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श्रमिकों की समस्याओं से क्षुब्ध आटसा ने मोरान में मुख्यमंत्री सहित असम टी कंपनी के मालिक का पुतला फूंका

श्रमिकों की समस्याओं से क्षुब्ध आटसा ने मोरान में मुख्यमंत्री सहित असम टी कंपनी के मालिक का पुतला फूंका मोरानहाट: असम टी कम्पनी इंडिया लिमिटेड के श्रमिक और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर अखिल असम चाय जनजाति छात्र संस्था ( आटसा ) की माहमारा आंचलिक समिति ने आज मोरान पुलिस पोईन्ट के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, श्रममंत्री पल्लव लोचन दास, सांसद कामाख्या प्रसाद तासा तथा बागान प्रवंधन का पुतला फूंकने के साथ ही जमकर नारेबाजी भी की.

आटसा माहमारा आंचलिक समिति के अध्यक्ष अरुण कुर्मी तथा सचिव मानव वाक्ति ने बताया कि असम की सबसे पुरानी तथा आर्थिक रुप से मजबूत 1839 में प्रतिष्ठित असम टी कम्पनी लिमिटेड की खुमटाई, डुमर दोलंग, मौखुटी, बरबरुवा, माईजान, ग्रीनउड, हाजलबैंक, नादुवा, दिनजान, रंगागोड़ा, दीघलतरंग, जोनाई और कुंडली इन चौदह चाय बागानों के श्रमिकों तथा कर्मचारियों को नियमित वेतन तथा अन्य सुविधाओं से बागान प्रवंधन वंचित करता आ रहा है.

1945 में क्वीन विक्टोरिया द्वारा रॉयल चार्टर का पुरस्कार पाने में सफल रही कम्पनी आज श्रमिक और कर्मचारियों के समस्याओं से किनारा करते हुए उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर रहा है.

कम्पनी के खुमटाई, डुमर दोलंग तथा हाजुवा चाय बागान का 1284.43 हेक्टेयर भुमि, 1700 स्थाई तथा 2500 अस्थाई तथा 7000 अन्य श्रमिक है, मौखुटी चाय बागान का 365 हेक्टेयर भुमि, 780 अस्थाई तथा 450 अस्थाई श्रमिक 72 कर्मचारी है । इसके बावजुद कम्पनी सिर्फ अपना मुनाफा बढ़ाने में जुटा है.

इन समस्याओं के सामाधान हेतु आटसा लंबे समय से प्रयासरत रहते हुए बागान प्रवंधन से वार्ता आदि करता आ रहा है. बावजूद इसके बागान प्रवंधन ने कभी इन समस्याओं पर ध्यान ही नहीं दिया.

आटसा की माहमारा आंचलिक समिति ने अपने क्षेत्र के खुमटाई, डुमरदोलंग तथा मौखुटी बागान के श्रमिकों तथा कर्मचारियों की समास्या के सामाधान की मांग करते हुए गत 12 जून को चराईदेव जिले के उपायुक्त कार्यालय में दो घंटे का धरणा देकर उपायुक्त को स्मारक पत्र सौंपा तो था मगर पुन: सरकार, प्रशासन तथा बागान प्रवंधन के कानों पर जुं तक ना रेगीं.

आज के विरोध प्रदर्शन के बाद भी समस्याओं का सामाधान नहीं हुआ तो आगामी 23 जून को गुवाहाटी दिघली पुखुरी में 50 घंटे का अनशन करेगी ।
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