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स्पेशल स्टोरी: आखिर क्यों मनाया जाता है बसंत पंचमी का त्यौहार और क्या इसके पीछे छुपी मान्यताएं...

जनता जनार्दन संवाददाता , Feb 01, 2017, 12:57 pm IST
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स्पेशल स्टोरी: आखिर क्यों मनाया जाता है बसंत पंचमी का त्यौहार और क्या इसके पीछे छुपी मान्यताएं... स साल बसंत पंचमी का त्यौहार 1 फरवरी को पूरे देश में मनाया जा रहा है. बसंत पंचमी पतझड़ के बाद बंसत ऋतु के आगमन की निशानी है। बंसत को ऋतुओं का राजा भी कहा जाता है. भगवान कृष्ण ने भी स्वंय कहा है की ऋतुओं में, ‘मैं बसंत हूं.’

बसंत पंचमी के दिन हिंदू धर्म के लोग मंदिर जाना शुभ मानते हैं, इस पर्व को ज्ञान की देवी सरस्वती के दिन के रूप में भी मनाते हैं व ज्ञान और सद्बुद्धी के लिए देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना करते हैं.

ऐसी मान्यता है कि सृष्टि के आंरभ में जब भगवान विष्णु की आज्ञा के बाद भगवान ब्रह्मा ने मनुष्य की रचना की. उसके बावजूद भगवान ब्रह्मा जी अपने सर्जना से संतुष्ट नहीं थे. उन्हें लगता था कि कुछ कमी रह गई है. इसकी वजह थी कि सर्वत्र मौन विखरा था. उस सर्जना में वाणी नहीं थी. विष्णु जी से सलाह लेकर ब्रह्मा ने अपने कमण्डल से जल छिड़का। पृथ्वी पर उस जलकण के बिखरते ही पृथ्वी पर कंपन होने के बाद एक अद्भुत शक्ति प्रकट हुईं।

यह अद्भुत शक्ति सुंदर स्त्री थीं। जिनके एक हाथ में वीणा तथा अन्य हाथों में पुस्तक एवं माला थी। जिसके बाद ब्रह्मा जी ने देवी से वीणा बजाने का अनुरोध किया। जैसे ही देवी ने वीणा बजाना शुरू किया, पूरे संसार में एक मधुर ध्वनि फैल गई। कहते हैं इसके बाद से संसार के जीव-जन्तुओं को वाणी प्राप्त हो गई।

तब ब्रह्मा जी ने देवी को वाणी की देवी 'सरस्वती' के नाम से संबोधित किया। मां सरस्वती विद्या और बुद्धि प्रदान करती हैं। बसंत पंचमी के दिन इनकी उत्पत्ति हुई थी, इसलिए बसन्त पंचमी के दिन को इनके जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा की जाती है और विद्या और बुद्धि का वरदान मांगा जाता है.

ऐसा माना जाता है कि मां सरस्वती का संबंध बुद्धि व ज्ञान से है। यदि आपके बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता है, यदि आपके जीवन में निराशा का भाव बहुत बढ़ गया है, तो बंसत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन अवश्य करें। मां के आशीर्वाद से आपका ज्ञान बढ़ेगा और आप जीवन में सही निर्णय लेने में सफल होंगे।

राजस्थान में लोगों इस त्यौहार के दिन चमेली की माला पहनते हैं। बसंत पंचमी पर भारत के स्कूलों और शैक्षिक संस्थानों में सरस्वती पूजा की जाती हैं, बसंत पंचमी के दिन पर पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. आपको भी इस पर्व की असीम शुभकामनाएं.
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