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कम कीमत ने भारत में बढ़ाया चीनी स्मार्टफोन का बाजार

कम कीमत ने भारत में बढ़ाया चीनी स्मार्टफोन का बाजार नई दिल्ली: चीन की स्मार्टफोन कंपनियों ने ‘सस्ता रोए बार-बार, महंगा रोए एक बार’ के मुहावरे को पलट कर रख दिया है। देश के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार को कड़ी टक्कर देने के बाद चीन की स्मार्टफोन कंपनियां अपने सस्ते लेकिन बेहतरीन फीचर्स से भरपूर फोन की बदौलत घरेलू स्मार्टफोन बाजार पर तेजी से कब्जा जमा रही हैं। चीनी कंपनियां लुभावनी नीतियों और बेहतरीन रणनीति के साथ भारतीय ग्राहकों का ध्यान खींच रही हैं।

कम कीमत में आकर्षक फीचर्स और बेहतरीन डिजाइन वाले ये चीनी स्मार्टफोन युवाओं में काफी लोकप्रिय भी हैं। घरेलू बाजार में चीन के स्मार्टफोन ब्रांड की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है। लेनोवो, हुवेई, श्याओमी, जेडटीई, वीवो और जियोनी जैसे चीनी ब्रांड इंटेक्स, एप्पल, माइक्रोमैक्स, कार्बन, लावा, सैमसंग और एलजी को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

चीन की कंपनियों ने ऑनलाइन माध्यमों का कारगर ढंग से इस्तेमाल कर अपनी प्रचार-प्रसार नीति अपनाई है। ‘साइबरमीडिया रिसर्च’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी स्मार्टफोन कंपनियों ने ऑनलाइन मीडिया का बड़ी चतुराई और प्रभावशाली ढंग से इस्तेमाल किया है। कम इंवेंट्री के जरिए कीमतों को नियंत्रित बनाए रखना एक सफल रणनीति है।

चीनी ब्रांड मार्केटिंग रणनीति के तहत भारत में निवेश कर रही है। चीनी ब्रांड कई वर्षो के शोध के बाद अपना उत्पाद बाजार में पेश करते हैं। युवाओं को ध्यान में रखकर उत्पादों में फीचर्स को तरजीह देते हैं और कीमतों का स्तर इतना कम होता है कि ना चाहते हुए भी भारतीय ग्राहक चीनी स्मार्टफोन खरीदने से खुद को रोक नहीं पाते।

गौरतलब है कि चीन की एक प्रमुख स्मार्टफोन कंपनी ‘वीवो’ कम कीमत पर स्मार्टफोन भारतीय बाजार में उतार रही है। कंपनी अपने स्मार्टफोन को अमूमन, 5,000 से 6,000 रुपये तक की दर से बाजार में बेच रही है। इसके साथ ही मुफ्त में सेल्फी स्टिक और अन्य आकर्षक उपहार देकर ग्राहकों की संख्या में इजाफा कर रही है।

कंपनी ने भारतीय बाजार में इंडियन प्रीमियर लीग के टाइटिल स्पांसर के तौर पर जुड़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी जिसके बाद कंपनी ने तेजी से अपने पैर पसार दिए, वहीं जियोनी और ओप्पो जैसे ब्रांड हिन्दी के बड़े मनोरंजन चैनलों पर बड़े टेलीविजन कार्यक्रम प्रायोजित कर रहे हैं। टेक ब्रांडों के विशेषज्ञ कुणाल शाह कहते हैं, चीन की कंपनियां मार्केटिंग में पारंगत होती हैं।

कब, किस समय क्या बेचना है, वह चीन की कंपनियों से बेहतर कोई नहीं जानता। उत्पाद को तैयार करने से लेकर उन्हें बेचने तक में एडी से लेकर चोटी तक का जोर लगा दिया जाता है।” चीनी स्मार्टफोन को भारत में मिल रही इस कामयाबी से उत्साहित वहां की करीब 45 छोटी-बड़ी कंपनियां भारतीय बाजार में कदम रखने की तैयारी कर रही हैं।

चीन की ही एक स्मार्टफोन कंपनी ‘लेइको’ ने हाल ही में अपने दो सुपरफोन बहुत ही कम दामों पर बाजार में उतारे हैं और जल्द ही जोपो, यूएमई, जियायू, मोगू जैसे चीनी मोबाइल ब्रांड भी भारतीय बाजार को गंभीरता से ले रहे हैं। जानकारों के अनुसार, अधिकांश चीनी कंपनियां देश के छोटे शहरों को लक्ष्य करके भारत में अपना कारोबार बढ़ाना चाहती हैं।

चीनी कंपनियां फिलहाल किफायती कीमतों पर ढेर सारे आधुनिक फीचर देने के चलते देश में हर माह दो से तीन लाख स्मार्टफोनों की बिक्री कर रही हैं। इन मोबाइल की कीमत 3,000 से लेकर 40,000 रुपये तक है। चीनी मोबाइल कंपनियां बाजार में सीधे अपने हैंडसेट उतारने के साथ ही ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल भी कर रही हैं।

चीनी मोबाइल बाजार में हिस्सेदारी के मामले में एप्पल को पीछे छोड़ चुकी जियोनी ने भारत में अपने हैंडसेट की ऑनलाइन बिक्री के लिए ई-शॉपिंग पोर्टल ‘जाबोंग’ के साथ करार किया। भारतीय बाजार को गंभीरता से लेने का एक कारण यह भी है कि चीन में स्मार्टफोन बाजार ठंडा पड़ गया है।

वहां चीनी ब्रांड के मोबाइल फोन की मांग सुस्त पड़ गई है, जिस वजह से भी चीन की स्मार्टफोन कंपनियों ने भारत, फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे एशियाई देशों में अपना कारोबार बढ़ा रही हैं। लेइको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम मोक के मुताबिक, “भारत में स्मार्टफोन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। भारत एक युवा देश है और यहां युवाओं में स्मार्टफोन को लेकर खासा क्रेज है, जो भविष्य में और बढ़ने वाला है।

भारतीय युवाओं की बात करें तो आजकल युवाओं में एक अच्छा स्मार्टफोन स्टेटस सिंबल बन गया है। ऐसे युवाओं की भी कमी नहीं है, जो कपड़ों की तरह स्मार्टफोन बदलने में यकीन रखते हैं। हर तीसरे, चौथे महीने फोन बदलना आम बात हो गई है। ऐसे में चीन के सस्ते और आकर्षक स्मार्टफोन इनकी पहली पसंद बन गए हैं।

यदि भारतीय मोबाइल बाजार में चीनी कंपनियों का दबदबा इसी तरह बढ़ता रहा, तो घरेलू कंपनियों के कारोबार को बड़ी चोट पहुंचेगी। घरेलू कंपनियों को चीनी ब्रांडों को टक्कर देने के लिए उन्नत तकनीक और बेहतर फीचर वाले चीनी स्मार्टफोन की तर्ज पर सस्ते और आकर्षक फोन पेश करने पड़ेंगे।
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