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सुंजवान आर्मी कैंप पर आतंकी हमला: 5 जवान शहीद, 4 हमलावर ढेर, एक नागरिक की मौत

सुंजवान आर्मी कैंप पर आतंकी हमला: 5 जवान शहीद, 4 हमलावर ढेर, एक नागरिक की मौत सुंजवानः जम्मू सुंजवान आर्मी कैंप हमले में मारने ताजा अपडेट मिलने तक 4 आतंकियों को ढेर किया जा चुका है. इस हमले में सुरक्षाबलों के 5 शहीद हुए जवान शहीद हो चुके है. जबकि एक जवान के पिता की भी मौत हो गई है.  

इस हमले में कर्नल रैंक के अफसर समेत कुल 9 जवान घायल हुए हैं. शहीद जवानों में सूबेदार मदन लाल चौधरी, सूबेदार मोहम्मद अशरफ मीर, हवलदार हबीबउल्ला कुरैशी,  नायक मंजूर अहमद, लांस नायक मोहम्मद इकबाल शामिल है. इस हमले में एक नागरिक की भी मौत हुई है जो कि लांस नायक मोहम्मद इकबाल के पिता हैं.

आपको बता दें कि साल 2017 में जम्मू कश्मीर में अब तक कुल 218 आतंकी मारे गए हैं वहीं इसी साल जम्मू कश्मीर में 83 जवान शहीद हो चुके है. इस हमले की जांच के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी सुंजवान आर्मी कैंप पहुंच चुकी है.

ताजा अपडेट के मुताबिक सुरक्षाबलों ने जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप में छिपे 2 और आतंकवादियों को मारा गिराया है जबकि जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकवादियों के हमले में सेना के 3 और जवानों के शहीद होने तथा 1 नागरिक के मारे जाने के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद के भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने शिविर पर शनिवार तड़के हमला कर दिया था. सुरक्षाबलों ने शनिवार को दो आतंकवादियों को मार गिराया था.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘2 और आतंकवादी मारे गए हैं. इसके साथ ही अब मारे गए आतंकवादियों की संख्या 4 हो गई है.’’ शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि सेना के तीन और जवान शहीद हो गए तथा एक सैन्य कर्मी के पिता की मौत हो गई. इसके साथ ही मृतकों की संख्या छह हो गयी है .सेना के एक अधिकारी ने बताया कि अभियान जारी है .

जम्मू में सेना के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने मीडिया से कहा, ‘‘अभियान चल रहा है और क्वार्टरों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है.’’ उन्होंने बताया कि कई परिवार अब भी वहां हैं और सेना का मकसद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.अधिकारी ने कहा, ‘‘शनिवार रात से कोई गोलीबारी नहीं हुई.’’

जम्मू क्षेत्र में करीब 15 महीने पहले ऐसा ही हमला हुआ था. 29 नवंबर 2016 को आतंकवादी जम्मू शहर में नगरोटा आर्मी कैंप में घुसे थे जिसमें दो अधिकारी समेत सात सैन्य कर्मी शहीद हो गए थे. इसमें तीन आतंकवादी भी मारे गए थे. आतंकवादी कल भोर होने से पहले संतरी से संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद पीछे की ओर से शिविर के भीतर घुसे थे .

अधिकारी ने कहा, ‘‘आतंकवादी आवासीय परिसर में घुसे जिसके बाद त्वरित कार्रवाई दलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और शिविर के भीतर कुछ घरों में छिपे आतंकवादियों को घेर लिया.’’

शिविर के सामने जम्मू-लखनपुर बाइपास पर वाहनों की आवाजाही जारी है जबकि बुलेट प्रूफ वाहनों में सवार सैन्य कर्मी शिविर के पीछे की ओर आवासीय परिसर से लोगों को निकालने के अभियान में जुटे हैं.

सीआरपीएफ और पुलिस के दल शिविर की दीवार के बाहर तैनात हैं और नागरिकों को हताहत होने से बचाने के लिए आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखे हुए हैं. जम्मू में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और शहर में तथा आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

खुफिया एजेंसियों ने अफजल गुरू की बरसी के मद्देनजर जैश-ए-मोहम्मद द्वारा सेना या सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले की चेतावनी दी थी. अफजल गुरू को वर्ष 2001 में संसद भवन पर हमले के दोष में नौ फरवरी 2013 को फांसी दी गई थी.
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