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अपनों की मौत का शोक मनाने के लिए अब बिरीवमेंट लीव दे रही कंपनियां

जनता जनार्दन डेस्क , Sep 10, 2017, 14:59 pm IST
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अपनों की मौत का शोक मनाने के लिए अब बिरीवमेंट लीव दे रही कंपनियां मुंबई: जब फेसबुक की सीओओ शेरिल सैंडबर्ग ने साल 2015 में अपने पति को खोया, तो कंपनी के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने उन्हें कहा कि वे इस दुख की घड़ी में खुद को संभालने के लिए जितना चाहें, उतना वक्त ले लें। ऐसा करते हुए मार्क ने एचआर पॉलिसी में एक नया ट्रेंड शुरू किया जिसे नाम दिया गया बिरीवमेंट लीव यानी शोक के लिए छुट्टी।

इस साल की शुरुआत में सैंडबर्ग ने अपने FB पेज पर बताया कि पति की मौत के तुरंत बाद उनके लिए काम पर लौटना कितना मुश्किल था और बिरीवमेंट लीव की वजह से उन्हें इस दुख से बाहर निकलने में कितनी मदद मिली। इसके बाद उन्होंने फेसबुक के कर्मचारियों के लिए 20 दिन की बिरीवमेंट लीव का ऐलान किया। शोक मनाने के लिए किसी भी कंपनी द्वारा दी जाने वाली यह सबसे लंबी छुट्टी है।

फेसबुक द्वारा की गई इस पहल का असर अब भारत सहित पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। अब कई कंपनियां किसी करीबी के गुजर जाने पर कर्मचारियों को एक से लेकर पांच दिन की छुट्टी दे रही हैं। इन कंपनियों में टीसीएस, इन्फोसिस, सिपला और हिल्टन इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।इसके पहले ऐसी स्थिति में कर्मचारी को प्रिवलेज लीव अप्लाई करनी पड़ती थी। आर्थर डी लिटिल नाम की कंसल्टेंसी फर्म में तीन दिन की बिरीवमेंट लीव दी जाती है। फर्म के मैनेजिंग पार्टनर थॉमस कुरुविला ने बताया कि दुख की घड़ी में कर्मचारी को अपने परिवार के साथ कम से कम कुछ दिन बिताने का मौका मिले इसलिए बिरीवमेंट लीव की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा, 'कर्मचारी के परिवार को भी हम अपने ही ग्रुप का हिस्सा मानते हैं।'

ज्यादातर जगहों पर बिरीवमेंट लीव के तहत परिवार के खास लोग, जैसे पति-पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन, बच्चे, दादा-दादी, नाना-नानी, पोता-पोती ही शामिल किए जाते हैं। अन्य रिश्तेदारों की मौत पर यह लीव नहीं दी जाती है। कुछ चुनिंदा कंपनियां पेट्स की मौत पर भी बिरीवमेंट लीव देती हैं। गोजूप नाम की डिजिटल मार्केटिंग कंपनी पेट्स के मरने पर भी बिरीवमेंट लीव देती है। कंपनी के CEO ने कहा, 'पेट्स भी हमारे परिवार का खास हिस्सा होते हैं।'

बता दें कि मैटरनिटी लीव की तरह कर्मचारी को बिरीवमेंट लीव देने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है, लेकिन कंपनियों को लगता है कि दुख की घड़ी में साथ खड़े होने से कर्मचारी का कंपनी पर भरोसा बढ़ता है। सिपला के ग्लोबल चीफ पीपल ऑफिसर प्रबीर झा ने कहा, '2017 में की गई एक स्टडी से पता चला है कि कंपनियां अब कर्मचारियों को लुभाने के लिए उन्हें दिए जाने वाली सुविधाएं बढ़ा रही हैं। बिरीवमेंट लीव भी उसी का हिस्सा है।' छुट्टी देने के अलावा कंपनियां ऐसे कर्मचारियों को भावनात्मक तौर पर मदद करने के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था भी कर रही हैं।
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