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इंदिरा गांधी की 98वीं जयंती: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि

इंदिरा गांधी की 98वीं जयंती: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि नई दिल्ली: देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 98वीं जयंती है। इंदिरा गांधी ही वो नेता थीं जो गूंगी गुड़िया कहलाने के बाद दुर्गा कहलायी और इमरजेंसी के बाद उन्हें खलनायिका भी कहा गया था।

वहीं राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा कांग्रेस और अन्य नेताओं ने इंदिरा गांधी के स्मारक शक्ति स्थल पर जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इंदिरा की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया इंदिरा जी को जयंती पर श्रद्धांजलि।

आपको बता दें, इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 को हुआ था। वह देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की एकमात्र संतान थीं। वह 1966 से 1977 तक और फिर 1980 से 31 अक्टूबर, 1984 तक अपनी हत्या होने तक देश की प्रधानमंत्री रहीं।

इंदिरा गांधी ही वो नेता थीं जिसने असल मायनों में “गरीबी हटाओ” के नारे को सार्थक किया था। लेकिन चूक तो उनसे भी हो गई थी। गूंगी गुड़िया कहलाने वाली इंदिरा समय रहते देश में दुर्गा भी कहलायी और इमरजेंसी के बाद उन्हें खलनायिका भी कहा गया।
 
एक जमाने में इंदिरा गांधी बहुत कम बोलने के लिए जानी जाती थीं। उनकी इस आदत से नेहरूजी भी परेशान रहते थे। कांग्रेस के अधिवेशन में भी वह कम ही बोलती थीं। वह सबसे पहले लाल बहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनीं।

शास्त्री जी के निधन के बाद 1966 में वह प्रधानमंत्री बनी। एक समय ‘गूंगी गुडिया’ कही जाने वाली इंदिरा गांधी तत्कालीन राजघरानों के प्रिवी पर्स को समाप्त कराने को लेकर उठे तमाम विवाद के बावजूद प्रस्ताव को पारित कराने में सफलता हासिल की।

बात साल 1971 की है। जनता पार्टी के नेता अटल बिहारी वाजपेयी लोकसभा में विपक्ष के नेता थे। इस समय इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं। अटलजी ने एक बहस के दौरान इंदिरा गांधी की तुलना देवी दुर्गा से कर दी।

उन्होंने ये बात उस संदर्भ में कही थी जब भारत को पाकिस्तान पर 1971 की लड़ाई में जीत हासिल हुई थी। पाक के 93 हजार सैनिकों ने भारत की सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था।

एक दौर था जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राजनीतिक गलियारों में मोम की गूंगी गुड़िया कहा जाता था। 26 जून 1975 की सुबह जैसे ही रेडियो पर देशवासियों ने उनकी आवाज सुनी और उन्होंने जो कहा उसे सुन दंग रह गए।

इंदिरा ने कहा - देश में आपातकाल लगा दिया गया है। देश के संविधान को भंग कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इमरजेंसी क्यों लगाया गया है। साथ ही, यह भी कहा कि इससे डरने की जरूरत नहीं है।

उस समय देश में ‘इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा’ का नारा जोर शोर से गूंजने लगा। इंदिरा गांधी के लिए 1980 का दशक खालिस्तानी आतंकवाद के रूप में बड़ी चुनौती लेकर आया। जून 1984 में इंदिरा ने सेना को मंदिर परिसर में घुसने और ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाने का आदेश दिया।

31 अक्टूबर, 1984 को उनकी सुरक्षा में तैनात दो सुरक्षाकर्मियों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने उन्हें गोली मार दी। दिल्ली के एम्स अस्पताल ले जाते रास्ते में ही इंदिरा गांधी का निधन हो गया।
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