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दार्जिलिंग हिंसा: जीजेएम का ममता सरकार के साथ वार्ता से इनकार, लेकिन मोदी सरकार से तैयार

जनता जनार्दन संवाददाता , Jun 18, 2017, 11:27 am IST
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दार्जिलिंग हिंसा: जीजेएम का ममता सरकार के साथ वार्ता से इनकार, लेकिन मोदी सरकार से तैयार दार्जिलिंग: जीजेएम ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ किसी भी तरह की वार्ता से इनकार किया लेकिन कहा कहा कि वह केंद्र एनडीए सरकार के साथ वार्ता करने को लेकर सहज है. जीजेएम के नेता बिनय तमांग ने कहा, हम पश्चिम बंगाल सरकार के साथ वार्ता करने को तैयार नहीं है. ममता बनर्जी ने हमारा अपमान किया है उन्होंने हमें आतंकवादी कहा है. उन्होंने कहा, हम अपने अधिकारों और आजादी को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. हम केवल केंद्र सरकार के साथ वार्ता करेंगे. ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ वार्ता करने में हमारी दिलचस्पी नहीं है.

अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से अशांत चल रहे दार्जिलिंग में शनिवार को जीजेएम कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच व्यापक झड़प देखने को मिली. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) का एक सहायक कमांडेंट समेत 35 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सहायक कमांडेंट गंभीर रूप से घायल हो गए. दार्जिलिंग में कुछ वर्षो के अंतराल के बाद आठ जून से फिर से शुरू हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद से यह पहली मौत है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर पेट्रोल बम फेंके, पथराव किया और बोतल फेंके. इस पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज का सहारा लेना पड़ा.

हालात पर नियंत्रण के लिये सेना की टुकड़ियां तैनात
हालात पर नियंत्रण के लिये सेना की टुकड़ियां तैनात की गई हैं और दार्जिलिंग और कुसर्यिांग समेत हिंसा प्रभावित पहाड़ी जिले के कई क्षेत्रों में सेना ने फ्लैग मार्च किया. वहां अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन बंद शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा. दार्जिलिंग का सिंगमारी इलाका संघर्ष क्षेत्र में तब्दील हो गया क्योंकि जीजेएम कार्यकर्ताओं ने दंगा रोधी पुलिसकर्मियों पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंके. पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिये आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया. इस घटना ने प्रशासन को इलाके में सेना की टुकड़ी तैनात करने को मजबूर किया. इस घटना में कई लोग घायल हो गए थे. सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में सेना की छह टुकड़ियां (तकरीबन 250 कर्मी) तैनात हैं और कलीमपोंग में हालात तनावपूर्ण है. सिंगमारी के अलावा लेबोंगकार्ट रोड, चौक बाजार और घुम में भी संघर्ष हुआ. घुम में देश का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन है.

सिंगमारी में एक व्यक्ति की मौत हुई, 35 पुलिसकर्मी घायल
पश्चिम बंगाल के एडीजी (कानून व्यवस्था) अनुज शर्मा ने कोलकाता में बताया कि सिंगमारी में एक व्यक्ति की मौत हुई और तकरीबन 35 पुलिसकर्मी घायल हो गए. उनमें से 19 गंभीर रूप से घायल हैं. हालांकि, जीजेएम ने दावा किया कि पुलिस की गोलीबारी में दो पार्टी समर्थक मारे गए. जीजेएम प्रमुख बिमल गुरंग ने अज्ञात स्थान से एक वक्तव्य में कहा, 'पुलिस गोलीबारी में हमारे दो साथी मारे गए. वे गोरखालैंड आंदोलन के शहीद हैं. पहाड़ियों के लोग तब तक नहीं रुकेंगे जब तक कि गोरखालैंड नहीं मिल जाता है.' उन्होंने कहा, 'अंतिम लड़ाई चल रही है. या तो हम अपना अधिकार पा लेंगे या इसके लिए मर जाएंगे.' गुरंग के दावे को एडीजी शर्मा ने खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, 'पुलिस ने गोली नहीं चलाई. एक भी गोली नहीं चलाई गई. यह जीजेएम था, जिसने हम पर गोलीबारी की.'

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आईआरबी की दूसरी बटालियन के सहायक कमांडेंट किरण तमांग हिंसा में गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि तमांग को सिलिगुड़ी में एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है. इससे पहले, आईआरबी सूत्रों ने बताया था कि संघर्ष में तमांग मारे गए.

राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी से की बात
हिंसा जारी रहने के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को फोन किया और वहां के हालात पर चर्चा की. बातचीत के दौरान बनर्जी ने गृह मंत्री को कानून व्यवस्था कायम रखने और पहाड़ी जिले में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिये राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. सिंह ने मुख्यमंत्री से हिल स्टेशन में शांति बहाल करने के लिये हरसंभव कदम उठाने को कहा.

गहरी साजिश है दार्जिलिंग में हिंसा : ममता
बनर्जी ने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा, 'आज जो हो रहा है, वह गहरी साजिश है. इतने सारे बम और हथियार एक दिन में नहीं जुटाए जा सकते. मैं अपने जीवन की कुर्बानी देने को तैयार हूं, लेकिन मैं बंगाल का विभाजन नहीं होने दूंगी.' उन्होंने कहा कि जीजेएम के पूर्वोत्तर में विद्रोही समूहों और कुछ दूसरे मुल्कों के साथ संबंध हैं. हालांकि, उन्होंने किसी विद्रोही समूह या दूसरे मुल्क का नाम नहीं लिया. बनर्जी ने कहा, 'इस गुंडागर्दी के पीछे आतंकवादी दिमाग है. हमारे पास सुराग है कि उनका पूर्वोत्तर में भूमिगत विद्रोही समूहों के साथ संबंध है. कुछ दूसरे मुल्क भी उनकी मदद कर रहे हैं.'

अमित शाह ने किया ममता पर पलटवार
दार्जिलिंग की पहाड़ियों में जारी आंदोलन के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर आंदोलन को प्रोत्साहित करने के आरोप लगाए और दावा किया कि इसमें गहरा षड्यंत्र है. बहरहाल हिंसक आंदोलन के लिए उन्होंने भाजपा पर सीधे आरोप नहीं लगाए और दावा किया कि इसे पूर्वोत्तर के उग्रवादी समूहों और दूसरे देशों से समर्थन मिल रहा है. उनके बयान पर भाजपा प्रमुख अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें हर चीज में षड्यंत्र दिखता है. शाह ने कहा कि ममता को हर चीज में षड्यंत्र दिखता है. शाह ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ममता को हर चीज में षड्यंत्र दिखता है. उन्होंने भारतीय सेना के खिलाफ भी ऐसे ही आरोप लगाए थे. उनसे पूछा गया था कि दार्जिलिंग में चल रहे आंदोलन को ममता ने गहरा षड्यंत्र करार दिया है जिसका समर्थन पूर्वोत्तर के कुछ उग्रवादी समूह और दूसरे देश कर रहे हैं.

पुलिस ने बताया कि हिंसा में कथित तौर पर संलिप्तता के लिये सात जीजेएम समर्थकों को गिरफ्तार किया गया. सिंगमारी घटना का ब्योरा देते हुए पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इलाके में निषेधाज्ञा लागू थी और हाथ में तिरंगा और जीजेएम का ध्वज लिये प्रदर्शनकारियों से पुलिस ने वापस लौटने को कहा. नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारी नहीं माने और पुलिस पर पत्थर और बोतल फेंकने लगे. पुलिस के कई वाहनों में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमने उनसे वापस जाने को कहा, लेकिन उन्होंने पत्थर, बोतल और पेट्रोल बम फेंकना शुरू कर दिया. हमें लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा.'
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