कोई शादी वैध है या अवैध, आप इससे दूर रहें: खाप पंचायतों से सुप्रीम कोर्ट

जनता जनार्दन संवाददाता , Feb 05, 2018, 14:31 pm IST
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कोई शादी वैध है या अवैध, आप इससे दूर रहें: खाप पंचायतों से सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली: खाप पंचायतों पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर दोहराया कि अगर दो बालिग शादी करने का फैसला करते हैं, तो उसमें कोई भी दखल नहीं दे सकता. इस दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार और याचिकाकर्ताओं से ऐसे उपाय मांगे, जिससे इन विवाहित दंपतियों को सुरक्षा प्रदान की जा सके. सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा कि उन्हें सुरक्षा देना पुलिस की जिम्मेदारी है.

सुप्रीम कोर्ट ने खाप की पैरवी करते वकील से बेहद सख्त लफ्ज़ में कहा, 'कोई शादी वैध है या अवैध, यह फैसला बस अदालत ही कर सकती है. आप इससे दूर रहें.’

अब इस मामले की सुनवाई 16 फरवरी को होगी.बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए साफ किया था कि एक बालिग जोड़े को प्रेम विवाह करने से कोई खाप नहीं रोक सकती. कोर्ट ने साथ ही कहा था कि प्रेम विवाह करने वालों के खिलाफ खाप के फरमान पूरी तरह से गैरकानूनी हैं और केंद्र सरकार खाप पंचायतों को बैन करे.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने 16 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कोई खाप, समाज या माता-पिता बालिगों को किसी के साथ प्रेम विवाह करने से रोक नहीं सकते. इस बेंच में जस्टिस मिश्रा के अलावा एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ शामिल थे.

सुप्रीम कोर्ट ने खाप पंचायतों और प्रेम विवाह करने वालों पर होने वाले हमले रोकने में नाकामी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को भी फटकार लगाई. कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस संबंध में उठाए गए कदमों पर जवाब तलब किया.

हालांकि कोर्ट ने इस मामले के साथ अंकित सक्सेना की दर्दनाक हत्या के मामले को सुनने से इंकार कर दिया. एक्टिविस्ट मधु किश्वर द्वारा दायर इस याचिका में कोर्ट से सुनवाई के लिए आग्रह किया गया था.

सुनवाई से इंकार करते हुए कोर्ट ने कहा कि यह एक अलग मसला है, इसमें खाप पंचायत की भूमिका नहीं है, लिहाजा इस मामले की सुनवाई साथ नहीं की जा सकती.

इस दौरान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि अगर खाप पंचायतों को बैन करने के लिए केंद्र कदम नहीं उठाता, तो फिर कोर्ट कार्रवाई करेगा.
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