Happy Diwali
Friday, 20 October 2017  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

शुगर स्वास्थ्य के लिए घातक है

शुगर स्वास्थ्य के लिए घातक है लंदन: ड्रिंक्स (गैस मिश्रित पेय), मिठाई और शर्करा से भरपूर खाने का बहुत ज्यादा सेवन स्वस्थ लोगों में भी दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा रहा है। ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ सरे के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन के बाद यह चेतावनी जारी की है। विज्ञानियों ने शोध के दौरान पाया कि ज्यादा शर्करा युक्त पदार्थों और भोजन के सेवन से स्वस्थ पुरुषों के रक्त में वसा का स्तर बढ़ गया और यह वसा उनके लिवर में एकत्र हो गया। पुरुषों के दो समूहों पर अध्ययन: क्लीनिकल साइंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने पुरुषों के दो समूहों पर अध्ययन किया। इनमें एक समूह के लिवर में वसा का स्तर अधिक और एक में कम था।

उन्हें शर्करा की अधिक और कम मात्रा वाला आहार दिया गया ताकि यह देखा जा सके कि क्या इससे उनके लिवर में वसा का स्तर प्रभावित होता है या नहीं और इसका उनके हृदय के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।

चेतावनी : शर्करा से भरपूर खाने से लिवर में वसा का स्तर होता है.

प्रभावित 12 सप्ताह बाद की जांच कम शर्करा वाला आहार 140 कैलोरी से अधिक नहीं था, जबकि ज्यादा शर्करा वाले खाने में कैलोरी की मात्रा 650 थी। 12 सप्ताह तक इस तरह के भोजन के बाद शोधकर्ताओं ने जांच में पाया कि जिन पुरुषों के लिवर में वसा का स्तर पहले से अधिक था उनमें नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) के चलते फैट मेटाबॉलिज्म में बदलाव हुआ।

इसके कारण उनमें हृदय संबंधी बीमारी जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक्स का खतरा बढ़ गया। अध्ययन में यह भी सामने आया कि लिवर में वसा के कम स्तर वाले स्वस्थ पुरुषों के समूह ने जब शर्करा की अधिक मात्रा का उपभोग किया तो उनके लिवर की वसा का स्तर भी बढ़ गया। वहीं, उनका फैट मैटाबॉलिज्म एनएएफएलडी वाले पुरुषों के बराबर पहुंच गया।

यह निकाला निष्कर्ष शोधकर्ताओं के मुताबिक, फैट मेटाबॉलिज्म एक जैव रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें वसा रक्त में टूटकर स्थानांतरित होती है और इस वसा का प्रयोग शरीर की कोशिकाओं द्वारा किया जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ सरे के प्रोफेसर, ब्रूस ग्रिफिन के मुताबिक, हमारा अध्ययन इस बात के नए साक्ष्य प्रस्तुत करता है कि शर्करा की अधिक मात्रा से फैट मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है, जिससे हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
GracenLooks
वोट दें

केंद्रीय मंत्रीमंडल में बदलाव से क्या सरकार की कार्य संस्कृति बदलेगी?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack