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गोरखपुर में पिछले 5 दिनों में नवजात बच्चों समेत 63 मासूमों की मौत, योगी ने दिये सख्त कार्रवाई के निर्देश

गोरखपुर में पिछले 5 दिनों में नवजात बच्चों समेत 63 मासूमों की मौत, योगी ने दिये सख्त कार्रवाई के निर्देश नई दिल्‍ली: गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में 11 वर्षीय बच्‍चे की मौत के बाद मरने वाले बच्‍चों की संख्‍या 63 हो गई है. जान गंवाने वालों में पांच नवजात भी हैं. पिछले 48 घंटों में ही 33 बच्चों की मौत हुई है. जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने शुक्रवार को 30 बच्‍चों की मौत होने की बात कही थी. रौतेला ने पिछले दो दिन में हुई मौतौं का ब्‍योरा देते हुए बताया था कि 'नियो नेटल वार्ड' में 17 बच्चों की मौत हुई जबकि 'एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिन्ड्रोम यानी एईएस' वार्ड में पांच तथा जनरल वार्ड में आठ बच्चों की मौत हुई है.

इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर पार्टी के चार वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद, राज बब्बर, संजय सिंह और प्रमोद तिवारी गोरखपुर पहुंच गए हैं. कांग्रेस ने घटना के लिए राज्‍य सरकार पर हमला बोला और कहा कि इस दुखद घटना के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह राज्य सरकार की नाकामी का नतीजा है. मुख्यमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. जांच के लिए सांसदों की टीम बने. राज्‍य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को घटना की नैतिक जिम्‍मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए.

हेल्‍थ मिनिस्‍टर सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि बच्‍चों की मौत पर विपक्ष राजनीति न करें. ताजा अपडेट के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन भी गोरखपुर जा रहे हैं. सीएम के साथ दोनों मांत्रियों की बैठक हुई है. वहां से आने के बाद दोनों मंत्री सीएम को घटना की पूरी रिपोर्ट देंगे. उत्‍तर प्रदेश के डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार लोगों को सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है, दोषियों के खिलाफ सख्‍त से सख्‍त कार्रवाई की जाएगी.

वहीं यूपी सरकार के मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच के लिए गठित की गई कमेटी आज शाम तक रिपोर्ट दे देगी. शुक्रवार रात 11 बजे दो और बच्‍चों की मौत हो गई थी. इसके बाद शनिवार सुबह इंसेफेलाइटिस से पीड़ित 11 साल के एक और बच्चे की मौत हो गई. मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक ऑक्‍सीजन सप्‍ताई के करीब 69 लाख रुपये का भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी की तरफ से ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी गई थी. इस कारण ही बच्‍चों की मौत हुई है.

हालांकि अस्पताल प्रशासन और उत्‍तर प्रदेश सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने ऑक्सीजन की कमी होने से इंकार किया है. यूपी सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि किसी भी बच्‍चे की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है. मीडिया में इसको लेकर भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं. घटना पर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जो घटना हुई है बहुत ही दुखद है. परिवारों के प्रति मेरी पूरी संवेदना है. सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया है और केंद्र सरकार ने इसकी चर्चा की है कि ऐसे दोबारा घटना न हो. ऑक्सीजन की जो कमी हुई है उस मामले की जांच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए.

यह भी सामने आ रहा है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति से निपटने के लिए विभाग ने अधिकारियों को 3 और 10 अगस्त को कमी के बारे में सूचित किया था. इस घटना पर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि गोरखपुर मे ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की दर्दनाक मौत, सरकार जिम्‍मेदारी कठोर कार्रवाई हो, 20-20 लाख का मुआवजा दे सरकार. वहीं राहुल गांधी का ट्वीट आया कि बीजेपी सरकार इसके लिए जिम्मेदार हैं. लापरवाही बरतने वालों को सजा मिलनी चाहिए. बीएसपी की ओर किए गए ट्वीट में लिखा गया कि योगी सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए और स्वास्थ मंत्री समेत हॉस्पिटल के स्टॉफ को जेल भेज देना चाहिए.
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