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यह अधिकतम विज्ञापन और कम से कम काम वाली सरकारः कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी

जनता जनार्दन संवाददाता , Feb 08, 2018, 15:35 pm IST
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यह अधिकतम विज्ञापन और कम से कम काम वाली सरकारः कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी में सोनिया गांधी की हैसियत पर भले ही कोई सवाल नहीं उठा सकता, लेकिन सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को साफ कर दिया है कि पार्टी प्रमुख अब राहुल गांधी है. कांग्रेस की पूर्व अध्‍यक्ष एवं वरिष्‍‍ठ नेता सोनिया गांधी ने पार्टी की संसदीय दल की बैठक में राहुल गांधी को अपना बॉस बताया. उन्‍होंने बैठक में कहा कि 'अब राहुल गांधी मेरे बॉस हैं. नए बॉस के बारे में कोई शंका नहीं है. उम्‍मीद है आप सब मिलकर राहुल के साथ काम करेंगे'.

सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि हम सब एक होकर पार्टी की बेहतरी के लिए राहुल गांधी के साथ काम करेंगे. उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत हो गई है. उन्होंने कहा कि गुजरात में हमने कठिन परिस्थितियों में काफी अच्छा परिणाम दिया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान के उपचुनाव में भी हमने जो परिणाम दिए हैं वह काफी उत्साहवर्धक हैं.

सोनिया गांधी ने कहा कि अब बदलाव के लिए माहौल बना हुआ है. उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इन दो राज्यों में पार्टी के लिए बेहतर परिणाम देने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में होने वाले चुनाव में भी पार्टी दोबारा सत्ता में आएगी. सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान लोकतंत्र के कई स्तंभों पर हमले हुए हैं. साथ ही उन्होंने बेरोजगारी, किसानों का मुद्दा आदि पर मोदी सरकार को घेरा.

सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियां गिनवा रही है, लेकिन ये जमीन पर नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि किसानों के आत्महत्या करने की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है.

सोनिया ने सरकार पर बजट, रोजगार जैसे कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत और छोटे व्यापारियों की हालात ठीक नहीं है युवाओं में रोजगार को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, देश में नए रोजगार नहीं बढ़ रहे हैं उन्होंने कहा कि देश की जनता अपनी पुरानी नौकरियां भी खोते जा रहे हैं

इतना ही नहीं सोनिया ने मोदी सरकार द्वारा लाई जाने वाली सभी योजनाओं को यूपीए सरकार की बताई। उन्होंने कहा कि इस सरकार को सत्ता में आए 4 साल हो गए हैं और लगातार सरकार की वजह से लोकतंत्र खतरे में आया है इसका असर संसद, न्यायपालिका, मीडिया और समाज पर भी पड़ा है

सोनिया ने कहा कि आज देश में अल्पसंख्यक समाज के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दलितों पर भी लगातार हमला किया जा रहा है सोनिया गांधी बोलीं कि पिछले कुछ समय में दलित और अल्पसंख्यक समाज के लोगों पर हमला हुआ है, जो कि राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है. इसका उदाहरण हमें उत्तर प्रदेश और गुजरात में देखने को मिला है

बजट के बाद शुक्रवार को विपक्षी पार्टियों की एक बैठक हुई. इस बैठक में सोनिया गांधी ने तमाम विपक्षी पार्टियों से राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुट होने का आह्वान किया. संसद की लाइब्रेरी में हुई इस बैठक में 17 दलों ने हिस्सा लिया. सोनिया ने कहा कि राज्यों के मुद्दों पर बेशक विपक्षी दलों की राय अलग हो लेकिन राष्ट्रीय मुद्दों पर सबको बीजेपी के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत है.

बजट के बाद विपक्ष की एकजुटता दिखाने और बजट के बाद सरकार को घेरने की रणनीति तय करने के लिए ये बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में टीएमसी शामिल नहीं हुई. उल्लेखनीय है कि गुरुवार को मोदी सरकार के अंतिम पूर्णकालिक बजट को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में पेश किया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बजट को लेकर केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में केवल वादे किए गए हैं और 'शुक्र है कि' मोदी सरकार का केवल एक साल बचा हुआ है. राहुल ने ट्विटर पर लिखा कि राजग सरकार के चार साल बीत गए, लेकिन यह किसानों से उनके उत्पादों के बारे में उचित मूल्य के केवल वादे कर रही है.

उन्होंने आरोप लगाए कि सरकार इस दौरान केवल तड़क-भड़क वाली योजनाओं के साथ आगे आई और देश के युवाओं को रोजगार मुहैया नहीं कराया. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'चार वर्ष बीत गए, अब भी किसानों से उचित मूल्य के वादे किए जा रहे हैं. चार साल बीत गए, तड़क-भड़क वाली योजनाएं.
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