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महिला पत्रकार सामाजिक बदलाव की प्रति‍निधि: मेनका गांधी

महिला पत्रकार सामाजिक बदलाव की प्रति‍निधि: मेनका गांधी नई दिल्ली: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत पत्र सूचना कार्यालय के सहयोग से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आज पहली बार नई दिल्‍ली में एक ‘अखिल भारतीय महिला पत्रकार कार्यशाला’ का आयोजन किया जिसमें एक साथ देश के 30 राज्‍यों/केन्‍द्रशासित प्रदेशों के 120 मीडिया संस्‍थानों से 250 से ज्‍यादा पत्रकारों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उद्घाटन महिला और बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में देश भर से प्रिंट, इलेक्‍ट्रॉनिक तथा ऑनलाइन मीडिया सहित छोटे तथा क्षेत्रीय मीडिया संस्‍थानों की महिला पत्रकारों ने भाग लिया।

पत्रकारों को सम्‍बोधित करते हुए मेनका गांधी ने कहा कि हम सभी को मीडिया की शक्ति के बारे में पता है और मीडिया की पहुंच एक परिवर्तन के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर सकती है।

उन्‍होंने कहा कि सही और सटीक जानकारी के साथ पत्रकारों को सशक्‍त करने की जरूरत है जिससे समाज में एक बड़ा बदलाव हो सकता है। उन्‍होंने पत्रकारों से दो-तरफा संवाद करने का आग्रह किया जिससे जमीनी स्‍तर से जुड़े लोगों की आवाज सरकार तक पहुंच सके।

मेनका गांधी ने पिछले दो साल के दौरान महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा उठाये गये विभिन्‍न कदमों के बारे में व्‍यापक जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि उनका मंत्रालय किस तरह पहली बार महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर कार्य कर रहा है।

अपने मंत्रालय की जानकारी देते हुए मेनका गांधी ने मंत्रालय द्वारा शुरू किये गये विभिन्‍न कार्यक्रमों- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला ई-हार्ट, मोबाइल पर पैनिक बटन, वैवाहिक वेबसाइटों के लिए दिशा-निर्देश, पुलिस बलों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण, जेंडर चैम्पियन स्‍कीम, गुमशुदा बच्‍चों की तलाश के लिए रेलवे के साथ उठाये गये महत्‍वपूर्ण कदम, जंक फूड से संबंधित दिशा-निर्देश जैसे महत्‍वपूर्ण कदमों के बारे में जानकारी दी।  

मेनका गांधी ने महिलाओं और बच्चों से संबंधित सभी मुद्दों पर प्रतिक्रिया और सुझाव देने के लिए पत्रकारों को प्रोत्साहित किया। पत्रकारों से अपील करते हुए कहा कि आप वैसे मामलों जैसे गोद लेने से संबंधित समस्याएं, बच्चों के पोषण, महिलाओं की सुरक्षा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम और साथ ही महिलाओं की नीति के लिए सुझाव भी पेश करें।

वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस अवसर पर सरकार की दो साल की उपलब्धियों और नई पहल के बारे में एक प्रस्तुतिकरण दिया। वाणिज्य मंत्री के साथ बात-चीत में महिला पत्रकारों ने आम आदमी से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा की।    

महिला एवं बाल विकास सचिव लीना नायर ने पत्रकारों को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के इतिहास, मंत्रालय के काम करने के अवसर और मंत्रालय द्वारा हाल ही में किए गए प्रयासों का ब्यौरा दिया।

कार्यक्रम स्थल के बाहर एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था जिसमें चाइल्डलाइन की लाइव निगरानी प्रणाली-चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और जिला स्तर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए किए गए प्रयासों के बारे में दिखाया गया था।
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