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दुजाना की ऑडियो क्लिप में एक और खुलासा, सैन्यबलों के लिए बन सकती है चुनौती

जनता जनार्दन डेस्क , Aug 05, 2017, 11:39 am IST
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दुजाना की ऑडियो क्लिप में एक और खुलासा, सैन्यबलों के लिए बन सकती है चुनौती नई दिल्ली: लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के बाद कश्मीर घाटी में अबू दुजाना और आरिफ के एनकाउंटर के बाद अल-कायदा भी अपने पैर पसार सकता है। ये दोनों ही आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा से अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन अल-कायदा में चले गए थे। अल-कायदा का गठन 1988 में ओसामा बिन लादेन ने किया था।

आरिफ के भाई से हुई उसकी और अबू दुजाना की अंतिम बार फोन कॉल पर हुई बातचीत से इस बात का खुलासा हुआ है कि लश्कर के कमांडर अबू दुजाना ने अल-कायदा की कश्मीर सेल अंसार गज़वत-उल-हिंद को जॉइन कर लिया था। घाटी में अल-कायदा की इस सेल का लीडर जाकिर मूसा है।

शुक्रवार को जाकिर मूसा ने अबू दुजाना और आरिफ की तारीफ करते हुए एक विडियो भी जारी किया था। इस विडियो में कहा गया था कि यह दोनों आतंकवादी घाटी में अल-कायदा के पहले 'शहीद' हैं। यह विडियो मूसा के सहयोगियों द्वारा एक गुप्त जेहादी वॉट्सऐप ग्रुप पर शेयर किया गया था।

मरने से पहले अपने परिवार और साथियों को की गई इस 3.16 मिनट की फोन कॉल में आरिफ अपने परिवार से यह कहता सुनाई दे रहा है कि मरने के बाद उसकी लाश को पाकिस्तानी झंडे में न लपेटा जाए। आरिफ ने कहा, 'कृपया मरने के बाद अंतिम संस्कार के दौरान मुझे केवल तौहीद झंडे (अल-कायदा द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला झंडा) में ही लपेटा जाए। कृपया इसके जरिए मेरे बलिदान का सम्मान करना, मेरे लिए दुआ करना। मैं तुम्हारी कामयाबी की भी दुआ करता हूं, तुम जरूर कामयाब होगे।'

इस क्लिप में आरिफ अपने परिवार और दोस्तों से यह भी कह रहा है कि उसे दुजाना 'भाई' से दूर नहीं किया जाए और दुजाना का अंतिम संस्कार पीओके के गिलगित बल्टिस्तान में नहीं बल्कि कश्मीर में ही किया जाए। बता दें की अबू दुजाना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित बल्टिस्तान का रहना वाला था।

इस अपील के बाद आरिफ फोन दुजाना को दे देता है। दुजाना ने क्लिप में उर्दू में कहा कि उसे 'शहीद होने के लिए अल्लाह ने चुना है' और अपने साथियों से कहता है कि उसकी मौत पर दुखी न हों। उसने कहा, 'मैं अपनी शहादत से काफी खुश हूं।' आरिफ ने अपने साथियों से यह भी कहा कि पुलवामा के जिस घर में वह छिपे थे उसके मालिक को कोई भी नुकसान न पहुंचाया जाए। इसके बाद आरिफ ने यह कहते हुए अपनी बात खत्म की कि 'हम जाकिर (मूसा) भाई के साथ हैं, हम अल-कायदा के साथ हैं।'

एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि दुजाना ने पैसों के मामले में लश्कर को छोड़ा था। वह अपनी पत्नी को कश्मीर से पाकिस्तान ले जाने के लिए लश्कर से पैसे मांग रहा था। उन्होंने बताया, 'दुजाना, अल-कायदा के गज़वत-उल-हिंद ग्रुप में जाकिर मूसा के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण लीडर था। दुजाना और आरिफ की मौत मूसा के ग्रुप को पहला बड़ा नुकसान है।'

इससे पहले, सुरक्षा एजेंसियों ने मंगलवार को मीडिया को बताया था कि दुजाना और आरिफ 'लश्कर के मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी' थे। हालांकि सोशल मीडिया पर दुजाना के साथियों द्वारा इस रिकॉर्डिंग को शेयर करने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने यह कन्फर्म कर दिया है कि इन दोनों आतंकियों ने लश्कर को छोड़कर दो महीने पुरानी मूसा की इस अल-कायदा सेल को जॉइन कर लिया था। अपने विडियो मेसेज में मूसा ने कहा कि दुजाना और आरिफ ने अंसार गज़वत-उल-हिंद के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। मूसा ने उन्हें विडियों में 'मर्द-ए-हूर' बताया है जो अल्लाह और तौहीद के लिए लड़ रहे थे।
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