सरकार ने ईपीएफओ नागरिक चार्टर 2017 और ई-कोर्ट प्रबंधन प्रणाली शु्रू की

सरकार ने ईपीएफओ नागरिक चार्टर 2017 और ई-कोर्ट प्रबंधन प्रणाली शु्रू की नई दिल्लीः श्रम एवं रोजगार राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्तात्रेय ने आज बेंगलुरू में ईपीएफओ के नागरिक चार्टर 2017 और ई-कोर्ट प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत की.

नागरिक चार्टर 2017 का उद्देश्‍य ईपीएफओ की ओर से होने वाले कामकाज में पारदर्शिता के साथ-साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना है. इससे सेवा प्रदान करने से जुड़ी प्रणाली एवं शिकायत निवारण व्‍यवस्‍था और बेहतर हो सकेगी जिससे इसके समस्‍त हितधारकों को वस्‍तुओं एवं सेवाओं को समयबद्ध ढंग से मुहैया कराया जा सकेगा.

इस प्रणाली के तहत निर्धारित समय सीमा भी कम हो जायेगी, जो वर्तमान में 30 दिन है. दावा निपटान के मामले में समय सीमा 10 दिन और शिकायत निवारण प्रबंधन के मामले में समय सीमा 15 दिन है.

सभी कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज उपलब्‍ध कराने के विजन के साथ नागरिक या सिटीजन चार्टर को लांच किया गया है. इसका एक अन्‍य उद्देश्‍य सामाजिक सुरक्षा की पर्याप्‍त सहायता के साथ सभी हितधारकों के फायदे के लिए नीतियों को क्रियान्वित करना है.

ईपीएफओ की ई-कोर्ट प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को ध्‍यान में रखते हुए किया गया है.

इस परियोजना का उद्देश्‍य एक पारदर्शी एवं इलेक्‍ट्रॉनिक मामला प्रबंधन प्रणाली सुनिश्चित करना है जो सभी हितधारकों यथा नियोक्‍ताओं, कर्मचारियों, याचिकाकर्ताओं और सीबीटी की अपेक्षाओं को पूरा करेगी. यह पेपरलेस कोर्ट प्रणाली की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है जिसके तहत ईपीएफ एवं एमपी अधिनियम 1952 और ईपीएफएटी की अदालती प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी होगी.

ट्रिब्‍यूनल तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से याचिकाकर्ताओं के पंजीकृत मोबाइल फोन नंबर पर उनके मामलों की ताजा स्‍थि‍ति के बारे में स्वचालित संदेश भेजे जायेंगे. इसी तरह हितधारक भी विभिन्‍न मामलों पर ऑनलाइन नजर रख सकेंगे.

अब से संबंधित पक्ष अपने सभी कागजात/साक्ष्‍य/दस्‍तावेजों को ऑनलाइन दाखिल कर सकेंगे और ताजा स्थिति के साथ-साथ सभी विवरण से ऑनलाइन अवगत हुआ जा सकेगा.
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