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दक्षिणी अंडमान में हवा के दबाव से आंध्र, तमिलनाडु, केरल, पुद्दुचेरी में भारी बारिश

जनता जनार्दन संवाददाता , Dec 02, 2017, 19:08 pm IST
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दक्षिणी अंडमान में हवा के दबाव से आंध्र, तमिलनाडु, केरल, पुद्दुचेरी में भारी बारिश चेन्नईः चक्रवाती तूफान ओखी ने दक्षिण भारत में बारिश और बाढ़ की निशानी छोड़ी है. एक बार हवा का दबाव दक्षिणी अंडमान सागर में हुआ है, जिससे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुद्दुचेरी में भारी बारिश का कहर जारी है. कई इलाकों में बाढ़ आ चुकी है. ओखी की वजह से तमिलनाडु और केरल में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. निचले इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए हैं.

भारतीय वायु सेना और नौ सेना बचाव के काम में जुटी हैं. इंडियन एयरफोर्स ने केरल के समुद्र में लापता 30 मछुआरों की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इधर, कन्याकुमारी के 1000 मछुआरे समुद्र में लापता हैं. इनके परिवारों ने प्रोटेस्ट कर रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने की डिमांड की है. केरल में 400 मछुआरों को समुद्र से सुरक्षित निकाला गया है.

इससे पहले शुक्रवार को इंडियन नेवी और कोस्ट गार्ड्स ने त्रिवेंद्रम के पास फंसे 59 मछुआरों को रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाया था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के सीएम से फोन पर बात करके हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है.

केरल में बचाए गए एक मछुआरे स्टीफन ने कहा, "ऐसा पहली बार है, जब हमनें समुद्र में इतनी ऊंची लहरों का सामना किया. खुशकिस्मत रहे कि रेस्क्यू बोट ने आकर हमें बचा लिया."

टाइटस ने कहा, "हमने इतना बेकाबू समंदर तो फिल्मों में भी नहीं देखा. तेज हवाओं ने हमें उड़ा दिया. किसी तरह से हम अपनी बोट को पकड़े रहे जब तक रेस्क्यू टीम आ नहीं गई."

बचाए गए ज्यादातर मछुआरों के शरीर पर चोटें थीं और वे ठंड से कांप रहे थे. किनारे पर आने के बाद उन्होंने गर्म पानी मांगा.

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में बीते 24 घंटे में भारी बारिश हुई है. थामिराबरानी नदी का वॉटर लेवल बढ़ने से करुपनथुरी में एक कम ऊंचाई वाला ब्रिज पानी में डूब गया है. इसकी वजह से इस रोड पर ट्रैफिक थम गया है.

ओखी की वजह से चल रहीं तेज हवाओं और बारिश से लक्षद्वीप में कई घरों को नुकसान पहुंचा है. नारियल के पेड़ उखड़ गए हैं.

वेदर डिपार्टमेंट के ताजा अनुमान के मुताबिक, ओखी तूफान के अगले 24 घंटों में लक्षद्वीप पहुंचने के आसार हैं. इसके बाद यह अगले 48 घंटों तक पूर्व की तरफ जाएगा.

मिनिकोय आईलैंड पर बीते 24 घंटों में 14 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है. हवा 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है. अगले 24 घंटों में इसकी रफ्तार 145 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने के आसार हैं.

राज्य सरकार के मुताबिक, ओखी तूफान से हुए नुकसान की भरपाई के लिए जल्द ही केंद्र से फंड मांगा जाएगा. मुख्यमंत्री ने मोदी को इस बारे में बता भी दिया है.

केरल और तमिलनाडु में समुद्र में फंसे मछुआरों को बचाने के लिए चलाए जा रहे मिशन को ऑपरेशन सिनर्जी नाम दिया गया है.
उधर, केरल के लापता 138 मछुआरे लक्षद्वीप के तट पर पहुंचने की खबर है.

केरल के सीएम पी. विजयन ने कहा, "हमें पता चला है कि लापता हुए 138 मछुआरे लक्षद्वीप के कल्पेनी आईलैंड पर पहुंच गए हैं. उन्हें वापस लाने की कोशिशें की जा रही हैं."

नेवी के मुताबिक, दो एएन32 एयरक्राफ्ट्स ने समुद्र में करीब 25 लोगों को फंसे देखा है. इनकी लोकेशन की जानकारी कोस्ट गार्ड्स और नेवी को दी गई है. राहत और बचाव के सामान के साथ दो शिप लक्षद्वीप में स्टैंडबाई पर रखे गए हैं.

कोच्चि से नेवी के 5 शिप रेस्क्यू के लिए रवाना किए गए हैं. सर्च ऑपरेशन में नेवी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड्स के एयरक्राफ्ट्स की मदद ली जा रही है. नेवी के एक हेलिकॉप्टर के जरिए त्रिवेंद्रम से 20 नॉटिकल मीट दूर एमवी एनर्जी ओर्फियस के पास 8 लोगों को निकाला गया.

केरल के सीएम ने इस आपदा में मारे गए मछुआरों के परिवार वालों को 10-10 लाख रुपए और जख्मी हुए लोगों को 20,000 हजार रुपए का मुआवजा देने का एलान किया है

उधर, तमिलनाडु के सीएम पलानीस्वामी ने ओखी की वजह से मारे गए लोगों के परिवार को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने का एलान किया है.

केरल के अलग-अलग इलाकों में 30 राहत शिविर बनाए गए हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इनमें 491 परिवारों के 2755 लोग मौजूद हैं.  राज्य में अभी भी बारिश हो रही है और समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं. वेदर डिपार्टमेंट ने मछुआरों को कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है.

राज्य सरकार ने भी मछुआरों के परिवारों को एक हफ्ते तक फ्री राशन देने का एलान किया है. वेदर डिपार्टमेंट का अनुमान है कि शनिवार को ओखी की रफ्तार 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है. इससे लक्षद्वीप समेत तटीय क्षेत्र में भारी बारिश होने के आसार हैं.

वेदर डिपार्टमेंट के मुताबिक, अगले 24 घंटों में तमिलनाडु और पुड्डूचेरी में ज्यादातर जगहों पर बारिश होने के आसार हैं. नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी और डिंडीगुल में भारी बारिश हो सकती है.

तमिलनाडु के सीएम ऑफिस की रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र में केरल के 218 मछुआरे फंसे थे, जो नेवी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड की मदद से किनारे पहुंचने में कामयाब हो गए. तूफान का सबसे ज्यादा असर कन्याकुमारी में हुआ है. यहां राहत के काम में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की दो टीमें और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स एजेंसी की सात टीमें लगाई गई हैं.

कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली और तूतीकोरन जिलों में तेज हवा और आंधी की वजह से 579 पेड़ उखड़ गए. एक ऑफिशियल रिलीज में बताया गया कि कन्याकुमारी और तिरुनेलवेली जिलों भारी बारिश से प्रभावित 1200 लोगों को रिलीफ कैम्प में ठहराया गया है.

वेदर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ने बताया कि तूफान को 'ओखी' नाम बांग्लादेश ने दिया है. आगे इसके अरब सागर में बढ़ने के आसार हैं. फिलहाल, जो संकेत मिल रहे हैं उसके आधार पर 'ओखी' को खतरनाक माना जा रहा है.

बताया जा रहा है कि तूफान के असर से साउथ केरल के कुछ जिलों में भी आने वाले 24 घंटे में भारी बारिश होगी. तूफान के चलते कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल दौरे की तारीख आगे बढ़ा दी हैं. उन्हें 1 और 2 दिसंबर को केरल पहुंचना था.
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