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योगी कैबिनेट का फैसला: जिला मुख्यालय में 24 घंटे बिजली, गांवों में 18 घंटे

जनता जनार्दन संवाददाता , Apr 11, 2017, 17:46 pm IST
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योगी कैबिनेट का फैसला: जिला मुख्यालय में 24 घंटे बिजली, गांवों में 18 घंटे लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को दूसरी कैबिनेट बैठक की। इस मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। योगी सरकार ने गांवों को 18 घंटे बिजली देने का निर्णय किया है। इसके अलावा बुंदेलखंड में 20 घंटे बिजली दी जाएगी।

तहसीलों में भी 20 घंटे बिजली दी जाएगी। जिला मुख्यालय में 24 घंटे बिजली पहुंचाई जाएगी। वहीं, 14 दिनों में गन्ना किसानों का भुगतान किया जाएगा।

दूसरी कैबिनेट बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि गरीबों तक विकास पहुंचाया जाए। यदि बिजली विभाग में लापरवाही सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

श्रीकांत शर्मा ने आगे कहा कि अक्टूबर 2018 तक हर जगह 24 घंटे बिजली दी जाएगी। शहर में खराब हुए ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के अंदर बदला जाएगा। वहीं, किसानों के ट्यूबवेल में ट्रांसफार्मर खराब हुआ तो 48 घंटे के अंदर उसे दुरुस्त करा दिया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ सरकार की दूसरी कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए हैं। यूपी सरकार प्रदेश के किसानों से एक लाख मिट्रिक टन आलू की खरीददारी करेगी। सरकार 487 रुपये क्विंटल के दाम पर आलू खरीदेगी।

प्रदेश के गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए योगी सरकार ने फैसला किया कि पुराने बकाए का भुगतान 120 दिनों में कर दिया जाएगा। इसके अलावा मौजूदा भुगतान 14 दिनों में होंगे।

दूसरी कैबिनेट बैठक में सरकार ने फैसला किया कि बिजली बिल पर बकाया सरचार्ज माफ किया जाएगा। 10 हजार बकाया वाले किसान चार किस्तों में भुगतान कर सकेंगे।

योगी सरकार नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद में 10 करोड़ रुपये से ऊपर हुए सभी कामों की जांच कराएगी। इसके अलावा बैठक में 15 जून तक प्रदेश के सभी गड्ढ़ों को भरने का भी प्रस्ताव लाया गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के दो करोड से अधिक लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली कर्ज माफ करने का महत्वपूर्ण फैसला किया था। इस फैसले से प्रदेश के राजकोष पर 36359 करोड रुपये का बोझ आएगा। कैबिनेट की पहली बैठक में राज्य के किसानों के हित में ये बडा फैसला किया गया जो विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र में प्रमुख मुद्दा था।

पहली कैबिनेट में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला करते हुए राज्य में पांच हजार गेहूं खरीद केन्द्रों के जरिए 80 लाख टन गेहूं की सीधी खरीद का फैसला किया था। मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में तय किया गया कि राज्य भर में सरकार पांच हजार गेहूं खरीद केन्द्र बनाएगी।
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