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BSF कैंप में एेसे घुसे थे अातंकी, सेना ने किया ड्रोन का इस्तेमाल

जनता जनार्दन डेस्क , Oct 04, 2017, 9:35 am IST
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BSF कैंप में एेसे घुसे थे अातंकी, सेना ने किया ड्रोन का इस्तेमाल

श्रीनगर:  सीमा पार से उड़ी जैसा हमला दोहराने की आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए सुरक्षा बलों ने मंगलवार को तीन आतंकियों को मार गिराया। सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच लगभग 9 घंटे तक मुठभेड़ चली और इस दौरान सेना ने ड्रोन का भी इस्‍तेमाल किया।

मुठभेड़ के दौरान सेना के पैरा कमांडो भी बुलाए गए। इसके अलावा बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के उच्च अधिकारियों ने हेलीकॉप्टर के जरिए अभियान की निगरानी की। शिविर में आतंकियों का पता लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। यह पूरा ऑपरेशन बीएसएफ की आइजी सुनाली मिश्रा की देखरेख में चला।

एेसे घुसे अातंकी

गौरतलब है कि मंगलवार तड़के करीब सवा चार बजे स्वचालित हथियारों से लैस आतंकियों का दल श्रीनगर एयरपोर्ट के बाहरी द्वार से सटे बीएसएफ की 182वीं बटालियन के कैंप में घुस गया। आतंकी कैंप से सटी फ्रेंड्स कॉलोनी एक्सटेंशन के रास्ते कैंप की बाहरी दीवार के पास पहुंचे और तार काटकर अंदर दाखिल हुए। घुसते ही उन्होंने अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दीं। एक आतंकी को गेट के पास संतरियों ने उलझाया, वहीं दो अलग-अलग भवनों में घुस गए व फायरिंग करने लगे।

मौके पर पहुंचे बीएसएफ व सीआरपीएफ के अन्य जवानों ने पहला आतंकी सुबह छह बजे, मेस में घुसे दूसरे आतंकी को 10 बजे और प्रशासनिक ब्लॉक में छिपे तीसरे आतंकी को दोपहर सवा एक बजे मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान मेस, प्रशासकीय ब्लॉक और अन्य इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गई। मुठभेड़ के दौरान सेना के पैरा कमांडो भी बुलाए गए। बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के उच्च अधिकारियों ने हेलिकॉप्टर के जरिए अभियान की निगरानी की। आतंकियों का पता लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

यह था उड़ी हमला
पिछले साल 18 सितम्बर को तड़के पांच बजे सीमा पार से आए चार आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में सेना के मुख्यालय पर आत्मघाती हमला किया था। इसमें 18 जवान शहीद हो गए थे। सैन्य बलों की कार्रवाई में सभी चारों आतंकी मारे गए थे। पिछले 20 सालों में भारतीय सेना पर यह सबसे बड़ा हमला था।

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