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फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति मैक्रों के साथ अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पीएम मोदी, सोलर पावर प्‍लांट का किया उद्घाटन

फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति मैक्रों के साथ अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पीएम मोदी, सोलर पावर प्‍लांट का किया उद्घाटन वाराणसीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों सोमवार सुबह वाराणसी दौरे पर पहुंचे. दोनों नेताओं ने वाराणसी से सटे मीरजापुर जिले में बने यूपी के सबसे बड़े सोलर प्लांट का उद्घाटन किया.

फ्रांस के सहयोग से बना यह 100 मेगावाट का सोलर प्लांट दोनों देशों के बीच गहरी होती दोस्ती का बेहतरीन उदाहरण है. यह प्लांट के बनने में करीब 650 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. वाराणसी दौरे के दौरान मैक्रों ऐतिहासिक नदेसर पैलेस भी जाएंगे और सोने की थाली में लंच करेंगे.

इसके बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों और उनकी पत्नी के साथ पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे. दोनों नेता बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल गए और वहां शहनाई वादन से उनका स्वागत किया गया. उन्होंने यहां पर कलाकृतियों के साथ नाटक का मंचन भी देखा.

पीएम मोदी और मैक्रों यहां से अब अस्सी घाट जाएंगे और बजड़े पर बैठकर गंगा नदी के किनारे बने विश्व प्रसिद्ध घाटों के सौंदर्य को निहारेंगे. इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी वाराणसी को करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की सौगात भी देंगे.

बता दें कि जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बाद मैक्रों दूसरे प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष हैं जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी भारत की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी की संस्कृति से रू-ब-रू कराएंगे. दोनों नेताओं के स्वागत के लिए काशी नगरी सज चुकी है. एक दर्जन घाटों पर रेड कारपेट बिछाई गई है और उन्हें फूलों से सजाया गया है.

सड़कों और गंगा के दोनों तटों पर भारत और फ्रांस के झंडे तथा कटआउट लगाए गए हैं. पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के लिए जमीन से आकाश तक सिक्यॉरिटी सर्किल तैयार किया गया है. सेना के साथ एसपीजी और फ्रांस के सुरक्षा दल ने कमान संभाल ली है.

अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक गंगा के अंदर से लेकर चारों तरफ सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है. कई तरह की सिक्यॉरिटी डिवाइसेज भी लगाई गई हैं.

गंगा घाटों पर होने वाले कार्यक्रमों से मैक्रों को बनारस के धार्मिक-सांस्कृतिक और अध्यात्म की झलक मिलेगी. केदार घाट पर श्रीकृष्ण-राधा संग गोपियां मयूर बनकर नृत्य करेंगी. अस्सी घाट पर वैदिक ऋचाएं, मानसरोवर घाट पर कबीर के पद जबकि तुलसी घाट पर श्रीरामचरित मानस की चौपाइयां गूजेंगी.

तुलसीघाट पर बालिकाएं कुश्ती कला के धोबियापाट और पट दांव की कला भी दिखाएंगी. सधुक्कड़ी परंपरा वाले सौ से ज्यादा संतों-महात्माओं की अड़ी भी मैक्रों को देखने को मिलेगी.

राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों काशी की कला-संगीत, धार्मिक परंपरा के विविध रंग देखने के बाद कभी काशी स्टेट की नदेसरी कोठी रहे ऐतिहासिक नदेसर पैलेस में पीएम मोदी संग लंच लेंगे.

इस पैलेस को 18 वीं सदी के आखिर में महाराजा बनारस ने जेम्स प्रिंसेप के कहने पर मेहमानों के लिए बनवाया था. उस समय जेम्स प्रिंसेप बनारस के प्राचीन इतिहास पर काम कर रहे थे. प्रिंसेप ने अपनी देखरेख में नदेसरी कोठी की रिमॉडलिंग करवाई थी.

नदेसर पैलेस पहुंचने पर पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के कदम रेड कारपेट पर पड़ेंगे. गुलाब के फूलों की पंखुड़ियां बरसाई जाएंगी. पैलेस के हॉल में दोनों नेता आकर्षक टेबल पर सोने की थाली में राजशाही अंदाज में लंच करेंगे. भोजन सात्विक होगा और सिर्फ बनारस व्यंजन ही परोसे जाएंगे.

इससे पहले पीएम मोदी और मैक्रों सुबह 11 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे. सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल राम नाइक ने उनका स्वागत किया. एयरपोर्ट से दोनों नेता हेलिकॉटर से मीरजापुर गए और वहां सोलर एनर्जी प्लांट का उद्घाटन किया.

बनारस की सड़कों पर ग्रैंड वेलकम के बाद नदेसर पैलेस में लंच और कुछ देर ठहरने के बाद इमैन्युएल मैक्रों शाम 5 बजे दिल्ली लौट जाएंगे.
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