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वर्ल्ड फूड इंडिया फेस्ट‍िवल 2017: अचार हो या मुरब्बा, टेस्टी खाद्यान्न हमारे जीवन का हिस्सा, प्रधानमंत्री मोदी

वर्ल्ड फूड इंडिया फेस्ट‍िवल 2017: अचार हो या मुरब्बा, टेस्टी खाद्यान्न हमारे जीवन का हिस्सा, प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड फूड इंडिया फेस्ट‍िवल का उद्घाटन किया. वर्ल्ड फूड फेस्ट‍िवल में पीएम मोदी खिचड़ी को देश के सबसे पसंदीदा खाने के रूप में पेश करेंगे. आपको बता दें कि यह पहला मौका है कि जब मोदी सरकार इतने बड़े लेवल पर भारतीय खानों को प्रमोट कर रही है.

पीएम नरेंद्र मोदी सभी लोगों का वर्ल्ड फूड इंडिया फेस्ट में स्वागत किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह फेस्ट फूड सेक्टर के विभि‍न्न स्टेकहोल्डर्स को साथ आने में मदद करेगा. साथ ही आप कई बेहतरीन भारतीय व्यंजन का स्वाद ले सकेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी ने कई समस्याओं को खत्म किया. भारत ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग में भी रेकॉर्ड जंप किया है.

उद्घाटन करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि क्या हम भारतीय किसानों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ पाएंगे? ऐसे कई सवाल अभी भी बाकी हैं. हालांकि मुझे उम्मीद है वर्ल्ड फूड इंडिया से इस सवाल को हल करने में मदद मिलेगी और भारत के फूड सेक्टर को ग्लोबल बनाने में आसानी होगी. ऐसे में मैं फूड सेक्टर में एक साथ विकास हासिल करने के लिए पूरे विश्व को आमंत्रित करता हूं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सिक्किम भारत का पहला फुल आर्गेनिक स्टेट बन चुका है. ब्लू रिवोल्यूशन के जरिए हम ओसेन आधारित फूड सेक्टर के विकास पर भी जोर देने की कोशिश कर रहे हैं.

उद्घाटन करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसान को हम अन्नदाता कहते हैं. हमारा टार्गेट है कि हम उनके इनकम को आने वाले पांच साल में दोगुना कर दें. हमारा लक्ष्य समयसीमा के तहत फूड सेक्टर को वर्ल्ड स्टैंडर्ड का बनाने का है. मेगा फूड पार्क की भी योजना है. इसके जरिए एग्रो पोसेसिंग सेक्टर को जोड़ने की है. आलू, अनानस, सेब जैसे उत्पादों के प्रोडक्शन पर लाभ देने का भी लक्ष्य है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ट्रेन में रोजाना लाखों पैसेंजर भोजन प्राप्त करते हैं. ऐसे में हर कोई फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री का संभावित ग्राहक है. भारत फूड सेक्टर में निवेश करने पर विन-विन पार्टनरशीप ऑफर कर रहा है. निवेश बंधु पोर्टल से बिजनेस करने में और जानकारी में मदद मिल रही है. यही वजह है प्राइवेट सेक्टर में निवेश बढ़ा है. हालांकि और निवेश की और जरूरत है. ग्लोबल सुपर मार्केट के पास इस समय भारत में निवेश करने का सबसे सही अवसर है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि सदियों से भारत ने व्यापारियों का दिल खोलकर स्वागत किया है. स्पाइस रूट के बारे मे सब जानते हैं. भारतीय मसालों से प्रभावित होकर कोलोम्बस ने भी भारत के लिए वैकल्प‍िक रास्ते को खोजते हुए अमेरिका की खोज कर दी थी. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि निवेश बंधु पोर्टल से बिजनेस करने में और जानकारी पाने में मदद मिल रही है. यही वजह है प्राइवेट सेक्टर में निवेश बढ़ा है. हालांकि और निवेश की और जरूरत है. ग्लोबल सुपर मार्केट कंपनियों के पास इस समय भारत में निवेश करने का सबसे सही अवसर है.

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत के फूड सेक्टर के सफर पर कॉफी टेबल बुक लॉन्च किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय व्यंजन पर डाक विभाग द्वारा तैयार स्पेशल पोस्टल स्टैंप भी लॉन्च किया.

कार्यक्रम में भाषण की शुरुआत करते हुए लातविया के प्रधानमंत्री मारिस कुसिनस्‍किस ने मोदी सरकार के इस आयोजन की तारीफ की. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत हिंदी में नमस्कार कर कहा. उन्होंने कहा कि इससे फूड सेक्टर में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी. आज ग्लोबल फूड सेक्टर को एकसाथ आने की जरूरत है. आर्मेनिया के राष्ट्रपति सर्ज सार्गेशयां ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.

आपको बता दें कि इस फेस्ट में एक वर्ल्ड रेकॉर्ड भी बनने जा रहा है. शनिवार को इस फेस्ट में 1100 किलो की खि‍चड़ी बनाकर वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाने की तैयारी हो रही है. हालांकि इससे पहले यह बात आई थी कि खि‍चड़ी को नेशनल फूड घोषित करने की योजना है. हालांकि केंद्रीय खाद्य मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने स्पष्ट किया है कि खिचड़ी को राष्ट्रीय भोजन घोषित किए जाने की योजना नहीं है. बल्कि विश्व रिकॉर्ड के लिए इसे भारत की एंट्री दी गई है. खिचड़ी को राष्ट्रीय भोजन घोषित करने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर केंद्रीय खाद्य मंत्री ने ये सफाई दी.

इस कार्यक्रम में 70 देशों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं. फेस्ट में 5 मुख्यमंत्री भी भाग लेंगे. वहीं 5 नवंबर को फेस्ट का समापन भाषण राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा दिया जाएगा. इस फूड फेस्ट में जहां एक मेगा एक्ज‍िबिशन मेगा फूड पार्क और फूड स्ट्रीट का आयोजन होगा तो वहीं विश्व के खानों पर चर्चा के लिए सेमिनार का भी आयो‍जन होगा.  मेगा फूड पार्क और फूड स्ट्रीट में आप भारतीय खानों के साथ साथ ही विदेशी खानों का लुत्फ उठा सकते हैं. यहां आप फेमस शेफ संजीव कपूर के डिजाइन किए गए स्पेशल जायकों का भी लुत्फ ले सकते हैं.

यह पहला आयोजन होगा जिसमें न सिर्फ एक्सपिरियंस बल्कि फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा इंवेस्टमेंट लाने की भी कोशिश होगी. इस फेस्ट में 50 ग्लोबल सीईओ भी भाग ले रहे हैं. तीन दिन के इस इवेंट का आयोजन फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री मंत्रालय कर रहा है. इस फेस्ट में जापान, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड आदि देशों की 100 से ज्यादा कंपनियां भाग ले रही हैं.

इंवेट की थीम ट्रांसफॉर्मिंग द फूड इकनॉमी है. वहीं इस फेस्ट में सेमिनार का आयोजन विज्ञान भवन में और मेगा एक्ज‍िबिशन का आयोजन इंडिया गेट पर हो रहा है.

खास बातेंः

भारत 3-5 नवंबर, 2017 के दौरान नई दिल्ली में खाद्य क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के वैश्विक निवेशकों और उद्योगपतियों के अब तक के सबसे बड़े समागम का स्वागत कर रहा है । केन्द्रीय मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित विश्व खाद्य समारोह का उद्देश्य खाद्य अर्थव्यवस्था को रूपांतरित करना और वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए भारत को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य तथा सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करने के द्वारा किसानों की आय को दोगुनी करने के विजन को प्राप्त करना है। पहली बार भारत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए ऐसे किसी समारोह की मेजबानी कर रहा है। विश्व खाद्य भारत मंच एक वैश्विक खाद्य फैक्टरी के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत बनाएगा और यह देश द्वारा खाद्य सुरक्षा अर्जित किए जाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

भारत में अगले तीन वर्षों के दौरान खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में दस बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित किए जाने तथा दस लाख रोजगारों का सृजन किए जाने की उम्मीद है। विश्व खाद्य क्षेत्र भारत समारोह में दो हजार से अधिक प्रतिभागियों, 30 देशों की 200 से अधिक कंपनियों, 18 मंत्रिस्तरीय तथा व्यवसाय शिष्टमंडल तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की सभी अग्रणी घरेलू कंपनियों के सीईओ समेत लगभग 50 वैश्विक सीईओ और भारत में 28 राज्यों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। जर्मनी, जापान एवं डेनमार्क विश्व खाद्य समारोह के साझेदार देश हैं। इटली और नीदरलैंड फोकस देश हैं। विख्यात शेफ संजीव कपूर द्वारा विशेष रूप से सृजित प्रायोगिक प्लेटफॉर्म ‘फूड स्ट्रीट’ एक जीवंत और गतिशील क्षेत्र होगा, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, समसामयिक प्रस्तुतियों एवं फ्यूजन फूड सृजित करने के लिए इसकी पैदावारों के विविध अनूठेपन का जश्न मनाने के लिए भारतीय अवयवों, स्वादों एवं सुंगधों का उपयोग करते हुए भारतीय एवं विदेशी पाक कलाओं को प्रदर्शित करेगा। विज्ञान भवन में उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नेशनल स्टेडियम के आगे इंडिया गेट लॉन पर फूड स्ट्रीट का दौरा करेंगे।

उद्घाटन समारोह के अवसर पर केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के साथ-साथ तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी होंगे। वैश्विक एवं घरेलू क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के सीईओ आदि के अलावा कई देशों के मंत्रिस्तरीय शिष्टमंडल भी उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहेंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय वित्त एवं कंपनी मामले मंत्री श्री अरुण जेटली एवं केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु के साथ वैश्विक एवं घरेलू क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के सीईओ के विशिष्ट सीईओ गोलमेज बैठकों का भी कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। विश्व खाद्य क्षेत्र भारत समारोह में भाग लेने के लिए आए वैश्विक खाद्य कंपनियों एवं भारत के उद्योगपतियों की सूची में नेस्ले के निदेशक मंडल के अध्यक्ष श्री पॉल बल्के, मेट्रो कैश एंड कैरी के मुख्य संचालन अधिकारी एवं सीईओ श्री पीटर बून, जीएसके कंज्यूमर हेल्थ केयर के सीईओ श्री ब्रायन जे मेकनामारा, फूड यूनिलीवर की प्रेसिडेंड सुश्री आमांडा सोरे, अल-शराफ ग्रुप के श्री शराफुद्दीन शराफ; लुलु ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री यूसुफ अली, फ्यूचर ग्रुप के सीईओ श्री किशोर बियानी, वॉलमार्ट इंडिया के सीईओ श्री कृष अय्यर; अमेजन, इंडिया के सीईओ श्री अमित अग्रवाल आदि शामिल हैं। अग्रणी कंपनियों के एशिया प्रशांत (एपीएसी) नेतृत्व सहित कुल 60 वैश्विक सीईओ भारतीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के 100 से अधिक शीर्ष कंपनियों के अग्रणी सीईओ के साथ परस्पर बातचीत करेंगे। तीन दिनों के दौरान एक हजार से अधिक बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकों के आयोजित किए जाने की उम्मीद है।

15 देशों के 200 से अधिक सदस्यों के साथ अंतर्राष्ट्रीय मंत्रिस्तरीय एवं व्यवसाय शिष्टमंडल बी-टू-बी/बी-टू-जी बैठकों में भाग लेंगे। इस विशाल समारोह में आठ क्षेत्रवार सम्मेलन, भारत के वित्त मंत्री विशिष्ट अतिथि के रूप में ‘भारत एक पसंदीदा गंतव्य’ पर दो पूर्ण सत्रों का, भारत के खाद्य मानकों एवं सुरक्षा प्राधिकरण के सहयोग से ‘एक राष्ट्र, एक खाद्य कानून- खाद्य क्षेत्र में निवेश के लिए एक सक्षमकारी नियामकीय वातावरण’ का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 20 राज्य सत्रों एवं 6 देश सत्रों का भी आयोजन किया जाएगा। समारोह के दौरान 7 क्षेत्रवार प्रकाशन भी जारी किए जाएंगे।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का थीम पवेलियन उत्पादों, उत्पाद उपलब्धता का भू-मानचित्रण एवं मेगा फूड पार्कों के लिहाज से विश्व को भारत की प्रस्तुति का एक शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है। इस समारोह को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय, विदेश मामले मंत्रालय एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है।
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