दादरीकांड और गुलाम अली पर बोले प्रधानमंत्री मोदी, कहा- केंद्र ही दोषी नहीं

दादरीकांड और गुलाम अली पर बोले प्रधानमंत्री मोदी, कहा- केंद्र ही दोषी नहीं नई दिल्ली: दादरीकांड पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुलकर बात की है. आनंद बाजार पत्रिका से पीएम मोदी ने दादरीकांड से लेकर मुंबई में ग़ज़ल गायक गुलाम अली के विरोध और सुधींद्र कुलकर्णी पर कालिख पोतने की घटनाओं पर चर्चा की. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है दादरी की घटना या पाकिस्तानी गायक के विरोध की घटना दुखद है, मगर इन घटनाओं में केंद्र सरकार की क्या भूमिका है?

मोदी ने आनंद बाजार पत्रिका से कहा, "पहले भी ये विवाद हुआ है. बीजेपी ने हर समय छद्म धर्मनिरपेक्षता का विरोध किया है. आज इन दुखद घटनाओं के जरिए फिर से वो विवाद उठा रहे हैं. बातचीत से इसका समाधान संभव है. बीजेपी कभी भी ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करती."

दादरी कांड पर मोदी ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा है, 'इन घटनाओ के जरिए विपक्ष बीजेपी पर सांप्रदायिकता का आरोप लगा रहा है मगर क्या विपक्ष खुद इनके लिए ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं कर रहा है?'

दादरी हत्याकांड, एएम कलबुर्गी की हत्या, पाकिस्तानी गायक गुलाम अली का विरोध, खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब के विमोचन का विरोध, सुधींद्र कुलकर्णी पर स्याही फेंकना, इन असहिष्णु घटना पर मोदी चुप क्यों हैं? ये सवाल बार-बार उठ रहा है.

विरोधियों का कहना है, 'मोदी छोटी बड़ी हर घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं लेकिन इनका चुप रहना एक रणनीति है. बिहार में सांप्रदातियक बंटवारा को बीजेपी और बढ़ावा देना चाहती है.?
 
पीएम मोदी ने विरोधियों के इन आरोपों को नकार दिया है. पीएम ने कहा है कि बीजेपी ऐसी घटना का समर्थन नहीं करती है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि दादरी वाली घटना की उम्मीद नहीं थी. उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीति सबको साथ लेकर और सबके विकास की है. प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी इस तरह की घटनाओं का समर्थन नहीं करती. उन्होंने कहा कि विपक्ष साम्प्रदायिक कार्ड खेलकर समाज को बांटने का काम कर रहा है और बिहार चुनावों के मद्देनजर हमपर झूठे आरोप लगा रहा है.

प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली के मुंबई में कार्यक्रमों को लेकर विवाद को भी अफसोसजनक करार दिया. गौरतलब है कि शिवसेना के विरोध के बाद गुलाम अली के मुंबई और पुणे में होने वाले कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा था.

शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र की सरकार में बीजेपी की सहयोगी है, लेकिन हाल की घटनाओं को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद उभरकर सामने आया है .

आपको बता दें कि दादरी कांड पर लंबी खामोशी के बाद पीएम मोदी ने बिहार चुनाव प्रचार के दौरान अपनी जुबान खोली थी और कहा था कि हिंदू-मुसलमान लड़े नहीं, बल्कि गरीबी और भूख के खिलाफ लड़े.

हालांकि, मोदी के पीएम बनने के बाद सांप्रदायिक जुनून के बढ़ने और लेखकों की हत्याओं के विरोध में एक के बाद एक कई लेखकों ने अपने सम्मान लौटाए हैं.

पढ़िए इंटरव्यू की ये 10 खास बातें...

1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर मिथ्या धर्मनिरपेक्षता को अपनाने और ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और साथ ही दादरी हत्याकांड तथा मुंबई में गुलाम अली का कंसर्ट रद्द होने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया, लेकिन यह भी कहा कि सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है.

2. प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि वह संप्रदायवाद का हौव्वा खड़ा कर अल्पसंख्यकों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रही है.

3. नरेंद्र मोदी ने कहा कि दादरी घटना या पाकिस्तानी गायक का विरोध अस्वीकार्य और दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इन घटनाओं से केंद्र सरकार का क्या संबंध है.

4. यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने दादरी घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जहां गौमांस खाने की अफवाहों पर एक मुस्लिम की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. हालांकि प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह पुरजोर अपील करते हुए कहा था कि हिंदुओं और मुस्लिमों को एक दूसरे से नहीं, बल्कि गरीबी से लड़ना चाहिए. उन्होंने सहिष्णुता और आपसी सम्मान जैसे मूल भारतीय मूल्यों को बनाए रखने के राष्ट्रपति के आहवान का भी हवाला दिया था. प्रधानमंत्री ने दादरी घटना पर चुप्पी के लिए विपक्ष की आलोचनाओं की जद में आने के बाद पिछले सप्ताह एक चुनाव सभा में इस बारे में टिप्पणी की थी.

5. ऐसी घटनाओं पर अपनी पार्टी के दृष्टिकोण के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने कहा कि भाजपा ने कभी ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं किया. विपक्ष ऐसे मुद्दे उठाकर भाजपा के खिलाफ संप्रदायवाद का हौव्वा खड़ा कर रहा है, लेकिन क्या वे खुद ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं कर रहे हैं.

6. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले भी इस प्रकार की बहस होती रही है। भाजपा ने हमेशा छद्म धर्मनिरपेक्षता का विरोध किया है. अब फिर से दुर्भाग्यपूर्ण सामाजिक बेचैनी के बीच इस प्रकार की बहस हो रही है.

7. मोदी ने कहा कि इस बहस को वार्ता और विचार विमर्श के जरिए सुलझाया जा सकता है.

8. मोदी ने दावा किया कि वे पार्टियां जो इस प्रकार का दुष्प्रचार फैला रही हैं, वे अल्पसंख्यकों का विकास नहीं चाहती और उन्हें वोट बैंक के रूप में देखती हैं.

9. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दादरी घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे सांप्रदायिक रंग देने के लिए विपक्ष की आलोचना की है.

10. मोदी ने कहा कि देश में एकजुटता बेहद जरुरी है. देश का विकास साम्प्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे से ही संभव है. प्रधानमंत्री के इस बयान को उन लोगों के लिए एक कडा संदेश समझा जा रहा है, जो दादरी घटना को लेकर देश में साम्प्रदायिक सौहार्द को अपने राजनीतिक फायदे के लिए बिगाड़ने की जुगत में हैं.
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