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शायद आप बापू की ये बातें नहीं जानते होंगे

शायद आप बापू की ये बातें नहीं जानते होंगे दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है। सत्य और अहिंसा के प्रेरणास्रोत के रूप में पूरी दुनिया में याद किए जाने वाले महात्मा गांधी के जन्मदिन को दुनिया में विश्व अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

वह भारत में स्वतंत्रता संघर्ष के सूत्रधार के रूप में याद किए जाते हैं। उन्होंने दुनिया को सत्य और अहिंसा के रास्ते जीत हासिल करने का मंत्र दिया। विश्व के कई नेता उनसे प्रभावित माने जाते हैं। इसमें मॉर्टिन लूथर किंग जूनियर, नेल्सन मंडेला, दलाई लामा और आंग सान सू की जैसे लोग शामिल हैं।

महात्मा गांधी को शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए पांच बार नॉमिनेट किया गया था। नोबेल कमिटी को इस बात का मलाल था कि गांधी को पुरस्कार नहीं मिल सका और मरणोपरांत नोबेल दिया नहीं जाता है।

महात्मा गांधी चार को महाद्वीपों और 12 देशों में नागरिक अधिकार आंदोलन का प्रेरणास्त्रोत बताया जाता है। अपने लोगों को समान अधिकार दिलाने की जंग में मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्सन मंडेला जैसे नेताओं ने गांधी जी के विचारों से प्रेरणा ली।

महात्मा गांधी की शवयात्रा आठ किलोमीटर लंबी थी। बताया जाता है कि उनकी शव यात्रा के साथ करीब 10 लाख लोग चल रहे थे और 15 लाख लोग रास्ते में खड़े थे।

जिन अंग्रेजों के खिलाफ गांधी जी ने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी उसी ब्रिटेन ने उनकी हत्या के 21 सालों बाद उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया।

महात्मा गांधी ने अपने जीवन में हर रोज करीब 18 किलोमीटर का सफर तय किया इस हिसाब से देखें तो उन्होंने दो बार पूरी दुनिया घूम ली थी।

गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका के किसानों की लड़ाई के दौरान सेना में नौकरी की थी। युद्ध की भयावहता महसूस करने के बाद उन्होंने हिंसा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

गांधी जी कई अंतर्राष्ट्रीय लोगों को चिट्ठी लिखा करते थे। उन्होंने हिटलर, टॉल्सटॉय और आइंस्टीन को पत्र लिखे थे।

भारत के स्वतंत्र होने के बाद पहली बार संविधान सभा में जब प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने भाषण दिया था उस दौरान गांधी जी वहां पर मौजूद नहीं थे।

महात्मा गांधी की हत्या के दौरान पहने हुए कपड़े मदुरै के गांधी म्यूजियम में अभी तक सुरक्षित रखे गए हैं।

अपने जीवन के आखिरी कुछ सालों में वह किसी भी राजनीतिक दल में आधिकारिक पद पर नहीं रहे।

अपनी मृत्यु से एक दिन पहले वह कांग्रेस पार्टी को खत्म करने का विचार कर रहे थे। 'द कलेक्टेड वर्क्स ऑफ़ महात्मा गांधी वॉल्यूम 90' में इस बात का जिक्र है। कांग्रेस का गठन स्वतंत्रता हासिल करने के लिए किया गया था और जब देश आजाद हो गया था तो गांधी जी चाहते थे कि अब कांग्रेस राजनीति ना करे।

ऐपल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब महात्मा गांधी के फैन थे। गोल फ्रेम का चश्मा वह गांधी जी को सम्मान देने के लिए पहनते थे।

भारत में 53 और पूरी दुनिया में 48 ऐसे छोटे-बड़े रोड हैं जिनका नाम गांधी जी के नाम पर रखा गया है।

महात्मा गांधी आईरिश लहजे में अंग्रेजी बोलते थे। इसका कारण यह था कि अंग्रेजी के उनके पहले अध्यापक आईरिश थे।

गांधी जी अपने नकली दांत अपनी धोती में रखते थे। वह उनका इस्तेमाल केवल खाना खाने के समय ही करते थे।

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