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बैसाखी पर संपन्न हो गयी 11वीं अयोध्या से रामेश्वरम श्री राम वनगमन पथ यात्रा 2017

विशेष संवाददाता , Apr 13, 2017, 22:46 pm IST
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बैसाखी पर संपन्न हो गयी 11वीं अयोध्या से रामेश्वरम श्री राम वनगमन पथ यात्रा 2017
नई दिल्ली: 62 दिनों से अनवरत चल रही श्री राम वन गमन पथ यात्रा आज सकुशल वापस दिल्ली पहुंच कर संपन्न हो गयी। डॉ रामअवतार के नेतृत्व में  श्री राम सांस्कृतिक शोध संस्थान न्यास के तत्वावधान में  विगत नौ फरवरी को नयी दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग स्थित ऐतिहासिक बाबा हनुमान मंदिर परिसर से शुरु हुई यात्रा बैसाखी के अवसर पर वापस इसी परिसर में लौटकर संपन्न हो गयी।
 
हालांकि डॉ रामअवतार आज आयोजित समापन समारोह में खुद सम्मिलित नहीं हो सके पर उनके साथ यात्रा पर गये अन्य सभी सदस्य पिछले 61 दिनों में लगभग 39 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर ११ राज्यों में फैले रामजी के वनगमन प्रसंग से संबंधित लगभग 240 तीर्थों में दर्शन पूजन करते हुए आज सकुशल घर लौट आये। डॉ रामअवतार पिछले चालीस वर्षों से अपनी शोध यात्रा के क्रम में हर बार यहीं से यात्रा आरंभ करते हैं। 
 
यहां बाबा हनुमान को रामजी के वनगमन तीर्थों में मार्गदर्शक और संरक्षक के रूप में आमंत्रित करते हुए यात्रा के लिये संकल्प लेने के बाद सभी यात्री आगे की यात्रा पर निकलते हैं और सकुशल वापसी के बाद पुनः बाबा मंदिर में हनुमान जी को स्वगृह में विराजमान कराकर सभी यात्री अपने अपने घरों को लौट जाते हैं।

इस बार की यात्रा में डॉ रामअवतार के साथ अयोध्या से आशुतोष अभिलेख, कानपुर से जितेन्द्र मिश्र, दिल्ली से मनोज राघव अयोध्या से रामेश्वरम की अनवरत यात्रा पर लगातार साथ चलते रहे। यात्रा के अंतिम चरण में दिल्ली महरौली से रामरतन गोयल वापसी यात्रा में सम्मिलित हुए। 
 
डॉ रामअवतार पिछले चालीस वर्षों से राम जी के वनगमन तीर्थों पर शोध कर रहे हैं। अपने शोध के क्रम में उन्होंने रामजी के २४९ वनगमन तीर्थों को एक सूत्र में पिरोया है। अब वे इनके विकास और प्रचार प्रसार के लिये संकल्पित हैं। आयकर विभाग से अवकाश प्राप्त डॉ राम अवतार फिलहाल भारत सरकार द्वारा गठित रामायण सर्किट के अध्यक्ष हैं। रामजी के तीर्थों के प्रचार प्रसार के लिए उनके नेतृत्व में गठित श्री राम सांस्कृतिक शोध संस्थान न्यास दिल्ली की ओर से इन तीर्थों के दर्शन और पूजन के लिये समय समय पर यात्रायें आयोजित करती है। यह ग्यारहवीं अयोध्या से रामेश्वरम अनवरत श्रीराम वन गमन पथ तीर्थ यात्रा थी।  
   


















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