Saturday, 16 December 2017  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में योग को अनिवार्य बनाने संबंधी याचिका खारिज की

जनता जनार्दन डेस्क , Aug 08, 2017, 14:25 pm IST
Keywords: yoga and health education   Yoga   Supreme Court   Right to Health   National Yoga Policy   Sc on yoga   SC   Pil for yoga   Ashwini Upadhyay   सुप्रीम कोर्ट   योग   पाठ्यक्रम में योग अनिवार्य  
फ़ॉन्ट साइज :
सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में योग को अनिवार्य बनाने संबंधी याचिका खारिज की नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें राष्ट्रीय योग नीति बनाने और देशभर में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए योग अनिवार्य करने की मांग की गई थी। जस्टिस एम. बी. लोकुर की अगुआई वाली पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे मुद्दे पर सरकार फैसला कर सकती है। पीठ ने कहा, 'हम यह कहने वाले कोई नहीं हैं कि स्कूलों में क्या पढ़ाया जाना चाहिए। यह हमारा काम नहीं है। हम कैसे इस पर निर्देश दे सकते हैं।'

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके लिए ऐसी राहत देना संभव नहीं है जो याचिका दायर करने वाले वकील और दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय और जे. सी. सेठ ने मांगी है। कोर्ट ने कहा, 'स्कूलों में क्या पढ़ाया जाना चाहिए यह मौलिक अधिकार नहीं है।' उपाध्याय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय, NCERT, NCTE और CBSE को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वे 'जीवन, शिक्षा और समानता जैसे विभिन्न मौलिक अधिकारों की भावना को ध्यान में रखते हुए पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए 'योग और स्वास्थ्य शिक्षा' की मानक किताबें उपलब्ध कराएं।'

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 29 नवंबर को केंद्र से कहा था कि वह याचिका को एक अभिवेदन की तरह ले और इस पर फैसला करे। याचिका में कहा गया था, 'राज्य का यह कर्तव्य है कि वह सभी नागरिकों खासतौर से बच्चों और किशोरों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए। कल्याणकारी राज्य में यह राज्य का कर्तव्य होता है कि वह अच्छे स्वास्थ्य के अनुकूल परिस्थितियों को बनाए रखना सुनिश्चित करें।' इसमें कहा गया था कि सभी बच्चों को 'योग और स्वास्थ्य शिक्षा' दिए बिना या योग का प्रचार-प्रसार करने के लिए 'राष्ट्रीय योग नीति' तय किए बिना स्वास्थ्य के अधिकार को सुरक्षित नहीं किया जा सकता।
अन्य कानून लेख
वोट दें

दिल्ली प्रदूषण से बेहाल है, क्या इसके लिए केवल सरकार जिम्मेदार है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack