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ब्रिटेन में 'क्रिटिकल'अलर्ट, प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा, जल्द हो सकते हैं और आतंकी हमले

ब्रिटेन में 'क्रिटिकल'अलर्ट, प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा, जल्द हो सकते हैं और आतंकी हमले लंदन: मैनचेस्टर में सोमवार को एक रॉक कॉन्सर्ट में हुए हमले में 22 लोगों की मौत के बाद ब्रिटेन में अलर्ट का लेवल 'क्रिटिकल' कर दिया गया है. आतंकी हमले के खतरे के अलर्ट के हिसाब से यह सबसे ऊंचा लेवल है.

साथ ही सुरक्षा के लिए सेना को भी तैनात करने का फैसला किया गया है. ब्रिटेन के प्रशासन की ओर से बढ़ाए गए इस लेवल का मतलब ये है कि आतंकी हमले का खतरा अभी टला नहीं है और कोई दूसरा हमला भी हो सकता है.

प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने सरकार की आपातकालीन कैबिनेट ऑफिस ब्रिफिंग रूम (कोबरा) की बैठक के बाद कहा कि सुरक्षा बढ़ाने के लिए सेना और सशस्त्र बलों का इस्तेमाल किया जाएगा.

थेरेसा मे ने बैठक के बाद कहा, 'इसका मतलब ये हुआ यह केवल एक हमला नहीं है और संभव है कि बहुत जल्द दूसरा हमला भी हो सकता है.'

पिछली बार अलर्ट का यह सबसे ऊंचा लेवल जून 2007 किया गया था. मे ने कहा कि संभव है कि मैनेचेस्टर हमले में कई लोग शामिल हों और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

साथ ही मे ने बताया कि सशस्त्र बलों के जवानों को मुख्य जगहों पर तैनात किया जाएगा ताकि पुलिस को पट्रोलिंग के काम से फिलहाल मुक्त रखा जा सके. उन्होंने बताया कि सेना के जवानों को कॉन्सर्ट और खेलों के आयोजन जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में तैनात किया जा सकता है.

आपको बता दें कि ये धमाका मैनचेस्टर एरेना में मशहूर पॉप गायिका एरियाना ग्रैंडे के कंसर्ट के दौरान हुआ. सोमवार रात यहां कंसर्ट चल रहा था.

पुलिस के मुताबिक, रात 10.35 बजे उन्हें धमाके की कॉल मिली. कंसर्ट में शामिल होने के लिए बड़ी तादाद में लोग पहुंचे थे. इसी दौरान वहां धमाकों की आवाज सुनाई दी. जिसके बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया.

ब्लास्ट के फौरन बाद एरेना को खाली करवा लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने इसकी कड़ी निंदा की है.

हमले के बाद हमलावर की पहचान 22 साल के सलमान आबिदी के तौर पर हुई है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि मैनचेस्टर में पैदा हुआ आबिदी एक लीबियाई शरणार्थी दंपति का बेटा है, जो गद्दाफी के शासनकाल के दौरान भागकर ब्रिटेन पहुंचे थे.
 
वर्ष 2005 में ब्रिटेन में हुए घातक हमले के बाद यह सबसे खतरनाक आतंकवादी हमला है, इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने के साथ और हमलों की धमकी दी है.
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