दाल डिप्लोमेसीः भारत का मोजाम्बिक से करार, मोदी ने कहा, अफ्रीका ने गढ़ी प्रवासियों की पहचान

दाल डिप्लोमेसीः भारत का मोजाम्बिक से करार, मोदी ने कहा, अफ्रीका ने गढ़ी प्रवासियों की पहचान मापुतो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां गुरुवार को कहा कि अफ्रीका ही वह भूमि है जिसने अप्रवासी भारतीयों की पहचान गढ़ी। अफ्रीका दौरे पर यहां आए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों के साथ संक्षिप्त मुलाकात के दौरान कहा, "अफ्रीका ही वह धरती है जिसने अप्रवासी भारतीयों की पहचान गढ़नी शुरू की।"

उन्होंने आगे कहा, "आप सभी ने भले स्थानीय समाज और सभ्यता को अपना लिया, लेकिन इसके बावजूद आपने भारतीयपन को भी खुद में बचाए रखा है।"

मोजाम्बिक में भारतीय मूल के करीब 20,000 लोग निवास करते हैं। मोदी ने कहा कि अफ्रीका ने भारत की एक अंतर्राष्ट्रीय पहचान स्थापित करने में योगदान दिया है।

मोदी ने कहा, "अफ्रीका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने भारत की वैश्विक पहचान स्थापित करने में अपना योगदान दिया।"

भारतीय समुदाय के लोगों के साथ मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना हो गए।

भारत ने गुरुवार को अफ्रीकी देश मोजाम्बिक के साथ तीन समझौते किए, जिसमें दाल आयात के लिए एक दीर्घकालिक समझौता भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोजाम्बिक के राष्ट्रपति फिलिप न्यूसी की अध्यक्षता में हुए प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

दोनों देशों ने इस बीच इस दौरान युवा एवं खेल मामले पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन-पत्र पर भी हस्ताक्षर किए।

इसके अलावा औषधि की मांग में कमी और नशीले पदार्थो की अवैध तस्करी पर रोकथाम के लिए भी एक समझौता किया गया।

प्रधानमंत्री गुरुवार को चार देशों की अफ्रीका यात्रा के पहले दिन मोजाम्बिक पहुंचे और मोजाम्बिक के साथ तीन समझौते किए। मोजाम्बिक और दक्षिण अफ्रीका के अलावा मोदी इस यात्रा के दौरान तंजानिया और केन्या का दौरा भी करेंगे।
अन्य अफ्रीका लेख
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack