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समुचित वेतन का हो निर्धारण: कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने पटना के गांधी मैदान में शक्ति प्रदर्शन कर की मांग

समुचित वेतन का हो निर्धारण: कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने पटना के गांधी मैदान में शक्ति प्रदर्शन कर की मांग पटनाः स्थानीय गांधी मैदान में बिहार राज्य कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ के तत्वावधान में ग्रामीण कार्य विभाग के बिहार ग्रामीण पथ विकास अभिकरण, बिहार के कार्य अंचलों, कार्य प्रमण्डलों एवं क्षेत्रीय प्रयोगशाला में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों की बैठक गांधी मैदान में संघ के अध्यक्ष सूरज कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता एवं महासचिव अनुज गुप्ता की संचालन में संपन्न हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि जहां केन्द्र एवं राज्य सरकारें सभी विभागों, कार्यालयों को कम्प्युटरीकृत कर रही हैं तथा हाईटेक बनाने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर इन सभी में सबसे ज्यादा सहयोगात्मक भूमिका निभाने वाले कर्मियों को ही मरने पर मजबूर कर ही है। राज्य को कम्प्यूटरीकृत करने एवं हाईटेक बनाने में कम्प्यूटर ऑपरेटरों का सबसे बड़ा भूमिका रही है, लेकिन सरकार कम्प्यूटर ऑपरेटरों पर ध्यान नहीं दे रही है।

यह एक कड़वा सच है कि बिहार के सभी विभागों में बड़े पैमाने पर कम्प्यूटर ऑपरेटरों को रख कर कार्य कराया जाता है लेकिन उनकी मासिक पारिश्रमिक राशि काफी कम है, जिससे वे अपना गुजर-बसर ही यथोचित ढंग से नहीं कर पा रहे हैं तो अपने बाल-बच्चों का भरण पोषण कैसे कर सकते हैं।

श्री पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन सचिव डा. बी राजेन्द्र ने सभी अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंताओं को सभी कम्प्यूटर संबंधी कार्यो के निष्पादन हेतु कम्प्यूटर ऑपरेटरों की बहाली स्थानीय व्यवस्था के तहत करने का निर्देश दिये थे. जिसके बाद एक कार्यालय आदेश निकाल कर जिलों में पदस्थापित कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटरों को कार्य करने का आदेश दे दिया गया था।

कम्प्यूटर ऑपरेटर विभाग ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य योजनाओं का संपूर्ण डाटा ऑनलाईन करने में भी काफी महती भूमिका निभायी थी। कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने कहा कि विभाग में सात-से-आठ वर्षों से कम्प्यूटर ऑपरेटर कार्य करते आ रहे हैं लेकिन उनकी मासिक पारिश्रमिक राशि की तरफ किसी का ध्यान नहीं है, जो कि वर्तमान मंहगाई को देखते हुए बहुत कम है।

लगभग सभी सरकारी विभागों में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को मात्र आठ से दस हजार रुपए ही दिये जा रहे हैं जिससे उनका भरण पोषण भी ठीक से नहीं हो रहा है। बैठक में कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने बिहार सरकार द्बारा स्थायीकरण नहीं होने तक विभागीय स्तर से ग्रामीण कार्य विभाग के कार्य अंचल, कार्य प्रमण्डल, क्षेत्रीय प्रयोगशाला एवं बिहार ग्रामीण पथ विकास अभिकरण (ब्राडा) में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को 60 वर्षो के लिए सेवा निर्धारित किये जाने की भी मांग की ताकि क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्बारा उन्हें बिना कारण कार्यमुक्त नहीं किया जा सके। वर्तमान महंगाई को देखते हुए कम्प्यूटर ऑपरेटर की मासिक पारिश्रमिक राशि (मानदेय) का निर्धारण विभाग स्तर से किया जाय ताकि हम सभी अपने परिवार का भरण पोषण सही ढंग से कर सके।

वक्ताओं ने कहा कि जबतक बिहार सरकार द्वारा वेतन का बजटीय प्रावधान नहीं होता है तब तक विभागीय स्तर से कम्प्यूटर ऑपरेटरों के पारिश्रमिक राशि (मानदेय) के भुगतान हेतु अलग राशि क्षेत्रीय कार्यालयों को उपलब्ध कराई जाए.  इस आशय का मांग पत्र भी ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री को सौंपा गया। बैठक में कार्यकारिणी का पुनर्गठन भी किया गया, जिसमें औरंगाबाद अंचल के सूरज कुमार पाण्डेय को पुनः अध्यक्ष बनाया गया। धीरज कुमार पांडेय एव जयप्रकाश को संयोजक, सुनील कुमार को महासचिव, साक्षी कुमारी को प्रवक्ता, अनुज कुमार गुप्ता, रंजन कुमार सिंह, नरेश कुमार को उपाध्यक्ष, बिपिन कुमार को कोषाध्यक्ष, शाबाद आलम अंसारी, हरेंद्र कुमार शर्मा, मुरली कुमार शर्मा, मो शाहनवाज, मो नजरुल हक अंसारी को सचिव, राकेश कुमार, हिमांशू कुमार झा, नीलकमल मिश्र, विनोद कुमार, कमलेश कुमार को संयक्त सचिव, मणिग्रीव कुमार को प्रवक्ता बनाया गया।

बैठक में धीरज कुमार पाण्डेय, रंजन कुमार, चंद्रभूषण, लवकान्त ओझा, मो नजरुल हक अंसारी, दीपक कुमार, पंकज कुमार शर्मा, गौरव कुमार, हरेंद्र कुमार शर्मा, हिमांशू कुमार झा, सुनील कुमार, बिपिन कुमार, सुशील कुमार, अरुण कुमार, सुनील कुमार, कमलेश कुमार, ओम प्रकाश, शशि कुमार श्रीवास्तव, सुदर्शन पंडित, हीरालाल यादव, सदाम आलम अंसारी, मुरली कुमार, सुशांत कुमार सिंह, बिपिन कुमार, मुकेश कुमार आदि की मौजूदगी उल्लेखनीय रही.
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