लोग भूखों मर रहे और मौलवी भगवान बन रहेः पूरे ईरान में भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन

लोग भूखों मर रहे और मौलवी भगवान बन रहेः पूरे ईरान में भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन तेहरानः ईरान में शुरू हुआ सरकार विरोधी प्रदर्शन शुक्रवार को देश के कई प्रमुख शहरों में फैल गया. प्रदर्शन की शुरुआत बढ़ती कीमतों के विरोध में हुई थी लेकिन मौलवियों के शासन के ख़िलाफ़ विरोध के आम स्वर जल्द ही इसमें शामिल हो गए.

ईरान के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. ईरान की समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया की रिर्पोटों के अनुसार 2009 में विवादित चुनावों के विरोध में प्रदर्शनों के बाद यह पहली बार है जब लोगों ने इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जताया है.

पुलिस ने पश्चिमी शहर केरमानशाह में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने का भी प्रयास किया. राजधानी तेहरान में विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया.  
                  
ईरान की अर्द्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार सरकार के खिलाफ हो रहे यह विरोध प्रदर्शन राजधानी तेहरान समेत पूवोर्त्तर के कई शहरों में फैल चुके हैं. ईरान में आवश्यक वस्तुओं की बढ़ी हुई कीमतों और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अब कई मुद्दों को उठाया जा रहा है. इसमें अब सीरिया और इराक में ईरान की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं

इसी बीच, अमेरिका ने ईरान में शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है.

ईरान में भड़के सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर अमरीका ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के साथ जैसा बर्ताव किया जा रहा है उसे दुनिया देख रही है. ईरान के कई शहरों में सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहा है.

व्हाइट हाउस ने अपने एक बयान में कहा है कि ईरानी नागरिक भ्रष्ट शासन और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए देश के पैसे का इस्तेमाल होने से आजिज आ गए हैं.

अमरीकी गृह मंत्रालय ने ईरान में दर्जनों प्रदर्शनकारियों की गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा की है. हज़ारों लोगों ने ईरान के शहर कर्मांशाह, रशत, इसफ़ाहन और क़ुओम में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की बात कही है.

इस विरोध प्रदर्शन को 2009 में सुधार के समर्थन में निकाली गई रैलियों से बड़ा बताया जा रहा है.

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा हकबी ने ट्वीट कर कहा, ''ईरानी सरकार को चाहिए कि वो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे. इन्हें अपनी बात कहने का अधिकार है और इसे कुचला नहीं जा सकता है. दुनिया सब कुछ देख रही है.''

अमरीकी गृह मंत्रालय ने सभी देशों से आग्रह किया है कि वे ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करें. मंत्रालय ने कहा कि ईरानी नागरिकों की मांग बुनियादी अधिकारों के लिए और भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए है.

ईरान के विदेश मंत्री ईशाक़ जहांगिरी ने कहा है कि इस प्रदर्शन के पीछे सरकार विरोधी लोग हैं. ईशाक़ की टिपप्णी वहां के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के हवाले से आई है.

ईरान सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसे सरकार विरोधी प्रदर्शनों की इजाज़त नहीं है और पुलिस उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेगी.

आरोप लग रहा है कि राष्ट्रपति हसन रुहानी की सरकार ज़रूरी चीज़ों के दाम नियंत्रित करने में असफल रही है. अंडों के दाम एक ही हफ्ते में लगभग दोगुने हो गए हैं.

लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी ऐसे भी हैं जो सरकार विरोधी राजनीतिक बंदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं.

ईशाक़ ने कहा, ''देश में हाल की घटनाओं के लिए आर्थिक समस्याओं को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन प्रतीत होता है कि इसके पीछे कुछ और ही है. ये वे लोग हैं जो सरकार को नुक़सान पहुंचाना चाहते हैं.

इससे पहले, फार्स समाचार एजेंसी ने बताया था कि प्रदर्शनकारियों ने कर्मन्शाह में सार्वजनिक संपत्तियों को नुक़सान पहुंचाया है. तेहरान के गवर्नर जनरल ने कहा है प्रदर्शनकारियों की ऐसी भीड़ से पुलिस सख्ती से निपटेगी.

मशाद के अधिकारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन का आयोजन काउंटर रिवॉल्युशनरी तत्वों ने किया है. वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी का इस्तेमाल कर रही है.
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