वर्चुअल रियलिटी फिल्म 'ल मस्क' से निर्देशन में आए एआर रहमान ने माना, यही सही मौका

वर्चुअल रियलिटी फिल्म 'ल मस्क' से निर्देशन में आए एआर रहमान ने माना, यही सही मौका नई दिल्ली: ऑस्कर पुरस्कार विजेता दिग्गज संगीतकार ए.आर. रहमान जो बतौर संगीतकार, संगीत के क्षेत्र में अपनी महारत सिद्ध कर चुके हैं, वह अब दुनिया की पहली वर्चुअल रियलिटी फिल्म 'ल मस्क' के जरिए निर्देशन के क्षेत्र में भी अपना हुनर साबित करने जा रहे हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा में 'ल मस्क' की एक झलक पेश करने आए रहमान ने निर्देशन के मैदान में उतरने के बारे में उन्होंने कहा, "वर्चुअल रियलिटी फिल्म को लेकर अभी कोई भी कुछ नहीं कर रहा है। मुझे लगा कि ऐसी फिल्म के निर्देशन के लिए यह सही मौका है। पूरी टीम ने इसमें मेरा सहयोग किया और मुझे प्रोत्साहित किया।"

रहमान ने संगीत के क्षेत्र में ऊंचाइयों को छुआ है और वह लाखों लोगों के प्रेरणास्रोत और रोल मॉडल हैं, लेकिन इतनी शोहरत हासिल करने वाले रहमान को प्रेरणा किन से मिलती है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मुझे संगीत के मास्टरों से प्रेरणा मिलती है। कर्नाटक, हिंदुस्तानी या वेस्टर्न क्लासिकल के मास्टरों से मुझे बेहद प्रेरणा मिलती है। वे किसी भी खूबसूरत मनोभाव को इस तरह उठाते हैं कि वह अमर बन जाता है। उनकी यही खूबी मुझे प्रेरित करती है।"

विश्व की इस पहली वर्चुअल रियलिटी फिल्म की शूटिंग रोम में हुई है और इसकी पटकथा भी खुद रहमान और उनकी पत्नी सायरा रहमान ने लिखी है।

रहमान ने बताया कि वर्चुअल रियलिटी फिल्म आपको फिल्म की वास्तविक दुनिया का अहसास कराती है और आपको काफी हद तक यही महसूस होता है कि आप उसी दुनिया में मौजूद हैं।

बतौर फिल्मकार अपनी पहली फिल्म और वह भी दुनिया की पहली वर्चुअल रियलिटी और बहुसंवेदी फिल्म के निर्देशन से जुड़े अपने अनुभवों और चुनौतियों के बारे में रहमान ने कहा, "फिल्म बनाना बेहद मुश्किल काम है। एक फिल्म बनाने में आपको जिंदगी के कम से कम दो साल लगाने पड़ते हैं और मैं इतना समय नहीं लगा सकता। मेरा खास जुड़ाव संगीत से है। लेकिन 'ल मस्क' में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। हमने रोम में 13 दिनों में ही इसकी शूटिंग पूरी कर ली, क्योंकि हमारे पास एक बेहतरीन टीम थी।"

फिल्म के संगीत के बारे में रहमान ने कहा, "फिल्म में क्लासिकल म्यूजिक का टच है। फिल्म की पटकथा लिखते समय मुझे महसूस हुआ कि यह तभी प्रभावशाली लगेगी, जब साथ में आपको ऑकेस्ट्रा सुनाई दे। इसलिए शूटिंग से पहले ही मैंने इसका प्रभाव जानने का प्रयास किया।"

फिल्म एक अनाथ लड़की जुलियट की कहानी है। यह किरदार फांसीसी अभिनेत्री नोरा अर्नेज्दर ने निभाया है। जुलियट पार्ट टाइम संगीतकार भी है और उसके इर्दगिर्द मस्क (कस्तूरी) की खूशबू बिखरी होती है। वह संगीत के जरिए अपनी जिंदगी को एक अलग मुकाम पर ले जाना चाहती है।

फिल्म का कथानक एक खूशबू के इर्दगिर्द बुने जाने के बारे में रहमान ने बताया, "अच्छी सुगंध से एक सकारात्मक माहौल पैदा होता है और इससे पहले हमारी इंद्रियों के इस पहलू का कभी इस तरह इस्तेमाल नहीं किया गया। मुझे लगता है कि एक सही कथानक के माध्यम से जैसा कि 'ल मस्क' का है, इसे बेहतरीन ढंग से पेश किया जा सकता है।"

रहमान ने साथ ही खुलासा किया कि उनकी पत्नी सायरा ने ही उन्हें खुशबू पर आधारित फिल्म बनाने की सलाह दी थी।

रहमान जब भी कुछ नया करते हैं, सभी को उनसे बेशुमार उम्मीदें होती हैं। जाहिर है कि बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म को लेकर भी उनके प्रशंसकों को ढेरों उम्मीदें हैं।

अपने लाखों प्रशंसकों की उम्मीदों पर हर बार खरा उतरने के लिए वह क्या तैयारियां करते हैं? इस सवाल पर रहमान ने कहा, "हम जब भी कुछ नया करते हैं, तो उसे साधने में समय लगता है। मगर सच्चाई यह है कि जो दिल से किया जाता है, वह दिल तक जरूर पहुंचता है।"

रहमान ने अपनी अगली फिल्म के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि वह भारतीय संस्कृति, खासतौर पर भारत की नृत्य-शैलियों पर आधारित है।

फिल्मकार का दावा है कि इस वर्चुअल रियलिटी फिल्म में दर्शकों को अपनी पांचों इंद्रियों से जुड़े अनुभव मिलेंगे और यह आपको एक अनोखी दुनिया में ले जाएगी।

फिल्म में नोरा अर्नेज्दर, गे बर्न और मरियम जोहराबियन प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।
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