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राजीव गांधी की जयंती: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलि

जनता जनार्दन डेस्क , Aug 20, 2015, 13:15 pm IST
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राजीव गांधी की जयंती: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलि नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 71वीं जयंती पर गुरुवार को कृतज्ञ राष्ट्र ने उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गांधी के समाधि स्थल वीर भूमि पर जाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राजीव गांधी की पत्नी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके पुत्र और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पुत्री प्रियंका वाड्रा और दामाद राबर्ट वाड्रा ने भी दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारत के नौवें प्रधानमंत्री भारतरत्न राजीव गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी के पुत्र और भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और आधुनिक भारत के निर्माता पं. जवाहरलाल नेहरू के पौत्र थे। उनका जन्‍म 20 अगस्‍त 1944 को मुंबई में हुआ था।

उन्होंने शुरुआती शिक्षा देहरादून के मशहूर दून स्‍कूल से ली थी. इसके बाद 1961 में वह लंदन चले गये और वहां पर उन्होंने कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज और इम्पीरियल कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की थी।
कैम्ब्रिज में ही राजीव गांधी की मुलाकात एन्टोनिया मैनो से हुई जो इटली की नागरिक थी, जिनसे 1968 में उन्‍होंने शादी की।

एन्टोनिया मैनो कोई और नहीं बल्कि सोनिया गांधी ही हैं, जिन्हें शादी के बाद यह नाम मिला।राजीव और सोनिया की दो बच्चे हैं। पुत्र राहुल का जन्म 1970 और पुत्री प्रियंका का जन्म 1972 में हुआ।राजीव गांधी के बारे में ये माना जाता था कि वह राजनीति में नहीं आना चाहते थे और वह एक एयरलाइन्स में पायलट की नौकरी करते थे।

लेकिन पहले भाई संजय गांधी की विमान हादसे में मौत और फिर मां इंदिरा गांधी की हत्‍या की वजह से उन्‍हें राजनीति में आना पड़ा। आपातकाल के बाद जब इंदिरा गांधी को सत्ता छोड़नी पड़ी थी, तब कुछ समय के लिए राजीव परिवार के साथ विदेश में रहने चले गए थे।

लेकिन 1980 में अपने छोटे भाई संजय गांधी की एक हवाई जहाज दुर्घटना में असामयिक मृत्यु के बाद मां इंदिरा को सहयोग देने के लिए 1982 में राजीव गांधी ने राजनीति में प्रवेश लिया।1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी भारी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने थे। उसके बाद 1989 के आम चुनावों में कांग्रेस की हार हुई और पार्टी दो साल तक विपक्ष में रही।

प्रधानमंत्री के रूप में राजीव गांधी ने 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 तक देश की बागडोर संभाली।
राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में चुनाव प्रचार के दौरान 21 मई 1991 को हत्या कर दी गई थी। इस हमले को लिट्टे के आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। राजीव गांधी उस वक्त चुनाव प्रचार के सिलसिले में श्रीपेरंबदूर गए हुए थे।

एक आमसभा को संबोधित करने के दौरान उनके बहुत सारे प्रशंसक उनका स्वागत करने के लिए उन्हें फूलों की माला पहना रहे थे। इसी का फायदा उठाते हुए हमलावर ने एक आत्मघाती विस्फोट को अंजाम दिया था, जिसमें राजीव गांधी की मौत हो गई थी।

राजीव गांधी के लिए पंचायती राज संसाधनों के मुफ्त बंटवारे का तंत्र नहीं था, यह स्थानीय संसाधनों के समुचित इस्तेमाल का सांगठनिक तरीका था।विकेंद्रीकरण, तकनीक के प्रयोग, संसाधन आधारित कृषि विकास, आर्थिक सुधार और भारत को स्वतंत्र महाशक्ति बनाने की सोच इसी युवा प्रधानमंत्री ने विकसित की थी।
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