के लिए चुनावी मैदान में कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के पावेल ग्रुदिनिन थे. लेकिन उन्‍हें 13 फीसदी ही वोट मिले. उनके अलावा नेशनलिस्‍ट पार्टी के व्‍लादिमीर जिरिनोवस्‍की चुनावी मैदान में थे. उन्‍हें महज 6 फीसदी ही वोट मिले. पुतिन के खिलाफ मैदान में कुल सात उम्‍मीदवार थे. लेकिन कोई पुतिन को टक्‍कर नहीं दे पाया. वहीं मुख्‍य विपक्षी नेता एलेक्‍सी नवालनी को चुनाव से प्रतिबंधित कर दिया गया था. सेनिया सोबचाक को 2 फीसदी वोट मिले.

व्‍लादिमीर पुतिन पहली बार वर्ष 2000 में रूस के राष्‍ट्रपति बने. पुतिन ने पहली बार सात मई, 2000 को राष्‍ट्रपति पद संभाला. उनके चार-चार साल के दो कार्यकाल मई 2008 में समाप्‍त हुए. इसके बाद वह 8 मई, 2008 को रूस के प्रधानमंत्री बने. वह 2012 में राष्‍ट्रपति बनने से पहले तक प्रधानमंत्री रहे. इससे पहले भी वह 1999 से 2000 तक प्रधानमंत्री रह चुके थे. पुतिन का जन्‍म 7 अक्‍टूबर, 1952 को हुआ था.

जब पुतिन ने पूछा गया कि क्‍या आप अगले छह साल के कार्यकाल के लिए भी चुनाव में खड़े होंगे तो पुतिन ने जवाब दिया कि आप लोग क्‍यों मजाक कर रहे हैं. आप लोगों को क्‍या लगता है कि मैं 100 साल की उम्र तक यहीं रहूंगा, नहीं ऐसा नहीं होगा. पहले रूसी राष्‍ट्रपति कार्यकाल चार साल का होता था. इसे 2012 में छह साल का किया गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन को फोन कर चौथी बार राष्ट्रपति बनने पर उन्हें शुभकामनाएं दी. वहीं, रूस के पड़ोसी और पुतिन के खास दोस्त चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सबसे पहले टेलेग्राम पर मैसेज कर पुतिन को जीत की बधाई दी.

शी ने रूस और चीन के रिश्तों के आगे ले जाने के लिए विकास पर काम करने की बात करते हुए टेलेग्राम पर लिखा, 'पिछले कुछ सालों में रूस के लोगों ने अपनी एकता और समन्वयता को दिखाया है. इसी वजह से रूस तेजी के साथ एक मजबूत मुल्क की ओर बढ़ रहा है और सामाजिक-आर्थिक विकास ढांचे अभुतपूर्व उपलब्धियां हासिल की है. रूस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत बड़ी भूमिका निभाई है.'

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने भी पुतिन को बधाई देते हुए लिखा, '2018-2024 तक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के फिर से चुने जाने पर उन्हें बधाई.' वहीं, मीडिल ईस्ट से सबसे पहले इजीप्ट के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी ने पुतिन को शुभकमनाएं दी.

उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने पुतिन को बधाई देते हुए लिखा कि हाल के चुनावों के परिणाम ने एक बार फिर से रूसी लोगों ने विश्वास और सावधानी से विचार-विमर्श करने और सटीक नीति के लिए भारी समर्थन दिखाया है, जो कि व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में कार्यान्वित किया गया.

वहीं, जर्मन चांलसर ने तो अभी तक कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की लेकिन जर्मनी की नई विदेश मंत्री हेइको मास ने कहा कि रूस एक कठिन साझेदार रहेगा. लेकिन, रूस बड़े अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए हम रूस से बातचीत जारी रखेंगे.
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