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आंध्र कांग्रेस के धरना-स्थल पहुंचे राहुल गांधी, राज्य को विशेष दर्जा देने की मांग का किया समर्थन

आंध्र कांग्रेस के धरना-स्थल पहुंचे राहुल गांधी, राज्य को विशेष दर्जा देने की मांग का किया समर्थन नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज सभी को चौंकाते हुए आंध्र प्रदेश कांग्रेस की ओर से संसद के बाहर दिये जा रहे धरनास्थल पर पहुंचे और राज्य को विशेष दर्जा दिए जाने की वकालत की. उन्होंने कहा कि 'आंध्र प्रदेश की जनता का जो हक है, वह उसे मिलना ही चाहिए.

तेलुगु देशम पार्टी इस मसले को लेकर केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से नाराज चल रही है. गांधी की इस पहल को टीडीपी के नेता एन चंद्रबाबू नायडु को पटाने की एक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है.

राहुल ने भरोसा दिलाया है कि 2019 लोकसभा चुनाव में अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो सबसे पहले आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि, "आंध्र प्रदेश के लोगों का बकाया उन्हें एक ही बार में दिया जाना चाहिए."

इससे पहले फरवरी में भी उन्होंने घोषणा की थी कि कांग्रेस पार्टी आंध्र को विशेष दर्जा दिए जाने का समर्थन करेगी और हम दूसरी पार्टियों से भी मांग करते हैं वो भी इसके लिए एकजुट हों. इसके अलावा उन्होंने पोलावरम प्रोजेक्ट को जल्द पूरा किए जाने की भी वकालत की.

राहुल गांधी ने तब ट्वीट किया था, 'कांग्रेस पार्टी आंध्र प्रदेश के लोगों की विशेष दर्जे की मांग और पोलावरम प्रोजेक्ट के जल्दी पूरा करने की मांग का समर्थन करती है. समय आ गया है जब सभी पार्टियां इस मुद्दे पर न्याय दिलाने के लिए एकजुट हो जाएं.'

गौरतलब है कि बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों को कई बार आंध्र के सांसदों के प्रदर्शन की वजह से स्थगित करना पड़ा है. आंध्र की सत्ताधारी टीडीपी सहित वाईएसआर कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने राज्य को विशेष दर्जा दिए जाने को लेकर प्रदर्शन किया है.

वाईएसआरसीपी कांग्रेस के नेताओं ने संसद और संसद के बाहर विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है. सांसद वाईवी सुब्बा रेड्डी ने संसद में इस मुद्दे पर बहस की मांग की है.

इसके अलावा वाईएसआरसीपी सांसदों ने संसद के मुख्य प्रवेश द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया. सांसदों के हाथ में प्लेकार्ड्स थे जिस पर विशेष राज्य की मांग को लेकर स्लोगन लिखे गए थे. राज्यसभा सांसद विजयसाई रेड्डी, सांसद मेकपाटी राजा मोहन रेड्डी, सांसद सुब्बा रेड्डी, वरा प्रसाद, मिथुन रेड्डी सहित कई नेताओं ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया.

इससे पहले वाईएसआरसीपी नेताओं ने कल दिल्ली के संसद मार्ग पर धरना दिया था. पार्टी नेताओं ने एलान किया है कि वे संसद में 21 मार्च को नो कॉन्फिडेंस मोशन लाएंगे. इसके बाद अगर 5 अप्रैल तक केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो अगले दिन वाईएसआरसीपी के सभी सासंद विरोध स्वरूप संसद की सदस्यता का त्याग कर देंगे.
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