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हार की खींझ उतारने के लिए कांग्रेस मांग रही इस्तीफा : शिवराज सिंह

हार की खींझ उतारने के लिए कांग्रेस मांग रही इस्तीफा : शिवराज सिंह नई दिल्ली: व्यापमं घोटाला मामले में अपने इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस अपनी चुनावी पराजय की खींझ उतारने के लिए पिछले 10 सालों से उनका इस्तीफा मांग रही है और इस मामले में सच जल्द ही सामने आ जाएगा।

विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस द्वारा उनके इस्तीफे की मांग के संबंध में किए गए एक सवाल के जवाब में शिवराज सिंह चौहान ने एक लिखित साक्षात्कार में कहा, ‘व्यापमं की जांच मैंने ही शुरू करवाई। इसकी मांग किसी अन्य ने नहीं की थी। एसटीएफ को भी जांच की जिम्मेदारी मैंने ही हस्तांतरित की थी, तब इस्तीफा देने का प्रश्न कहां उठता है।’

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मध्यप्रदेश के मु़ख्यमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस को मेरा इस्तीफा मांगने की जगह अपनी पार्टी की फ्रिक करनी चाहिए। कांग्रेसजन लगातार पिछले 10 वर्ष से हर चुनाव में हार का सामना करने की खींझ मेरे इस्तीफे की मांग कर उतारते रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि इसकी बजाय उन्हें (कांग्रेस) जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका अदा करनी चाहिए।

कांग्रेस समेत विपक्षी दल व्यापमं मामले में शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और यह मुद्दा चालू मानसून सत्र के दौरान संसद में भी उठा जिससे सदन की कार्यवाही बधित हुई है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा के तुरंत उनके बचाव में नहीं आने की बात से इंकार करते हुए शिवराज ने कहा, ‘इसमें कोई तथ्य नहीं है। न ही इसमें कोई सत्यता है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर दोनों पर पार्टी का मुझपर विश्वास रहा है और रहेगा। केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी का मुझे पूर्ण समर्थन प्राप्त है। यह भारतीय जनता पार्टी ही है जिसने मेरे जैसे साधारण कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री जैसे पद पर बिठाया।’

इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनकी चर्चा होने के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अनुभवी वैश्विक राजनेता के साथ सजग और कुशल प्रशासक भी हैं। मैंने व्यापमं के तथ्यों और सत्यता से उन्हें अवगत कराया है।’  यह पूछे जाने पर कि उमा भारती एवं पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा उन्हें व्यापमं मामले में फंसाये जाने की आशंका व्यक्त करने संबंधी खबरें आई है, शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘उमा भारती हमारी सम्मानित नेता है। वे प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री होने के साथ वर्तमान केंद्रीय मंत्री भी हैं। उन्होंने कभी ऐसा नहीं कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है। मेरी जानकारी में यह आया है कि उनका यह कहना था कि वे मुझसे इस मामले की सघन जांच संबंधी बात करेंगी। इस बारे में मुझे इतना ही कहना है।’

यह पूछे जाने पर कि क्या व्यापमं भ्रष्टाचार का गंभीर मामला नहीं है, चौहान ने कहा, ‘व्यापमं को मैं भ्रष्टाचार के मामले के साथ ही परीक्षा तंत्र में व्याप्त खामियों, परीक्षा प्रणाली की सघन मानीटरिंग न होने और टेक्नोलाजी के दुरूपयोग का नतीजा मानता हूं। नि:संदेह इसमें भ्रष्टाचार हुआ होगा। अब चूंकि सीबीआई जांच कर रही है, तो किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के पहले हमें जांच के परिणामों की प्रतीक्षा करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी को नहीं बख्शा जायेगा, चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों न हो।

इस मामले में कांग्रेस पार्टी पर लोगों में भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए शिवराज ने कहा कि कांग्रेस एक षड्यंत्र के तहत सोच समझकर इस तरह का भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस भ्रम के जाल में नहीं आने वाली है। ‘उनका (कांग्रेस) जनाधार प्रदेश में खत्म हो गया है, इसलिए वह झूठे आरोपों के बल पर अपनी उपस्थिति को बनाये रखने की कोशिश कर रही है।’ इस मामले में आरोप लगाने वाले कांग्रेसी नेताओं का नाम लिये बिना उन्होंने दावा किया कि सामंती सोच के लोगों को यह हजम नहीं हो रहा है कि किसी साधारण किसान के पुत्र के मुख्यमंत्री रहते हुए मध्यप्रदेश तरक्की करे। उनके पास एक ही चारा है कि किसी तरह मुझे बदनाम किया जाए।

शिवराज ने कहा, ‘हर चुनाव में जनता मेरी पार्टी और मेरी बात पर मुहर लगा रही है, तो कांग्रेस कैसे कह सकती है कि मैंने जनता का भरोसा खो दिया है।’ यह पूछे जाने पर कि व्यापमं मामले में 47 मौतों की खबर के बारे में उनका क्या कहना है, शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘मेरे लिये एक भी मृत्यु दुखद है। मुझे यह भी दुख है कि कांग्रेस मृतकों के परिजनों से सहानुभूति रखने की बजाए कुत्सित राजनीति कर रही है और आंकड़ों को बढ़ा चढ़ा कर बता रही है। यह जांच को भटकाने की साजिश है। अब चूंकि जांच सीबीआई के पास है, मुझे पहले से ही विश्वास है कि सीबीआई इस दिशा में पहल करके सत्य को सामने लाने में सफल होगी।’

देरी से और कई तरह की घटनाओं के सामने आने के बाद सीबीआई जांच कराने के औचित्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि व्यापमं प्रकरण सामने आने के बाद ही इंदौर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया, फिर एसटीएफ ने प्रकरण दर्ज करके विवेचना प्रारंभ की। उच्च न्यायालय की निगरानी एवं एसआईटी की निगरानी में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के तहत समयबद्ध जांच करके चालान प्रस्तुत किये गए। इसलिए जांच में कोई विलंब नहीं हुआ। सीबीआई देश की प्रतिष्ठित एवं विश्वसनीय जांच संस्था है। ‘मेरा विश्वास है कि जनता के सामने सच जल्दी आ जायेगा।’

यह पूछे जाने पर कि क्या व्यापमं मामले से मध्यप्रदेश की छवि को चोट नहीं पहुंची है, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह सही है। मुझे आज इस बात की चिंता है कि मध्यप्रदेश के होनहार बेटे बेटियों को जो अपनी प्रतिभा से आगे आए है, उन्हें भी प्रदेश से बाहर व्यापमं से जोड़कर देखे जाने की बात होने लगी है। इस संबंध में वर्तमान पीढ़ी कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।’ उन्होंने कहा कि इसके लिए कांग्रेस को खुद युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह राज्य में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने और इस धब्बे को मिटाने पर अडिग है और इस दिशा में बेहतर काम करने के लिए प्रयासरत हैं।
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