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कौन बनेगा 2017 विधानसभा चुनाव में सैयदराजा का नुमाइंदा

कौन बनेगा 2017 विधानसभा चुनाव में सैयदराजा का नुमाइंदा चंदौलीः सैयदराजा विधानसभा में सियासत उफान पर है. सभी के अपने-अपने वादे और मीठी बातों का हथियार. इससे इलाका कैसे बदलेगा मालूम नहीं, पर इस विधानसभा का लेखा जोखा जानना समीचीन होगा.  

चुनावी मुद्दों की बात की जाय तो बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के अलावा निम्न मुद्दे चुनाव में खास तौर पर देखे जा जा रहे हैं. सैयदराजा विधानसभा मुख्यता कृषि प्रधान क्षेत्र है, यहां किसानों की सिंचाई की समस्या प्रमुख चुनावी मुद्दा है.

नहरों का जाल होने के बाद भी टेल तक पानी न पहुंचना प्रमुख चुनावी मुद्दा है. साथ सड़कों की स्थिति भी इस इलाके में बेहद खस्ता हाल है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट इतना लचर है कि आठ-दस किलोमीटर की यात्रा के लिए भी घंटे भर का समय लगता है.

बिहार बार्डर होने की वजह से कानून व्यवस्था को लेकर भी यहाँ कई बार सवाल उठते हैं. अपराध की घटनाये इस क्षेत्र में हमेशा होती हैं और अपराधी बेखौफ घटनाओं को अंजाम देकर बार्डर पार कर बिहार में शरण ले लेते हैं. साथ ही बार्डर पर टैक्स चोरी प्रमुख चुनावी मुददा है.

जो हैं, मैदान में
 
1- विनीत सिंह उर्फ श्याम नारायण सिंह बसपा

बसपा ने इस बार विनीत सिंह को प्रत्याशी बनाया है इनकी शैक्षनिक योग्यता स्नातक है  बसपा से राजनीती की शुरुवात करने  विनीत सिंह वाराणसी के रहने वाले है  राजनैतिक  इतिहास की बात करे तो विनीत मिर्जापुर सोनभद्र से एमएलसी रह चुके हैं.

विनीत की पत्नी प्रमिला सिंह लगातार दो बार से मिर्जापुर से जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं. विनीत का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है बिहार झारखण्ड और यूपी में विनीत के ऊपर 1 दर्जनों आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, अपरहण, फिरौती, अवैध स्वचालित प्रतिबाधित हथियारों को रखना, गैंगेस्टर और गुंडा एक्ट के मुकदमें प्रमुख हैं. यूपी में वाराणसी मिर्जापुर और भदोही में कई थानो में इनके खिलाफ मामला दर्ज हैं. विनीत सिंह वर्तमान में 15 दिन के पैरोल पर हैं।

2- मनोज सिंह डब्लू सपा

382 सैयद राजा विधानसभा से मनोज सिंह  सपा प्रत्याशी के रूप में घोषित हुए हैं २ जो कि निर्दल चुनाव जीतने के बाद सपा में सम्मिलित हुए  मनोज सिंह विधायक की परिवारिक पृष्ठभूमि किसान व व्यापारी की रही है.

शिक्षा - बीएससी एजी के छात्र थे ।

राजनीतिक इतिहासः इनके द्वारा राजनीति की शुरुआत हैदराबाद से की थी। यह हैदराबाद में 1998 में प्रदेश अध्यक्ष के रुप में कार्य किए उसके बाद सपा राष्ट्रीय युवजन सभा के महासचिव के रूप में 2011 तक पद पर थे।

उसके बाद 2012 में उन्होंने निर्दल चुनाव लड़कर सैयदराजा विधानसभा से विधायक हुए  बाहुबली बृजेश सिंह को 22सौ वोटों से मात देकर विधायक बनकर इन्होंने खूब सुर्खिया बटोरी.

आपराधिक इतिहासः  इनके ऊपर  कोई भी अपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं

3-सुशील सिंह भाजपा सैयदराजा

इस बार भाजपा ने माफिया डॉन बृजेश सिंह के भतीजे सुशिल सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है।सकलडीहा विधानसभा से विधायक सुशील सिंह की आपराधिक पृष्ठभूमि भी है।

मूलतः वाराणसी के रहने वाले सुशील सिंह की शिक्षा इंटरमीडिएट है। बसपा से राजनीति की शुरुआत करनेवाले सुशील सिंह के राजनीतिक इतिहास की बात करे तो इन्होंने चंदौली के धानापुर जो अब सकलडीहा है से शुरुआत की थी। बसपा के टिकट पर पहले चुनाव में इन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन दोबारा उसी सीट पर उन्हें जीत मिली। जबकि अगले चुनाव में टिकट न मिलने पर निर्दल ही चुनाव मैदान मे उतरे और सफलता हासिल की।

लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी का दामन थाम लिया। लेकिन इस बार जनता का रुझान देख अपनी सीट बदलने में ही भलाई समझी और मुगलसराय से बीजेपी से टिकट की जुगत में इन्हें कामयाबी हासिल नहीं हुई। अंततः सैयदराजा से टिकट मिला। जहाँ उनका मुकाबला एक अन्य बाहुबली व् बसपा प्रत्यासी विनीत सिंह और सपा से वर्तमान विधायक मनोज सिंह डब्लू से है।

सुशील सिंह अंडरवर्ल्ड डॉन बृजेश सिंह के भतीजे हैं और उनके अन्डरग्राउंड रहने के दौरान सालों तक उनके कारोबार को बढ़ाने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। सुशील सिंह के ऊपर दर्जनो आपराधिक मामले दर्ज है। जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, फिरौती, गैंगेस्टर और गुंडा एक्ट के मुकदमें प्रमुख है। यूपी में वाराणसी मिर्जापुर और भदोही में कई थानों में इनके खिलाफ मामला दर्ज है। इनकी पत्नी किरण सिंह चन्दौली जिले के सकलडीहा से जिला पंचायत सदस्य हैं, जिन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इनका कोयला के कारोबार और कई केमिकल  फैक्टरियां है, इसके अलावा कई बड़ी कंपनियों में शेयर होल्डर भी है।

चुनावी समीकरण
इस बार सैयदराजा विधानसभा में आपराधिक छवि के दो प्रत्याशी आ जाने से मुकाबला काफी रोचक हो गया है वही वर्तमान विधायक भी इसी सीट पर अपने कार्यकाल के विकास कार्यो का हवाला देकर दो बाहुबलियों की जंग में कूद पड़े है.

मुकाबला त्रिकोणीय होगा इस बात को नकारा नहीं जा सकता। बाहुबलियों की इस जंग पर प्रदेश भर की निगाहें टिकी है इस वजह प्रसाशनिक अमले की नीद उड़ गयी है और किसी भी प्रकार की चुनौती से निबटने के हर संभव प्रयास के लिए पसीना बहा रहे है.

382 सैयदराजा विधानसभा एक नजर में  

कुल मतदाता 316248
पुरुष 173961
महिला 142265
तीसरा जेंडर 22

382 सैयदराजा विधानसभा के जातिगत बात करे तो यहां

मुसलमान-27 हजार
यादव- 25 हजार
दलित-65 हजार
राजभर -12 हजार
वैश्य-25 हजार
निषाद -12 हजार
बिन्द -35 हजार
पटेल ( कुर्मी )-5 हजार
कोइरी कुशवाहा-20 हजार
ब्राम्हण-25  हजार
राजपूत-40 हजार व 30 हजार अन्य मतदाता

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सैयदराजा विधान सभा के 2012 के परिणाम की बात करें तो यहां के तत्कालीन निर्दल प्रत्याशी और इस बार सपा की तरफ से चुनाव लड़ रहे मनोज  सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के उम्मीदवार माफिया डॉन और वर्तमान में विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह को 2016  मतों से मात दी थी.
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