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डिजिटल इंडिया के दौर में गरीबी की मारः वेतन और नौकरी की नियमितता को लेकर कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ का पटना में प्रदर्शन

डिजिटल इंडिया के दौर में गरीबी की मारः वेतन और नौकरी की नियमितता को लेकर कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ का पटना में प्रदर्शन पटनाः डिजिटल इंडिया के दौर में एक तरफ जहां केन्द्र एवं राज्य सरकारें सभी विभागों, कार्यालयों सहित अन्य क्षेत्रों को कम्प्युटरीकृत कर रही हैं तथा कार्यालय से लेकर अधिकारी, जनता तक को हाईटेक बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर इ्स अभियान में सबसे ज्यादा सहयोगात्मक भूमिका निभाने वाले कर्मियों को भूखों मरने पर मजबूर कर ही है।

बिहार राज्य को कम्प्यूटरीकृत करने एवं हाईटेक बनाने में कम्प्यूटर ऑपरेटरों की काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है लेकिन सरकार कम्प्यूटर ऑपरेटरों की भविष्य पर ध्यान नहीं दे रही है। बिहार के सभी विभागों में बड़े पैमाने पर कम्प्यूटर ऑपरेटरों को रख कर कार्य कराया जाता है, लेकिन उनकी मासिक पारिश्रमिक राशि काफी कम है, जिससे वे अपना गुजर बसर ही अच्छे से नहीं कर पा रहे हैं तो अपने बाल-बच्चों का भरण पोषण कैसे कर सकते हैं?

अभियंत्रण विभाग में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को सबसे बड़ी परेशानी हो रही है। बिहार के पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग सहित अन्य ऐसे विभाग हैं जहां बड़ी तादाद में कम्प्यूटर ऑपरेटरों की सेवा ली जा रही है तथा उन्हें दिन-रात कार्य लिया जाता है। लेकिन सरकार न तो उनके नियमतीकरण पर ध्यान दे रही है और न ही उनके वेतन पर सरकार का ध्यान है।

इन्हीं मसलों को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग के अंचलों एवं प्रमण्डलों सहित मुख्यालय स्तर पर कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने अपनी एकता बनाने के लिए आगामी 18 मार्च 2018 को पटना के गांधी मैदान में जुटान का ऐलान किया है, जहां से वह अपने स्थायी करण एवं उचित वेतन निर्धारण करवाने की दिशा में आंदोलन की पहल करने वाले हैं।

बताते चलें कि ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन सचिव डा. बी राजेन्द्र ने सभी अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंताओं को सभी कम्प्यूटर संबंधी कार्यो के निष्पादन हेतु कम्प्यूटर ऑपरेटरों की बहाली स्थानीय व्यवस्था के तहत करने के निर्देश दिये थे जिसके बाद वे एक कार्यालय आदेश निकाल कर जिलों में पदस्थापित कर दिए गए. इस तरह केवल एक मेमो से कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटरों की भर्ती और कार्य कराने का आदेश हुआ था। इसी के तहत विभाग में सात-से आठ वर्षों से कम्प्यूटर ऑपरेटर कार्य करते आ रहे हैं लेकिन वह अभी भी दिहाड़ी की तरह ही अनियमित से हैं. फिर उनकी मासिक पारिश्रमिक राशि वर्तमान मंहगाई को देखते हुए बहुत कम है।

विभाग में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को मात्र आठ से दस हजार रूपए ही दिये जा रहे हैं जिससे उनका भरण पोषण भी नहीं हो रहा है। यही वजह है कि राज्य भर के कंप्युटर ऑपरेटर अपनी सेवा को 60 वर्षो तक सुनिश्चित कराने तथा भरण-पोषण के लिए उचित वेतन निर्धारण कराने की मांग को लेकर आज गांधी मैदान पर अपने शक्ति प्रदर्शन के लिए जुट रहे हैं।
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