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जीसैट -18 का इसरो ने किया सफल प्रक्षेपण, मोदी ने दी बधाई

जनता जनार्दन डेस्क , Oct 06, 2016, 13:42 pm IST
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जीसैट -18 का इसरो ने किया सफल प्रक्षेपण, मोदी ने दी बधाई बेंगलूरू: भारत के नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट 18 का फ्रेंच गुयाना में कोउरू के अंतरिक्ष केंद्र से एरियनस्पेस रॉकेट के जरिए आज सफल प्रक्षेपण किया गया. यह प्रक्षेपण पहले कल किया जाना था लेकिन कोउरू में मौसम खराब होने के कारण इसे 24 घंटे के लिए टाल दिया गया था. कोउरू दक्षिणी अमेरिका के पूर्वोत्तर तट स्थित एक फ्रांसीसी क्षेत्र है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीसैट-18 के सफल प्रक्षेपण को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम का दूसरा ‘मील का पत्थर’ बताते हुए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा निर्मित जीसैट- 18 इसरो के 14 संचालित उपग्रहों के बेड़े को मजबूत कर भारत के लिए दूरसंचार सेवाएं प्रदान करेगा. आज मौसम साफ होने के साथ ही एरियन-5 वीए-231 भारतीय समयानुसार तड़के करीब दो बजे रवाना हुआ और जीसैट-18 को लगभग 32 मिनट की उड़ान के बाद कक्षा में भेज दिया.

बेंगलूरू में मुख्यालय रखने वाले इसरो ने मिशन के बाद घोषणा की, ”जीसैट-18 को फ्रेंच गुयाना के कोउरू से एरियन-5 वीए-231 के जरिए सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया .” जीसैट-18 यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा प्रक्षेपित किया जाने वाला इसरो का 20वां उपग्रह है और एरियनस्पेस प्रक्षेपक के लिए यह 280वां मिशन है.

अपने भारी उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए एरियन-5 रॉकेट पर निर्भर इसरो इस उद्देश्य के लिए जीएसएलवी एमके-3 विकसित कर रहा है.

प्रक्षेपण के समय 3,404 किलोग्राम वजन रखने वाला जीसैट-18 नॉर्मल सी बैंड, अपर एक्सटेंडेड सी बैंड और केयू बैंडों में सेवा प्रदान करने के लिए 48 संचार ट्रांसपोंडर लेकर गया है.

उपग्रह के सफल प्रक्षेपण की घोषणा करते हुए एरियनस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन इस्राइल ने ट्वीट किया, ”हमें इसरो के साथ अपने मजूबत संबंधों पर गर्व है . आज रात 20वां उपग्रह भेजा . भारत की अंतरिक्ष एजेंसी के लिए प्रक्षेपित . बधाई .” मिशन नियंत्रण केंद्र से प्रक्षेपण पर नजर रखने वाले इसरो अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने अपने संदेश में कहा, ”मैं एरियन-5 वीए-231 की गौरवशाली और त्रुटिरहित उड़ान को देखकर प्रसन्न हूं जो जीसैट..18 और स्काईमस्टर..2 को सफलतापूर्वक ले गया . पूर्व के सभी अवसरों की तरह एरियनस्पेस ने हमें एक शानदार उड़ान उपलब्ध कराई .”

इन बैंडों में परिचालित उपग्रहों पर सेवा निरंतरता उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया जीसैट-18 उपग्रह करीब 15 साल के सेवा मिशन पर गया है.
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