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अमरिंदर बनाम सज्जन: कैप्टन और कर्नल की राजनीतिक लड़ाई

अमरिंदर बनाम सज्जन: कैप्टन और कर्नल की राजनीतिक लड़ाई चंडीगढ़ः दो राजनेता, एक कनाडा के रक्षा मंत्री और दूसरे पंजाब के मुख्यमंत्री जिनके कनाडा से गहरे संबंध हैं। दोनों का राजनैतिक कद बड़ा है और दोनों सैन्य पृष्ठभूमि से हैं। एक युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में कनाडा की सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल रह चुका है जबकि दूसरे ने भारतीय सेना में कैप्टन की हैसियत से युद्ध को करीब से देखा है। इनमें एक हैं कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन और दूसरे हैं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह। सज्जन अपनी जन्मभूमि पंजाब आ रहे हैं और इसे लेकर उनकी अमरिंदर से राजनीतिक जंग सी छिड़ गई है।

अमरिंदर का कहना है कि सज्जन 'खालिस्तान समर्थक' हैं और वह अगले हफ्ते पंजाब आ रहे सज्जन से मुलाकात नहीं करेंगे। सज्जन के खालिस्तानी तत्वों से जुड़ाव के कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं होने के बावजूद अमरिंदर अपनी बात पर कायम हैं। अमरिंदर के इस रुख ने पंजाब में राजनैतिक भूचाल पैदा कर दिया है। कनाडा में पंजाब से जाकर बसे लोगों की अधिक आबादी की वजह से इसे हंसी मजाक में पंजाब का 23वां सूबा कहा जाता है। इसलिए वहां के किसी नेता का पंजाब दौरा एक अलग अहमियत रखता है।

साथ ही, यह यात्रा कनाडा के रक्षा मंत्री की है, इसलिए प्रोटोकाल के मुद्दे भी इसमें शामिल हैं। सज्जन के मामले में अमरिंदर के इस सख्त रुख के लिए बीते साल अप्रैल के घटनाक्रम को देखना होगा। तब अमरिंदर पंजाबी समुदाय के बीच चुनाव प्रचार के लिए कनाडा जाना चाहते थे लेकिन वहां के अधिकारियों द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के कारण आखिरी मिनटों में अमरिंदर को यह दौरा रद्द करना पड़ा था।

आहत अमरिंदर ने तब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया था। बाद में अमरिंदर ने भारत में कनाडा के उच्चायुक्त से मिलने से मना कर दिया था। बीते महीने पंजाब के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने अमरिंदर को ऐसा लगता है कि 'सज्जन समेत पंजाबी मूल के खालिस्तान समर्थक नेताओं' ने कनाडा में उन्हें नहीं आने देने के 'चरमपंथी तत्वों के प्रयास में' मदद दी थी।

कनाडा के प्रवासी भारतीयों के बीच अमरिंदर को यह कहकर प्रचार करने नहीं दिया गया था कि राजनैतिक गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जा सकती। जबकि, वहीं पर शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी पर ऐसी कोई रोक नहीं लगाई गई और इन पार्टियों ने खुलकर अपना प्रचार किया था। अमरिंदर ने हालांकि कहा है कि सज्जन को पंजाब यात्रा के दौरान उनकी हैसियत के मद्देनजर सुरक्षा और प्रोटोकाल उपलब्ध कराया जाएगा।

सज्जन के माता-पिता और परिजन पंजाब के होशियारपुर जिले में रहते थे। वे 1976 में कनाडा जाकर बस गए। सज्जन ऐसे पहले सिख हैं जो किसी दूसरे देश के रक्षा मंत्री बने हैं। वह अपनी यात्रा के दौरान अमृतसर, जालंधर, होशियारपुर और चंडीगढ़ जाएंगे। अमरिंदर द्वारा उनसे मुलाकात नहीं करना उन्हें खलेगा नहीं क्योंकि राज्य के तमाम राजनैतिक एवं धार्मिक नेताओं ने उनका दिल खोलकर स्वागत किया है।
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